फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bihar Election Analysis: Not Just 10000 Rupees, Decade-Long Women Empowerment and Development Changed Game

Bihar Election 2025: महिला सशक्तीकरण और विकास ने बदली चुनावी तस्वीर, दस हजार रुपये को जीत का कारण बताना अधूरा

Sun, 16 Nov 2025 04:27 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 16 Nov 2025 04:27 AM IST
सार

बिहार चुनाव में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रही, पर सिर्फ 10 हजार रुपए की नकद सहायता को एनडीए की जीत का कारण बताना अधूरी तस्वीर है। पिछले 15 वर्षों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण ने मिलकर नया विकास मॉडल गढ़ा है।

विज्ञापन
Bihar Election Analysis: Not Just 10000 Rupees, Decade-Long Women Empowerment and Development Changed Game
दस हजार रुपये को जीत का कारण बताना अधूरा - फोटो : अमर उजाला प्रिन्ट/एजेंसी

विस्तार

सड़क, हवाई, शिक्षा और स्वास्थ्य के अभूतपूर्व विस्तार ने महिला सशक्तीकरण को टिकाऊ और वास्तविक आधार दिया है। विकास और महिला सशक्तीकरण अब अलग-अलग अध्याय नहीं, बल्कि बिहार के परिवर्तन की एक ही कहानी हैं और इसी मॉडल ने देश के सामने महिला-प्रेरित विकास का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

विज्ञापन


हार में महिलाओं को प्रत्यक्ष नकद लाभ योजना के तहत सीधे 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता को एनडीए की जीत का अहम कारण माना जा रहा है, लेकिन ऐसा कहना िसर्फ अधूरी तस्वीर दिखाना है। दरअसल, पिछले डेढ़ दशक ने सामाजिक-आर्थिक बदलाव का ऐसा दौर रचा गया है, जिसे महिला सशक्तीकरण और आधारभूत ढांचे के अभूतपूर्व विकास के युग के रूप में याद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू की गई महिला-केंद्रित योजनाओं, रोजगार कार्यक्रमों, शिक्षा व सुरक्षा पहलों ने न केवल महिला भागीदारी को नए स्तर पर पहुंचाया, बल्कि विकास के व्यापक ढांचे को भी तेजी से विस्तार दिया। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार महिला सशक्तीकरण के सूचकांकों में बिहार ने उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया।
विज्ञापन


दस हजारी प्रत्यक्ष नकद लाभ योजना ने महिलाओं को सीधे 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता पहुंचाई। इसे महिलाओं के जीवन स्तर पर सबसे प्रभावी हस्तक्षेप माना गया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन  की 2023 की स्टडी में बताया गया है कि इस योजना के बाद लाभार्थी महिलाओं में से 74 प्रतिशत ने अपनी आर्थिक निर्णय क्षमता में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की। बालिका साइकिल योजना के बाद 2006-2022 के बीच किशोरियों के स्कूल ड्रॉपआउट में 54 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। पंचायती राज में 50 प्रतिशत आरक्षण के बाद आज एक लाख से अधिक महिला प्रतिनिधि पंचायत शासन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, यह देश में सबसे अधिक है। बिहार पुलिस में 25.3 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। जीविका कार्यक्रम की 1.4 करोड़ महिलाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नया नेटवर्क खड़ा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन




राजनीतिक परिदृश्य में महिलाओं की निर्णायक भूमिका

  • बिहार में आज 3.5 करोड़ महिला मतदाता सिर्फ संख्या का हिस्सा नहीं बल्कि चुनावी परिणामों को तय करने वाली सबसे निर्णायक शक्ति बन चुकी हैं। मतदान प्रतिशत के रुझान लगातार यह संकेत देते हैं कि महिलाओं की भागीदारी चुनाव प्रक्रिया में निर्णायक नेतृत्व की भूमिका निभा रही है।
  • भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार 2025 के विधानसभा चुनावों में महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में 8.8 प्रतिशत अधिक मतदान किया, जबकि 2020 के चुनाव में 167 सीटों पर महिला मतों का प्रतिशत पुरुषों से अधिक दर्ज किया गया और इन अधिकांश सीटों पर एनडीए को बढ़त मिली।
  • 2020 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं का मतदान 59.7 प्रतिशत जबकि पुरुषों का 54.7 प्रतिशत था। 2015 विधानसभा चुनाव में महिलाओं का मतदान 60.5 प्रतिशत और पुरुषों का 53.3 प्रतिशत तथा 2010 विधानसभा चुनाव में महिलाओं का मतदान 59.6 प्रतिशत जबकि पुरुषों का 54.9 प्रतिशत दर्ज हुआ।

सड़क नेटवर्क का विस्तार
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार 2005 से 2024 के बीच राज्य में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों की कुल लंबाई 8,621 किलोमीटर से बढ़कर 22,530 किलोमीटर हो गई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ते हुए 1.78 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क खड़ा कर दिया।

हवाई कनेक्टिविटी का नया युग
पटना, गया और दरभंगा हवाई अड्डों के विस्तार ने हाई-स्पीड लैंडिंग सुविधाओं और आधुनिक टर्मिनल क्षमताओं के साथ यात्री और कार्गो ट्रैफिक में बड़ी बढ़त दर्ज की है। साथ ही पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में नए हवाई अड्डों की स्थापना प्रक्रियाधीन है। इससे पर्यटन, औद्योगिक निवेश को ऐतिहासिक बढ़ावा मिला है।

स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार
स्वास्थ्य ढांचा भी इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण स्तंभ बना। 2005 में जहां राज्य में केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, वहीं 2024 तक यह संख्या बढ़कर 23 हो गई। स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार ने लोगों को बेहतर उपचार विकल्प और चिकित्सा सुरक्षा प्रदान की है।



उच्च शिक्षा की नई तस्वीर
ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन 2024 रिपोर्ट के अनुसार 2010 से 2024 के बीच महिला नामांकन में 71 प्रतिशत वृद्धि देखने को मिली। विद्यालयों, महाविद्यालयों और विवि में सुविधाओं के विस्तार के साथ छात्राओं के प्रवेश और करियर उन्मुख शिक्षा में रुचि लगातार बढ़ी है, जिसने महिलाओं को और मजबूत बनाया है।

जनधन खातों का प्रभाव
जनधन योजना के तहत राज्य भर में खोले गए करोड़ों महिला बैंक खातों ने पिछले वर्षों में असाधारण बदलाव लाया है। इन खातों में समय-समय पर उज्ज्वला, मातृ वंदना जैसी कई सरकारी योजनाओं की धनराशि लगातार आती रही, जिससे पहली बार महिलाओं के हाथ में स्वयं का बैंक बैलेंस बना।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed