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Bird Flu: राजस्थान और मध्यप्रदेश के बाद केरल में भी बर्ड फ्लू की दस्तक, दो जिलों में मिले मामले
Mon, 04 Jan 2021 09:22 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 04 Jan 2021 09:22 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
कोरोना वायरस संक्रमण के बीच देश के कई हिस्सों में बर्ड फ्लू भी फैलने लगा है। हाल ही में केरल के कोट्टयम और अलप्पुझा जिलों के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। इसकी वजह से प्रभावित इलाकों के एक किलोमीटर के दायरे में मुर्गियों, बतखों और अन्य घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश जारी किया गया है। वहीं अब खबर है कि राजस्थान में रविवार को विभिन्न जिलों में 170 से अधिक पक्षियों की मौत हो गई है। इसके साथ ही यहां अब तक 425 से अधिक कौवों, बगुलों और अन्य पक्षियों की मौत हो चुकी है।
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मध्यप्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक जनवरी को एक हरे-भरे इलाके में कई कौए मृत पाए गए थे, जिनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षणों वाले मरीजों का पता लगाने के लिए अभियान की शुरुआत कर दी है।
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वहीं, राजस्थान में पिछले दिनों सैकड़ों पक्षियों की मृत्यु की जांच में बर्ड फ्लू के नमूने मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने इससे निपटने के लिए राज्य स्तरीय नियंत्रण स्थापित किया है। जानकारी के अनुसार यहां मरने वाले पक्षियों में सबसे ज्यादा संख्या कौवों की है और अधिकांश मामले कोटा और जोधपुर संभाग से सामने आए हैं।
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राजस्थान में पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी
राजस्थान कई जिलों में पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी है। रविवार को विभिन्न जिलों में 170 से अधिक पक्षियों की मौत हो गई। पशुपालन विभाग के अनुसार राज्य में 425 से अधिक कौवों, बगुलों और अन्य पक्षियों की मौत हो चुकी है।
झालावाड़ के पक्षियों के नमूनों को जांच के लिये भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजा गया था जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी जबकि अन्य जिलों के पक्षियों की मौत के नमूनों की जांच के परिणाम अभी तक नहीं मिले हैं।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. विरेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में अभी तक 425 पक्षियों की मौत हुई है उनमें अधिकतर कौवे हैं। केवल झालावाड़ा में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। अन्य स्थानों में मौत के नमूनों की जांच की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।
पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि पक्षी ठंड के कारण मर रहे हैं। माइक्रोबायोलॉजिस्ट और राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी साइंसेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ ए.के. कटारिया ने कहा कि महामारी विज्ञान में मौत के पैटर्न का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है और यह सुझाव देता है कि ठंड के कारण मौतें हुई हैं।
उन्होंने कहा कि हालांकि उन्होंने जांच रिपोर्ट नहीं देखी है लेकिन मौतों का पैटर्न ठंड के झटके से मौत का सुझाव देता है क्योंकि एवियन इन्फ्लूएंजा के स्पष्ट लक्षण हैं। डॉ. कटारिया ने बताया कि अधिकतर मौत कौवों की हुई है और अभी तक पोल्ट्री पक्षियों की नहीं हुई है।
पशुपालन विभाग के अनुसार रविवार को बीकानेर में 80, सवाईमाधोपुर में 42, कोटा-बांरा में 12-12, पाली-जयपुर में 8-8, दौसा में छह, जोधपुर में पांच और झालवाड में दो पक्षियों की मौत हुई है। राज्य के 15 जिलों में पक्षियों के मौत की जानकारी मिली है। विभाग के अधिकारियों ने 252 पक्षियों की मौत होने के बारे में बताया था।
मध्यप्रदेश के मंदसौर व खरगोन में भी कौओं की मौत
इंदौर के बाद मंदसौर और खरगोन में भी कौओं की मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। बता दें कि मंदसौर में पिछले तीन दिन के दौरान 170 कौओं की मौत हो चुकी है, जबकि खरगोन में भी 15 कौओं ने जान गंवाई है। ऐसे में इन दोनों जिलों में भी बर्ड फ्लू वायरस फैलने की आशंका बढ़ गई है।
हिमाचल: पौंग झील में हजारों प्रवासी पक्षियों की मौत
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की मौत का आंकड़ा हजारों तक पहुंच गया है। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते झील में पर्यटन सहित अन्य सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। मत्स्य आखेट पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। लोगों को झील के 1410 एरिया में न जाने की सूचना दी जा रही है।
बता दें कि पौंग झील में हर साल अक्तूबर से मार्च तक रूस, साइबेरिया, मध्य एशिया, चीन, तिब्बत आदि देशों से विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे परिंदे लंबी उड़ान भर यहां पहुंचते हैं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। वन्यप्राणी विभाग ने बर्ड फ्लू की आशंका के चलते झील में सभी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगा दी है।