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बिहार : छात्र संघ चुनाव में बीजेपी-जेडीयू आमने सामने, निशाने पर प्रशांत किशोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 03 Dec 2018 12:41 PM IST
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prashant kishore
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पटना विश्वविद्यालय में रविवार को हुए छात्र चुनाव में भाजपा और जेडीयू आमने-सामने है। पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज पर हमले के बाद पटना पुलिस ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यालय में छापामारी की है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यालय में छापामारी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अप्रत्यक्ष रूप से जनता दल यूनाइटेड को आड़े हाथों लिया। साथ ही पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर भी निशाने पर हैं।
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तकरीबन 6 साल तक नरेंद्र मोदी के लिए चुनाव नीतियां बनाने वाले किशोर ने नीतीश कुमार से उस वक्त हाथ मिलाया जब वे विपक्षी दल यानि कांग्रेस में थे। प्रशांत किशोर और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच मतभेद बढ़ने के बाद उन्होंने अपना रास्ता बदल दिया।
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इस वर्ष अक्टूबर में प्रशांत किशोर को जनता दल यूनाइटेड का उपाध्यक्ष बनाया गया और उन्होंने पार्टी के छात्रों संघ का निर्माण किया। हालांकि, उनका पहला परीक्षण पटना विश्वविद्यालय का छात्र संघ चुनाव था। भारतीय जनता पार्टी ने संयुक्त प्रेस बयान जारी किया है, जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यालय पर पुलिस-प्रशासन के द्वारा की गयी छापेमारी की निंदा की है।
प्रेस बयान में सीधे तौर पर प्रशांत किशोर का नाम नहीं लिया गया लेकिन पुलिस और प्रसाशन पर हमला करते हुए कहा कि कुछ मीडिया, एडवरटाइजिंग एवं इवेंट मैनेजर किस्म के लोगों की प्रोफेशनल सेवा लेकर छात्रसंघ चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि कई दलों के द्वारा बाहर से अपराधी किस्म के लोगों को कैम्पस में बुलाकर माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभी कार्यकर्ताओं के निशाने पर सुशील मोदी और नीतीश कुमार भी हैं। छापामारी की कार्रवाई के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा कई जगहों पर पुतला दहन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।