Bihar Election: 7.4 करोड़ लोग चुनेंगे नई सरकार, पांच साल में महिलाओं के मुकाबले तीन गुना बढ़े पुरुष मतदाता
Electors In Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव के एलान से पहले राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया गया। इसके बाद आई अंतिम मतदाता सूची में कुल 7.4 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं का संख्या 3.9 करोड़ है। महिला मतदाताओं का आंकड़ा 3.4 करोड़ है।
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बिहार में चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है। यहां दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को चुनाव होंगे और 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 7 करोड़ 41 लाख मतदाता वोट डालने के लिए पंजीकृत हैं। यह आंकड़े आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी किए गए थे। एसआईआर के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या में करीब 41 लाख की कमी आई है। वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार पांच लाख से ज्यादा नए मतदाता वोट डालेंगे।
एसआईआर के बाद कितनी बदली मतदाता सूची?
आगमी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार में चुनाव आयोग के द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर करवाया गया। इसमें नए सिरे से बिहार में मतदाताओं की गणना की गई। यह प्रक्रिया जून से शुरू हुई थी जिसकी अंतिम सूची 30 सितंबर को आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई। 30 सितंबर 2025 को आई इस सूची के अनुसार बिहार में कुल 7,41,92,357 मतदाता पंजीकृत है। 2020 में यह आकड़ा 7,36,47,660 था। यानी, 2020 के मुकाबले इस बार चुनाव में 5,44,697 मतदाताओं का इजाफा हुआ है। हालांकि, एसआईआर के बाद राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में 47,77,487 कमी आई है।
इस बार महिला-पुरुष वोटर पंजीकृत?
2025 के विधानसभा चुनाव में 3,92,07,804 पुरुष मतदाता वोट डालने के लिए पात्र हैं। 2020 में यह आंकड़ा 3,87,89,388 था। पिछले चुनाव के मुकाबले पुरुष मतदाताओं की संख्या में 4,18,416 का इजाफा हुआ है। महिला मातदाताओं की बात करें तो इस बार के चुनाव में कुल 3,49,82,828 महिला मतदाता वोट डालने के लिए पंजीकृत हैं। 2020 में इनकी संख्या 3,48,55,815 थी। पांच साल में महिला मतदाताओं की संख्या में 1,27,013 का इजाफा हुआ है। इसके अलावा इस चुनाव में 1,725 अन्य मतदाता भी वोट डालने के लिए पंजीकृत हैं। 2020 में इनकी संख्या 2,457 थी।
युवा मतदाताओं की संख्या कितनी है?
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 18-19 आयु वर्ग के 14,01,150 युवा मतदाता हैं। 20-29 आयु वर्ग के 1.63 करोड़ मतदाता हैं। वहीं, दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 7,20,709 है।
एसआईआर में किस तरह के मतदाताओं के नाम हटाए गए?
एसआईआर से पहले बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या 7,89,69,844 थी। एसआईआर के बाद 47,77,487 मतदाताओं को हटाया गया। आयोग ने बताया कि 22,34,136 मतदाताओं का मौत हो चुकी है। 6,85,000 मतदाता एक से ज्यादा बार दर्ज थे। 36,44,939 मतदाता स्थाई रूप से बिहार से बाहर चले गए। एसआईआर में दावे आपत्ति के बाद 3,66,742 मतदाता घटे हैं।
चुनाव के लिए कुल 90,712 मतदान केंद्र होंगे। इनमें से शहरी क्षेत्र में 13,911 और ग्रामीण क्षेत्र में 76,801 मतदान केंद्र तैयार किए गए हैं। एक मतदान केंद्र पर औसतन 818 मतदाता वोट करेंगे। सभी मतदान केंद्रों की 100 प्रतिशत वेब कास्टिंग की जाएगी।
292 मतदान केंद्रों को दिव्यांग चुनाव अधिकारियों के द्वारा संचालित किया जाएगा। 38 केंद्रों को युवाओं और 1,044 केंद्रों को महिला अधिकारियों के द्वारा संचालित किया जाएगा।
दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए मतदान केंद्रों पर चुनाव आयोग के द्वारा खास व्यवस्था की जाएगी। इनके लिए भूतल पर मतदान केंद्र, उचित ढाल वाला रैंप, व्हीलचेयर और वालंटियर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही अगर इनमें से कोई घर से ही अपना मतदान करना चाहता है तो उसकी भी सुविधा होगी। इसके लिए 12 डी फॉर्म भरना होगा।
बिहार चुनाव को सुगम बनाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा कुल 8.5 लाख चुनाव अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इसमें 4.53 लाख मतदान कर्मी, 9.6 हजार सेक्टर अधिकारी, मतदान के लिए 17.8 हजार सूक्ष्म पर्यवेक्षक और मतगणना के 4.8 हजार सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की तैनाती होगी। वहीं, 28.3 हजार मतगणना अधिकारी, 2.5 लाख पुलिस अधिकारी और 90712 आंगनवाड़ी सेविकाओं भी मतदान के दौरान तैनाती होगी।