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Bill to Raise Marriage Age Of Women: क्या यूपी चुनाव के लिए स्थायी समिति को भेजा गया विधेयक, बजट सत्र में पारित कराने का क्या होगा फायदा?
Wed, 22 Dec 2021 06:19 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Wed, 22 Dec 2021 06:19 PM IST
सार
विपक्ष ने राज्यों और अन्य हितधारकों से परामर्श किए बिना विधेयक को जल्दबाजी में पेश करने के लिए सरकार की आलोचना की थी। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने विधेयक का विरोध किया और सरकार की 'जल्दबाजी' पर सवाल उठाया था।
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लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
- फोटो : एएनआई
विस्तार
केंद्र सरकार ने लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने के लिए बाल विवाह निषेध संशोधन विधेयक, 2021 मंगलवार को लोकसभा में पेश किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने विपक्ष के हंगामे के बीच इस विधेयक को सदन के पटल पर रखा था। संशोधित विधेयक में महिलाओं की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने का प्रस्ताव है। जबकि पुरुषों के लिए उम्र 21 साल ही है। विपक्ष जहां एक ओर विधेयक को लाए जाने के तरीके का विरोध कर रहा था, वहीं उसकी मांग थी कि विधेयक पर व्यापक चर्चा के लिए इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेजा जाए।
लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए। एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह अनुच्छेद 19 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। विपक्ष की मांग पर ईरानी ने विधेयक को बिल को स्थायी समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा जिसे मंजूर कर लिया गया। लेकिन अब जब विधेयक को संसद की स्थायी समिति के पास भेज दिया गया है तो विपक्ष को लगता है कि सरकार रणनीति बना रही है और प्रस्तावित कानून के जरिए एक बड़े सियासी फायदे का इंतजार कर रही है।
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लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए। एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह अनुच्छेद 19 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। विपक्ष की मांग पर ईरानी ने विधेयक को बिल को स्थायी समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा जिसे मंजूर कर लिया गया। लेकिन अब जब विधेयक को संसद की स्थायी समिति के पास भेज दिया गया है तो विपक्ष को लगता है कि सरकार रणनीति बना रही है और प्रस्तावित कानून के जरिए एक बड़े सियासी फायदे का इंतजार कर रही है।
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Prayagraj News : मातृशक्ति महाकुंभ में महिला जनप्रतिनिधियों का अभिवादन करते पीएम मोदी।
- फोटो : प्रयागराज
बजट सत्र में सरकार पारित करा सकती है विधेयक
टीएमसी के एक नेता के मुताबिक सरकार आगामी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर नजर रखते हुए इस विधेयक को बजट सत्र में पारित करा सकती है ताकि चुनावों में उसका फायदा उठाया जा सके।
एक अन्य विपक्षी नेता के मुताबिक यह ठीक है कि सरकार ने विधेयक को कई विपक्षी पार्टियों के विरोध और मांग के बीच स्थायी समिति में भेजने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन विपक्ष की कितनी मांगों पर यह सरकार विचार करती है। फिर लोकसभा में ही जहां उसके पास बहुमत है, सरकार चाहती तो आसानी से इस विधेयक को पारित करा सकती थी।
उन्होंने कहा 'इसका मतलब है कि सत्तारूढ़ पक्ष दबाव में बिल्कुल नहीं था। बल्कि अपनी मर्जी से इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा गया है, ताकि चुनावों से ठीक पहले होने वाले संसद के बजट सत्र के दौरान विधेयक को पारित कराकर उसका सियासी फायदा उठाया जाए'।
टीएमसी के एक नेता के मुताबिक सरकार आगामी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर नजर रखते हुए इस विधेयक को बजट सत्र में पारित करा सकती है ताकि चुनावों में उसका फायदा उठाया जा सके।
एक अन्य विपक्षी नेता के मुताबिक यह ठीक है कि सरकार ने विधेयक को कई विपक्षी पार्टियों के विरोध और मांग के बीच स्थायी समिति में भेजने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन विपक्ष की कितनी मांगों पर यह सरकार विचार करती है। फिर लोकसभा में ही जहां उसके पास बहुमत है, सरकार चाहती तो आसानी से इस विधेयक को पारित करा सकती थी।
उन्होंने कहा 'इसका मतलब है कि सत्तारूढ़ पक्ष दबाव में बिल्कुल नहीं था। बल्कि अपनी मर्जी से इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा गया है, ताकि चुनावों से ठीक पहले होने वाले संसद के बजट सत्र के दौरान विधेयक को पारित कराकर उसका सियासी फायदा उठाया जाए'।
Prayagraj News : पीएम मोदी के कार्यक्रम में फोटो खीचतीं महिलाएं।
- फोटो : प्रयागराज
यूपी चुनाव में मिल सकता है फायदा
एक वरिष्ठ पत्रकार के मुताबिक जिस तरह से पीएम मोदी ने मंगलवार को यूपी की अपनी चुनावी रैली में इस मुद्दे पर बात की थी इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए सरकार चुनावों से पहले विधेयक को संसद से जरूर पारित करा लेगी। जिसका फायदा भाजपा को यूपी चुनाव में हो सकता है, क्योंकि नई पीढ़ी की लड़कियां कम उम्र में शादी के बंधन से मुक्त होना चाहती हैं और भाजपा का यह कदम पार्टी को यूपी में नए अंदाज में फिर से स्थापित कर सकता है।
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने लड़कियों की उम्र 18 से 21 साल करने के लिए जून 2020 में जया जेटली की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया था। इस टास्क फोर्स की सिफारिश पर ही महिलाओं के लिए शादी की कानूनी उम्र बढ़ाई जा रही है।
एक वरिष्ठ पत्रकार के मुताबिक जिस तरह से पीएम मोदी ने मंगलवार को यूपी की अपनी चुनावी रैली में इस मुद्दे पर बात की थी इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए सरकार चुनावों से पहले विधेयक को संसद से जरूर पारित करा लेगी। जिसका फायदा भाजपा को यूपी चुनाव में हो सकता है, क्योंकि नई पीढ़ी की लड़कियां कम उम्र में शादी के बंधन से मुक्त होना चाहती हैं और भाजपा का यह कदम पार्टी को यूपी में नए अंदाज में फिर से स्थापित कर सकता है।
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने लड़कियों की उम्र 18 से 21 साल करने के लिए जून 2020 में जया जेटली की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया था। इस टास्क फोर्स की सिफारिश पर ही महिलाओं के लिए शादी की कानूनी उम्र बढ़ाई जा रही है।