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बिहार: सुशील मोदी ने ममता और केसीआर पर साधा निशाना, बोले- 2024 में पीएम मोदी को कोई हटा नहीं सकता
Fri, 27 May 2022 09:31 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 27 May 2022 09:31 PM IST
सार
विश्वविद्यालय के वीसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के मन में जो आता है वह मनमाना काम करती है। लेकिन वह कुछ नहीं कर पाएगी। वह ऐसा प्रावधान नहीं कर सकती क्योंकि अंतिम सहमति राज्यपाल को देनी होती है।
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सुशील कुमार मोदी
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बंगाल में विश्वविद्यालयों का चांसलर मख्यमंत्री को बनाने के लिए एक विधेयक पेश करने के फैसले पर बंगाल सरकार के कदम की आलोचना की। वहीं, तेलंगाना के सीएम केसीआर के बयान पर सुशील मोदी ने कहा कि पीएम मोदी ने 'परिवारवाद' के बारे में बात की और केसीआर के परिवार के चार लोग अभी सरकार में हैं। ऐसी पारिवारिक पार्टियां अपने परिवार से बाहर नहीं सोच सकतीं। उन्हें डर है कि वे सत्ता खो देंगे। 2024 के चुनाव में भी पीएम मोदी को कोई नहीं हटा सकता।
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सुशील कुमार मोदी ने कहा कि विश्विद्यालयों के वीसी की परंपरा पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय में राधाकृष्णन समिति की सिफारिश पर स्थापित की गई थी। यह एक परंपरा बन गई कि राज्य के राज्यपाल राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति होंगे। यदि आपका राजनीतिक विरोध है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर सकते हैं। भाजपा सांसद ने आगे तर्क दिया कि जहां तक कुलपति की नियुक्ति का संबंध है, केवल राज्यपाल को ही कुलपतियों की नियुक्ति का अधिकार नहीं है, नियुक्ति के लिए 3-4 सदस्यों की एक खोज समिति बनाई गई थी और फिर राज्यपाल और मुख्यमंत्री मिलकर नाम तय करते हैं।
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उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के मन में जो आता है वह मनमाना काम करती है। लेकिन वह कुछ नहीं कर पाएगी। वह ऐसा प्रावधान नहीं कर सकती क्योंकि अंतिम सहमति राज्यपाल को देनी होती है। भले ही कैबिनेट इसे पारित कर दे, विधानसभा इसे पास करते हैं, तब भी राज्यपाल को सहमति देनी होगी। तमिलनाडु का जिक्र करते हुए बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि तमिलनाडु के सीएम के विरोध के बावजूद राज्यपाल को वहां के चांसलर पद से हटा दिया गया था? वर्षों से एक अच्छी परंपरा चल रही है कि कुलाधिपति विश्वविद्यालयों के प्रमुख हैं और यह परंपरा बनाए रखी जानी चाहिए।
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इस फैसले पर ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने गुरुवार को इस कदम को संघवाद पर हमला करार दिया था और इसे जवाबदेही और पारदर्शिता से बचने का एक और प्रयास कहा था।