बर्ड फ्लू का कहर: पांच राज्यों में संक्रमण की पुष्टि, मध्यप्रदेश के आगर में चिकन बेचने पर लगी पाबंदी
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देश में कोरोना के साथ-साथ एक और संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के बाद अब हिमाचल प्रदेश और केरल में भी बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है। इन राज्यों में सैकड़ों पक्षियों को मार दिया गया है। केरल ने जहां राज्य में इसे राजकीय आपदा घोषित कर दिया है वहीं मध्यप्रदेश के आगर में चिकन बेचने पर पाबंदी लगा दी गई है।
वहीं इस मामले पर केंद्र ने कहा कि चार राज्यों-केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में 12 स्थानों पर एवियन इन्फ्लुएंजा या बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं तथा बत्तखों, कौओं एवं प्रवासी पक्षियों में बीमारी के और प्रसार को रोकने के लिए परामर्श जारी किया गया है।
मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अन्य राज्यों से पक्षियों की असामान्य मौत पर नजर रखने को कहा गया है। बर्ड फ्लू के नए मामले इसलिए भी चिंताजनक हैं क्योंकि अभी कुछ महीने पहले 30 सितंबर 2020 को भारत ने खुद को इस बीमारी से मुक्त घोषित किया था।
इधर केंद्रीय मंत्री संजीव बलयान का कहना है कि हमें पांच राज्यों हिमाचल प्रदेश, केरल, राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश से ए1 इंफ्लूएंजा की रिपोर्ट्स मिली हैं। हरियाणा में यह वायरस पोल्ट्री में संक्रमित हो गया है, जबकि बाकी राज्यों में जंगली और प्रवासी पक्षियों में ही इसे देखा गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये इंसानों में फैल सकता है लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। इसका कोई इलाज नहीं है। सभी राज्यों को सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक के बाद मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यहां किसी पोल्ट्री में बर्ड फ्लू नहीं मिला है। हम केरल और दूसरे प्रभावित राज्यों से पोल्ट्री उत्पाद (कुक्कुट) के परिवहन पर अस्थाई रोक लगा देंगे। हमने स्थिति पर नजर बनाई हुई है।
वहीं कर्नाटक के पोल्ट्री बोर्ड के अध्यक्ष कंथाराजू ने कहा है कि राज्य में अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है। कुछ चल रही अफवाहें हैं जो किसानों और पोल्ट्री फार्म मालिकों को नुकसान पहुंचा रही हैं। जिला प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है।
पर्यावरण मंत्रालय ने भी की पुष्टि
हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में प्रवासी पक्षियों सहित बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत की खबरें हैं। आईसीएआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई-सिक्योरिटी एनिमल डिसीज, भोपाल में नमूने के परीक्षण किए गए और यह H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस के लिए सकारात्मक पाया गया।
राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार ने दिल्ली में एक कंट्रोल रूम की स्थापना की है, ताकि राज्य अधिकारियों की ओर से किए जा रहे बचाव और नियंत्रण उपायों पर निगरानी की जा सके।
After confirmation of bird flu in Rajasthan, Madhya Pradesh, Himachal Pradesh & Kerala, Dept of Animal Husbandry & Dairying, GoI has set up a control room in New Delhi to take stock on a daily basis of preventive & control measures undertaken by State authorities: Govt of India
— ANI (@ANI) January 6, 2021
मध्यप्रदेश
मध्य प्रदेश में मरे हुए कौवों में घातक वायरस पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने राज्य में बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, मंदसौर में मृत मिले कौवों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी है।
राजस्थान
राजस्थान के बारां में 100 से ज्यादा पक्षियों की रहस्मयी मौत के बाद वन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। राजस्थान सरकार का कहना है कि अब तक की जांच में इंसानों के लिए कोई खतरे की बात नहीं है। राजस्थान के झालावाड़, कोटा समेत 16 जिलों में अब तक 625 पक्षी जान गंवा चुके हैं। झालावाड़ के पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि अभी तक 100 कौवों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा मोर, कबूतर और कोयल की मौत हुई है। कल 53 पक्षियों की मौत हुई थी। अभी तक इसके पीछे का संदिग्ध कारण बर्ड फ्लू ही नजर आ रहा है क्योंकि दूसरी कोई वजह नहीं है।
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पौंग झील अभयारण्य में अब तक 2739 प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन ने मुर्गिंयों, बतखों और अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी है। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद मृत पक्षियों को जमीन में दफनाया जा रहा है।
केरल
केरल के अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों में बर्ड फ्लू के एच5एन8 स्वरूप के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बत्तखों एवं मुर्गे-मुर्गियों समेत 69,000 से अधिक पक्षियों को मारा गया है।केरल के पशुपालन मंत्री के. राजू ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 19 त्वरित कार्रवाई बल दोनों जिलों में पक्षियों को मारने का काम कर रहे हैं और जिन क्षेत्रों में संक्रमण फैलने की आशंका है, उन्हें गुरुवार को संक्रमणमुक्त किया जाएगा। राजू ने कहा कि एन5एन8 वायरस से मनुष्यों के संक्रमित होने के अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के पक्षी प्रवासी पक्षियों से संक्रमित हुए हैं। अभी तक मनुष्यों के इस वायरस से संक्रमित होने का मामला सामने नहीं आया हैं। हालांकि इस वायरस के स्वरूप बदलने की आशंका है, इसलिए हमें सतर्क रहना होगा।’’
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पक्षियों के मांस एवं उनके अंडों की बिक्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा। मंत्री ने कहा, ‘‘राज्य कैबिनेट ने पक्षियों को मारने के लिए किसानों को मुआवजा देने के संबंध में फैसला करने के लिए आज बैठक की। दो महीने से अधिक आयु के मारे गए हर पक्षी के लिए 200 रुपए और दो महीने से कम आयु के पक्षियों के लिए 100-100 रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि जिन अंडों को नष्ट किया गया है, उनके लिए प्रति अंडा पांच रुपए मुआवजा दिया जाएगा। राजा ने बताया कि अलप्पुझा में 61,513 और कोट्टायम में 7,729 पक्षियों को मारा गया।
हरियाणा
अधिकारियों की माने तो हरियाणा के पंचकूला में पिछले दस दिन में चार लाख से ज्यादा पोल्ट्री पक्षियों की मौत हो गई है। हालांकि राज्य के पशुपालन और डेयरी विभाग का कहना है कि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि इन पक्षियों की मौत एवियन इन्फ्लुएंजा से हुई है या नहीं। इन पक्षियों के नमूने जालंधर भेज दिए गए हैं और अभी इनकी रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने पंचकुला जिले में निगरानी के लिए टीमों को तैनात कर दी है।
हिमाचल
हिमाचल प्रदेश के पशुपालन विभाग के अनुसार राज्य के सोलन जिले में लगभग 500 मुर्गियों को मृत पाया गया था। नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है।
उत्तराखंड
हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू की दस्तक को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य में मंगलवार को अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि राज्य में अभी तक किसी पक्षी की मौत का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कई राज्यों में बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अपने यहां पशुपालन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए हैं।
गुजरात
गुजरात में भी बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। यहां के जूनागढ़ जिले में खारो जलाशय में करीब 53 पक्षी मृत पाए गए हैं। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि जहरीले खाने की वजह से पक्षियों की मौत हुई है।