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Bihar: बिहार में मुफ्त का खेला, नीतीश ने की 145 यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा; कांग्रेस-RJD खोलेंगे पिटारा?
सार
बिहार चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने 145 यूनिट बिजली मुफ्त देने का एलान किया। हालांकि इस फैसले को उनके ही एक विभाग ने खारिज कर दिया। अब माना जा रहा है कि कांग्रेस और आरजेडी भी कुछ ऐसी ही घोषणाएं कर सकते हैं।
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नीतीश कुमार, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव।
- फोटो : ANI
विस्तार
बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने अंततः 145 यूनिट बिजली मुफ्त देने का फैसला कर ही दिया। इसे बड़ा चुनावी दांव माना जा रहा है। इस फैसले को लागू करने में नीतीश सरकार के अंदर की खींचतान भी सामने आ गई, जहां एक बार तो लोगों को 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की गई, लेकिन शाम तक सरकार के ही एक विभाग ने यह कहकर इस योजना को खारिज कर दिया कि वित्त विभाग ने इस तरह की किसी भी योजना को स्वीकृति नहीं दी है। क्या इस योजना को बिना किसी की सहमति लिए घोषित कर दिया गया था?
इससे यह भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या एनडीए के सहयोगी दलों में आपसी तालमेल बेहतर नहीं है जिसके कारण नीतीश कुमार सरकार के सामने इस तरह की असहज करने वाली स्थिति बनी जब खुद मुख्यमंत्री के द्वारा घोषित की गई योजना को उन्हीं की सरकार के एक विभाग ने खारिज कर दिया? क्या आगे इस तरह की कुछ और लोकलुभावन योजना की घोषणा करने पर विचार किया जा सकता है?
राजनीतिक पंडितों की मानें तो अभी यह शुरुआत है। महागठबंधन के चुनाव में पूरी तरह उतरने के बाद मुफ्त का यह दंगल और ज्यादा मजेदार हो सकता है। कांग्रेस-राजद की घोषणाएं इस दंगल को और अधिक रोचक बना सकती हैं। हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि राज्य की अर्थव्यवस्था इस तरह की योजनाओं को किस हद तक स्वीकार कर पाती है?
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तेजस्वी यादव की नकल: राजद
राजद नेता मनोज झा ने इसे तेजस्वी यादव की योजना की नकल करार दिया है। महागठबंधन इस बार की चुनावी लड़ाई में अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। कांग्रेस और राजद की टीम इस बात की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं कि बिहार में चुनाव जीतने के लिए जनता से क्या-क्या वादे किये जा सकते हैं। तेजस्वी यादव पहले ही 200 यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा कर चुके हैं।
अमर उजाला ने अपने पाठकों को बताया है कि महागठबंधन बिहार में महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने और दिल्ली-कर्नाटक मॉडल की तरह महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर देने की योजना पर भी विचार कर रहा है। कांग्रेस और राजद के नेता अन्य सहयोगी दलों से बातचीत के बाद महागठबंधन की मुफ्त की योजनाओं की घोषणा करेंगे। इसमें अलग-अलग वर्गों के लिए आकर्षक योजनाएं बनाकर उन्हें अपने पाले में लाने की योजना है।
बिजली कहां है जो मुफ्त देने का वादा कर रहे: कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता रितु चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि नीतीश कुमार सरकार बिहार के लोगों को बिजली देने में असमर्थ रही है। उन्होंने कहा कि लोगों ने वह दृश्य देखा है जुलाई 2023 में कटिहार में बिजली मांगने गए लोगों पर गोली चला दी गई जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि जब राज्य में बिजली ही नहीं है तो मुफ्त बिजली देने का वादा किसे किया जा रहा है?
रितु चौधरी ने कहा कि कांग्रेस अपने राज्यों में जनता को अधिकतम सुविधा देने का काम कर रही है। तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक जनता को तरह-तरह की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बिहार में सत्ता में आने पर राज्य की जनता के लिए अधिकतम देने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के सभी दल आपस में बैठकर इस पर विचार करेंगे कि नीतीश कुमार के इस फर्जी खेल से कैसे निपटा जाए।
नीतीश कुमार अपने काम के कारण बने विश्वास का नाम: जदयू
वहीं, जदयू नेता 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने को नीतीश सरकार का ट्रंप कार्ड मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह योजना गेम चेंजर साबित होगी। जदयू प्रवक्ता सत्य प्रकाश मिश्रा ने कहा कि नीतीश कुमार ऐसे मुख्यमंत्री हैं कि उन्होंने जो भी वादा किया, उसे पूरा किया। उन्होंने किसी योजना की घोषणा जल्दबाजी में नहीं की। वे योजना के विभिन्न पहलुओं और उसके असर का व्यापक अध्ययन करने के बाद ही कोई घोषणा करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को पूरा-पूरा लाभ दिया जाएगा।
सत्यप्रकाश मिश्रा ने कहा कि नीतीश सरकार की साइकिल पोशाक योजना से बिहार की आम घरों की लड़कियों में शिक्षा को लेकर एक नया उत्साह आया। इससे लड़कियों ने उत्साह के साथ पढ़ाई की और विभिन्न क्षेत्रों में बिहार का नाम रोशन किया। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, 12वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक के छात्रों को इंटर्नशिप के लिए 6000 रुपए देने जैसी योजनाओं ने छात्रों को शिक्षा का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने न्याय के साथ विकास के लक्ष्य को भी अपनाया। इसी का असर है कि बिहार की 25 महादलित जातियों को आगे बढ़ाने का सपना पूरा हो सका। स्वरोजगार के कार्यक्रमों में 10 लाख के लोन पर पांच लाख की सब्सिडी देना फ्री योजना नहीं, बल्कि सरकारी प्रयासों से लोगों में रोजगार के अवसर का निर्माण करने की बात है।
इसी तरह मुस्लिम समाज की महिलाओं को हुनर योजना में 2500 रूपये हर माह मिलता है। मुस्लिम समाज की परित्यक्त महिलाओं को भी हर माह सीधा खाते में सहायता राशि जाती है और बिहार की सभी कन्याओं के उत्थान के लिए उनके जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक सीधे उनके बैंक के खाते में 50 हजार तक भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि यह पूरे समाज को एक साथ विकसित करने की बात है।
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इससे यह भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या एनडीए के सहयोगी दलों में आपसी तालमेल बेहतर नहीं है जिसके कारण नीतीश कुमार सरकार के सामने इस तरह की असहज करने वाली स्थिति बनी जब खुद मुख्यमंत्री के द्वारा घोषित की गई योजना को उन्हीं की सरकार के एक विभाग ने खारिज कर दिया? क्या आगे इस तरह की कुछ और लोकलुभावन योजना की घोषणा करने पर विचार किया जा सकता है?
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राजनीतिक पंडितों की मानें तो अभी यह शुरुआत है। महागठबंधन के चुनाव में पूरी तरह उतरने के बाद मुफ्त का यह दंगल और ज्यादा मजेदार हो सकता है। कांग्रेस-राजद की घोषणाएं इस दंगल को और अधिक रोचक बना सकती हैं। हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि राज्य की अर्थव्यवस्था इस तरह की योजनाओं को किस हद तक स्वीकार कर पाती है?
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तेजस्वी यादव की नकल: राजद
राजद नेता मनोज झा ने इसे तेजस्वी यादव की योजना की नकल करार दिया है। महागठबंधन इस बार की चुनावी लड़ाई में अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। कांग्रेस और राजद की टीम इस बात की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं कि बिहार में चुनाव जीतने के लिए जनता से क्या-क्या वादे किये जा सकते हैं। तेजस्वी यादव पहले ही 200 यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा कर चुके हैं।
अमर उजाला ने अपने पाठकों को बताया है कि महागठबंधन बिहार में महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने और दिल्ली-कर्नाटक मॉडल की तरह महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर देने की योजना पर भी विचार कर रहा है। कांग्रेस और राजद के नेता अन्य सहयोगी दलों से बातचीत के बाद महागठबंधन की मुफ्त की योजनाओं की घोषणा करेंगे। इसमें अलग-अलग वर्गों के लिए आकर्षक योजनाएं बनाकर उन्हें अपने पाले में लाने की योजना है।
बिजली कहां है जो मुफ्त देने का वादा कर रहे: कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता रितु चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि नीतीश कुमार सरकार बिहार के लोगों को बिजली देने में असमर्थ रही है। उन्होंने कहा कि लोगों ने वह दृश्य देखा है जुलाई 2023 में कटिहार में बिजली मांगने गए लोगों पर गोली चला दी गई जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि जब राज्य में बिजली ही नहीं है तो मुफ्त बिजली देने का वादा किसे किया जा रहा है?
रितु चौधरी ने कहा कि कांग्रेस अपने राज्यों में जनता को अधिकतम सुविधा देने का काम कर रही है। तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक जनता को तरह-तरह की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बिहार में सत्ता में आने पर राज्य की जनता के लिए अधिकतम देने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के सभी दल आपस में बैठकर इस पर विचार करेंगे कि नीतीश कुमार के इस फर्जी खेल से कैसे निपटा जाए।
नीतीश कुमार अपने काम के कारण बने विश्वास का नाम: जदयू
वहीं, जदयू नेता 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने को नीतीश सरकार का ट्रंप कार्ड मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह योजना गेम चेंजर साबित होगी। जदयू प्रवक्ता सत्य प्रकाश मिश्रा ने कहा कि नीतीश कुमार ऐसे मुख्यमंत्री हैं कि उन्होंने जो भी वादा किया, उसे पूरा किया। उन्होंने किसी योजना की घोषणा जल्दबाजी में नहीं की। वे योजना के विभिन्न पहलुओं और उसके असर का व्यापक अध्ययन करने के बाद ही कोई घोषणा करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को पूरा-पूरा लाभ दिया जाएगा।
सत्यप्रकाश मिश्रा ने कहा कि नीतीश सरकार की साइकिल पोशाक योजना से बिहार की आम घरों की लड़कियों में शिक्षा को लेकर एक नया उत्साह आया। इससे लड़कियों ने उत्साह के साथ पढ़ाई की और विभिन्न क्षेत्रों में बिहार का नाम रोशन किया। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, 12वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक के छात्रों को इंटर्नशिप के लिए 6000 रुपए देने जैसी योजनाओं ने छात्रों को शिक्षा का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने न्याय के साथ विकास के लक्ष्य को भी अपनाया। इसी का असर है कि बिहार की 25 महादलित जातियों को आगे बढ़ाने का सपना पूरा हो सका। स्वरोजगार के कार्यक्रमों में 10 लाख के लोन पर पांच लाख की सब्सिडी देना फ्री योजना नहीं, बल्कि सरकारी प्रयासों से लोगों में रोजगार के अवसर का निर्माण करने की बात है।
इसी तरह मुस्लिम समाज की महिलाओं को हुनर योजना में 2500 रूपये हर माह मिलता है। मुस्लिम समाज की परित्यक्त महिलाओं को भी हर माह सीधा खाते में सहायता राशि जाती है और बिहार की सभी कन्याओं के उत्थान के लिए उनके जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक सीधे उनके बैंक के खाते में 50 हजार तक भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि यह पूरे समाज को एक साथ विकसित करने की बात है।
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