फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bihar Political Drama BJP fulfilled nitish Only single demand and rejected two demands

Bihar Khela: भाजपा ने नीतीश की सिर्फ एक मांग ही मानी और करा दी ताजपोशी, इन दो मांगों को तो सिरे से ही नकारा

Tue, 30 Jan 2024 05:51 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/पटना Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 30 Jan 2024 05:51 AM IST
सार

नीतीश की अगुवाई वाली राजग सरकार के दौरान सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष थे, जबकि चौधरी पंचायत राज मंत्री। इनसे नीतीश का लगातार टकराव हुआ। एक बार तो नीतीश सत्र के दौरान सिन्हा से बुरी तरह से उलझ गए थे।

विज्ञापन
Bihar Political Drama BJP fulfilled nitish Only single demand and rejected two demands
बिहार सरकार के नए मुखिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में हुए सियासी खेल में भाजपा ने नीतीश कुमार की सिर्फ सीएम बनाए रखने की बात मानी। न तो उनके आग्रह पर राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी को उप मुख्यमंत्री बनाया और न ही लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव कराने की बात स्वीकारी। अहम यह है कि भाजपा ने उन्हीं दो आक्रामक चेहरों सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को उप मुख्यमंत्री बनाया, जिनसे सरकार में रहते नीतीश का लगातार टकराव हुआ था।

विज्ञापन

दरअसल, नीतीश की अगुवाई वाली राजग सरकार के दौरान सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष थे, जबकि चौधरी पंचायत राज मंत्री। इनसे नीतीश का लगातार टकराव हुआ। एक बार तो नीतीश सत्र के दौरान सिन्हा से बुरी तरह से उलझ गए थे। इसके बाद जब नीतीश ने भाजपा से नाता तोड़ा तो दोनों नेताओं से उनके टकराव को भी अहम कारण माना गया। नीतीश के राजग से नाता तोड़ने के बाद भी यही दोनों नेता उन पर सर्वाधिक आक्रामक रहे।

विज्ञापन

लोकसभा चुनाव के बाद होंगे बड़े बदलाव
राज्य भाजपा के एक शीर्ष नेता ने कहा कि फिलहाल सबकी योजना लोकसभा चुनाव में पुराना प्रदर्शन दोहराने पर है। लोकसभा चुनाव के बाद भविष्य की राजनीति के संदर्भ में नए सिरे से विचार विमर्श होगा। तब इस पर भी चर्चा होगी कि नीतीश अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत से विदा लें या फिर इससे पहले। जाहिर तौर पर दोनों ही स्थिति में भाजपा नीतीश की सम्मान के साथ विदाई की व्यवस्था करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन


राजद की जल्दबाजी से बिगड़े समीकरण
राजद अगर तेजस्वी को सीएम बनाने में जल्दबाजी नहीं दिखाती तो नीतीश महागठबंधन का साथ नहीं छोड़ते। राजद ने अंदरखाने न सिर्फ जदयू को तोड़ने की कोशिश की, बल्कि अपने इस अभियान में कांग्रेस और वामदलों को भी साथ मिला लिया था। इसकी भनक लगने के बाद ही नीतीश ने पहले अपनी पार्टी में ललन सिंह को अध्यक्ष पद से हटा कर सफाई अभियान की शुरुआत की, फिर मौका देखते ही राजग में घर वापसी कर ली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed