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मानसून सत्र: जहाजों की सुरक्षा, सुगम परिचालन से जुड़ा विधेयक लोकसभा में पेश
Fri, 23 Jul 2021 04:32 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 23 Jul 2021 04:32 AM IST
सार
- सर्बानंद सोनोवाल ने बिल पेश करते वक्त कहा, इससे प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद
- देश में 4000 किलोमीटर का अंतर्देशीय जलमार्ग हैं चालू
- पारदर्शिता बढ़ेगी और विभागों की जिम्मेदारी तय करने में मिलेगी मदद
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लोकसभा
- फोटो : ani
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विस्तार
नदियों में जहाजों की सुरक्षा, पंजीकरण व सुगम परिचालन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में अंतर्देशीय जलयान विधेयक 2021 पेश किया।
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मंत्रिमंडल ने पिछले महीने ही दी थी अंतर्देशीय जलयान विधेयक 2021 को मंजूरी
केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बिल पेश करते वक्त कहा, इससे प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जून में ही इस विधेयक को मंजूरी दी थी। सोनोवाल ने कहा, यह बिल किफायती और सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देगा। साथ ही देश के भीतर अंतर्देशीय जलमार्गों और नेविगेशन से संबंधित कानून के लागू होने में एकरूपता लाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और विभागों की जिम्मेदारी तय करने में मदद होगी।
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फिलहाल देश में 4000 किलोमीटर का अंतर्देशीय जलमार्ग चालू हैं। मंत्रिमंडल में मंजूरी देते वक्त सरकार ने कहा था कि नदी में परिचालन करने वाले जहाजों का पंजीकरण एवं परिचालन संबंधी व्यवस्था अभी भारतीय जहाज अधिनियम के दायरे में आती है। यह कानून 1917 में बनाया गया था और काफी पुराना हो गया है।
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पुराने कानून से होती थीं कई दिक्कतें
सरकार ने कहा, उस समय सभी राज्यों के अपने-अपने नियमन थे। एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए मंजूरी लेनी पड़ती थी और इससे समस्या पैदा होती थी। ऐसे में जहाजों की सुरक्षा, पंजीकरण एवं सुगम परिचालन के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया है।