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Bihar Politics: तेजस्वी ने क्यों खत्म किया लालू का लाइसेंस, हरे गमछे से क्या थी परेशानी?
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तेजस्वी यादव।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव 10 सितंबर से 'कार्यकर्ता संवाद यात्रा' की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा के माध्यम से वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को मजबूत करना चाहते हैं। साथ ही, जनता से जुड़कर बिहार में वही असर पैदा करना चाहते हैं, जो असर राहुल गांधी ने अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' से पूरे देश में किया था। लेकिन इस यात्रा में तेजस्वी यादव ने पार्टी के प्रतीक बन चुके 'हरे गमछे' पर प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन चूंकि, हरा गमछा और हरी टोपी राष्ट्रीय जनता दल की पहचान बन चुकी है, और उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने इसे राजद कार्यकर्ता होने का 'लाइसेंस' बताया था, हरे गमछे पर प्रतिबंध के बाद इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। भाजपा ने इसे राजद में तेजस्वी यादव के द्वारा 'लालू युग' की समाप्ति की औपचारिक घोषणा करार दिया है।दरअसल, तेजस्वी यादव अपनी यात्रा निकालकर पार्टी की छवि बेहतर करना चाहते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में वे बहुत कम सीटों से बहुमत से पीछे रह गए थे। इस बार वे किसी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहते जिससे उनकी पार्टी अकेले दम पर सत्ता में आ सके। लेकिन तेजस्वी यादव को इस बात का डर है कि यदि उनके कार्यकर्ता गमछा पहनकर यात्रा में निकलेंगे और उनमें से कुछ ने भी गमछे को सिर पर बांधकर (बिहार की स्थानीय भाषा में मुरेठा) हुड़दंग किया, तो इससे पूरी पार्टी की छवि खराब होगी।
राजनीतिक विश्लेषक धीरेंद्र कुमार ने अमर उजाला से कहा कि राजद पहले ही लालू यादव के समय में लगे 'जंगलराज' के आरोपों से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रही है। तेजस्वी यादव पर भाजपा-जदयू की ओर से अब भी जो सबसे बड़ा हमला होता है, वह लालू यादव के शासन काल में हुई अपराध की घटनाओं को लेकर ही होता है। भाजपा-जदयू अपराध के मुद्दे पर ही राजद को घेरते हैं। ऐसे में यदि इसी बीच तेजस्वी यादव की यात्रा में कोई हुड़दंग होता है, तो इससे तेजस्वी और राजद दोनों की छवि को नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले राजद इस तरह का खतरा नहीं उठा सकती। यही कारण है कि तेजस्वी ने बहुत सोच-समझकर हरे गमछे पर प्रतिबंध लगा दिया है। राजनीतिक तौर पर उनका यह निर्णय सही है। हरे गमछे की बजाय कार्यकर्ता हरी टोपी पहनकर सीने पर पार्टी का बैज लगाएंगे।
भाजपा ने लगाया ये आरोप
भाजपा प्रवक्ता जयराम विप्लव ने कहा कि लालू यादव ने हरे गमछे और टोपी को राजद कार्यकर्ता होने का लाइसेंस करार दिया था, लेकिन तेजस्वी यादव ने हरे गमछे पर प्रतिबंध लगाकर यह बता दिया है कि अब वे राजद को अपने हिसाब से चलाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह के रहते ही पार्टी पर कब्जा कर उनका अपमान किया था, तेजस्वी यादव अब उसी तरह लालू यादव का अपमान कर रहे हैं।
जयराम विप्लव ने कहा कि राजद अपराध, अराजकता और कुशासन का प्रतीक बन चुकी है। पूरे बिहार के लोग जानते हैं कि जब भी राजद सत्ता में आती है, तभी राजद कार्यकर्ता इसी गमछे के बल पर व्यापारियों से उगाही करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल गमछे पर प्रतिबंध लगने से राजद की संस्कृति समाप्त नहीं होगी, यही कारण है कि अब बिहार दोबारा उन्हें अवसर नहीं देगा।
क्यों लगाया प्रतिबंध
वहीं, राजद प्रवक्ता ने इसे एक प्रगतिगामी कदम करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक यादव ने अमर उजाला से कहा कि तेजस्वी यादव पार्टी को नए जमाने की नई सोच के अनुसार आगे ले जाना चाहते हैं। ऐसे में यदि कोई कदम उठाया गया है, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार का हर गरीब हमारे साथ है। तेजस्वी यादव बेरोजगार युवाओं की उम्मीद बन चुके हैं। यही कारण है कि अनाप शनाप आरोप लगाकर भाजपा इस छवि को बिगाड़ना चाहती है, लेकिन अब उसकी कोशिश सफल नहीं होगी। राजद नेता ने दावा किया कि अगली बार बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी।