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Karnataka: CM सिद्धारमैया के बयान पर बायोकॉन प्रमुख का पलटवार, कहा- कोविड टीकों से मौत की बात पूरी तरह भ्रामक
Thu, 03 Jul 2025 03:14 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 03 Jul 2025 03:14 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि पिछले महीने में ही हासन जिले में दिल का दौरा पड़ने से 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी देना और जनता को वितरित करना भी इन मौतों का एक कारण हो सकता है।
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किरण मजूमदार शाॅ
- फोटो : instagram
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विस्तार
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के कोविड टीकों से मौत होने वाले बयान पर बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार शॉ ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सीएम का दावा तथ्यात्मक तौर पर पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। सिद्धारमैया ने कहा था कि हासन जिले में हाल ही में हुई दिल के दौरे से मौतें टीकाकरण अभियान से जुड़ी हो सकती हैं। टीकों को जल्दबाजी में मंजूरी दी गई।
शॉ ने कहा कि भारत में विकसित कोविड-19 टीकों को सुरक्षा और प्रभावकारिता के लिए वैश्विक मानकों के अनुरूप कठोर प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी। यह कहना कि इन टीकों को जल्दबाजी में मंजूरी दी गई। यह तथ्यात्मक रूप से गलत है और सार्वजनिक गलत सूचना में योगदान देता है।
ये भी पढ़ें: 'कोरोना वैक्सीन और अचानक होने वाली मौतों के बीच कोई संबंध नहीं', ICMR-AIIMS के शोध में दावा
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फार्मा कंपनी बायोकॉन की कार्यकारी अध्यक्ष शॉ ने कहा कि इन टीकों ने लाखों लोगों की जान बचाई है और सभी टीकों की तरह, बहुत कम संख्या में व्यक्तियों में दुष्प्रभाव हो सकते हैं। पूर्वव्यापी दोषारोपण में संलग्न होने के बजाय, उनके विकास के पीछे विज्ञान और डाटा-संचालित प्रक्रियाओं को स्वीकार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि पिछले महीने में ही हासन जिले में दिल का दौरा पड़ने से 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. रवींद्रनाथ की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति के गठन की घोषणा की, जो मौतों की जांच करेगी। समिति को दस दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
सिद्धारमैया ने कहा था कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी देना और जनता को वितरित करना भी इन मौतों का एक कारण हो सकता है, क्योंकि हाल ही में दुनिया भर में कई अध्ययनों ने संकेत दिया है कि कोविड टीके दिल के दौरे की बढ़ती संख्या का कारण हो सकते हैं।
कर्नाटक के सीएम के बयान पर सरकार की सफाई
बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीएम के बयान को खारिज करते हुए कहा था कि अचानक हो रहीं मौतों की देश की विभिन्न एजेंसियों ने जांच की है और जांच में पाया गया है कि इनका कोरोना वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं हैं। आईसीएमआर और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने भी अपने अध्ययन में इसकी पुष्टि की है।
ये भी पढ़ें: देश में अब कैसे हैं कोरोना से हालात? क्या अब भी बढ़ रहा है संक्रमण, यहां जानिए सबकुछ विस्तार से
सरकार ने कहा कि कोरोना वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावकारी है और इसके दुर्लभ ही किसी पर गंभीर परिणाम दिखे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अचानक हो रही मौतों के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें जेनेटिक्स, हमारा रहन-सहन और दिनचर्या, पहले से कोई बीमारी और कोरोना संक्रमित होने के बाद की दिक्कतें शामिल हैं।
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शॉ ने कहा कि भारत में विकसित कोविड-19 टीकों को सुरक्षा और प्रभावकारिता के लिए वैश्विक मानकों के अनुरूप कठोर प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी। यह कहना कि इन टीकों को जल्दबाजी में मंजूरी दी गई। यह तथ्यात्मक रूप से गलत है और सार्वजनिक गलत सूचना में योगदान देता है।
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फार्मा कंपनी बायोकॉन की कार्यकारी अध्यक्ष शॉ ने कहा कि इन टीकों ने लाखों लोगों की जान बचाई है और सभी टीकों की तरह, बहुत कम संख्या में व्यक्तियों में दुष्प्रभाव हो सकते हैं। पूर्वव्यापी दोषारोपण में संलग्न होने के बजाय, उनके विकास के पीछे विज्ञान और डाटा-संचालित प्रक्रियाओं को स्वीकार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि पिछले महीने में ही हासन जिले में दिल का दौरा पड़ने से 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. रवींद्रनाथ की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति के गठन की घोषणा की, जो मौतों की जांच करेगी। समिति को दस दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
सिद्धारमैया ने कहा था कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी देना और जनता को वितरित करना भी इन मौतों का एक कारण हो सकता है, क्योंकि हाल ही में दुनिया भर में कई अध्ययनों ने संकेत दिया है कि कोविड टीके दिल के दौरे की बढ़ती संख्या का कारण हो सकते हैं।
कर्नाटक के सीएम के बयान पर सरकार की सफाई
बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीएम के बयान को खारिज करते हुए कहा था कि अचानक हो रहीं मौतों की देश की विभिन्न एजेंसियों ने जांच की है और जांच में पाया गया है कि इनका कोरोना वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं हैं। आईसीएमआर और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने भी अपने अध्ययन में इसकी पुष्टि की है।
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सरकार ने कहा कि कोरोना वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावकारी है और इसके दुर्लभ ही किसी पर गंभीर परिणाम दिखे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अचानक हो रही मौतों के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें जेनेटिक्स, हमारा रहन-सहन और दिनचर्या, पहले से कोई बीमारी और कोरोना संक्रमित होने के बाद की दिक्कतें शामिल हैं।
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