Bird Flu In Kerala: कोट्टायम के दो इलाकों में फैला बर्ड फ्लू, कई पक्षी मारे गए, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव
कोट्टायम के पशु चिकित्सा प्रमुख ने बताया कि दो जगहों पर एच5एन1 वायरस का प्रकोप है। उन्होंने कहा, हमने उपाय किए हैं। कई पक्षी मारे गए हैं। क्षेत्र को कीटाणुरहित किया गया है। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है। उपकेंद्र अब सुरक्षित है।
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केरल के कोट्टायम के कुछ इलाकों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। कोट्टायम के पशु चिकित्सा प्रमुख ने बताया कि दो जगहों पर एच5एन1 वायरस का प्रकोप है। उन्होंने कहा, हमने उपाय किए हैं। कई पक्षी मारे गए हैं। क्षेत्र को कीटाणुरहित किया गया है। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है। उपकेंद्र अब सुरक्षित है। कल तक पोल्ट्री उत्पादों पर से प्रतिबंध हटाया जा सकता है।
बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इंफ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो पक्षियों से पक्षियों में और कभी-कभार इंसानों में भी फैलता है। यह वायरस ज्यादातर पक्षियों के लिए जानलेवा ही साबित होता है।
साल 2013 में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (पत्रिका) में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें बर्ड फ्लू के महामारी बनने के खतरों के बारे में अंदेशा जताया गया था। उस समय शोधकर्ताओं का कहना था कि खोज से इस वायरस के महामारी का रुप लेने की संभावनाओं का पता चलता है।
साल 2006 में तुर्की में भी बर्ड फ्लू के तेजी से फैलने की खबर सामने आई थी। इसी साल वहां जनवरी महीने में एच5एन1 (बर्ड फ्लू का एक स्ट्रेन) वायरस के कारण दो लोगों की मौत हुई थी जबकि 13 लोगों में इस बीमारी की पुष्टि की गई थी। उस समय संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था ने अंदेशा जताया था कि तुर्की में बर्ड फ्लू बीमारी एक महामारी का रूप ले सकती है, जिससे उसके पड़ोसी देशों को खतरा हो सकता है। हालांकि ऐसा कुछ हुआ नहीं था।
बर्ड फ्लू का कौन सा स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक?
बर्ड फ्लू के लगभग 15-16 स्ट्रेन हैं, जिसमें H5N1, H5N8, H7N3, H7N7, H7N9 और H9N2 आदि शामिल हैं। हालांकि बर्ड फ्लू के H7N9, H7N7 और H9N2 स्ट्रेन का इंसानों में संक्रमण कभी-कभार ही देखा गया है, जबकि H5N1 स्ट्रेन सबसे ज्यादा इंसानों को संक्रमित करता है और यह काफी खतरनाक भी है। दिल्ली में बर्ड फ्लू के H5N8 स्ट्रेन की पुष्टि हुई है।
भारत में बर्ड फ्लू का पहला मामला कब सामने आया था?
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2006 में अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की थी कि भारत के महाराष्ट्र राज्य में मुर्गियों में बर्ड फ्लू के वायरस पाए गए हैं। यह पहला मौका था जब दुनिया के अनेक देशों में फैल चुकी इस बीमारी के वायरस भारत में पाए गए थे। तब से लेकर लगभग हर साल किसी न किसी राज्य में बर्ड फ्लू के मामले सामने आते रहे हैं।