Booster Dose News: वयस्कों के लिए कोविड टीकों की एहतियाती खुराक अब पूरी तरह मुफ्त, लेकिन इस शर्त का रखें ख्याल
Covid Precaution Dose: 15 जुलाई से इसके लिए विशेष अभियान शुरू होगा। 75-दिवसीय इस अभियान के तहत सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर कोविड वैक्सीन की मुफ्त अतिरिक्त खुराक दी जाएगी।
विस्तार
देश में नए सिरे से बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच सरकार ने 18-59 साल के लोगों को कोविड टीकों की मुफ्त एहतियाती खुराक (free precaution doses) देने का फैसला किया है। 15 जुलाई से इसके लिए विशेष अभियान शुरू होगा। 75-दिवसीय इस अभियान के तहत सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर कोविड वैक्सीन की मुफ्त अतिरिक्त खुराक दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को बताया कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए सरकार ने अमृत महोत्सव के रूप में कोविड की एहतियाती खुराक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह अभियान चलाने का फैसला किया है। अगले 75 दिनों में हम इस अभियान को पूरा करने की कोशिश करेंगे। इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा। इससे हमारा अभियान और मजबूत होगा।
#WATCH | Union Minister Anurag Thakur says, "...It has been decided that from 15th July 2022 till the next 75 days, all citizens above 18 years of age will be given booster doses free of cost...This facility will be available at all government centres..."#COVID19 pic.twitter.com/kZSOqHZQLg
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 13, 2022
अब तक 1 फीसदी से कम को एहतियाती खुराक लगी
देश में 18-59 साल की उम्र के 77 करोड़ लोगों को एहतियाती खुराक दी जाना है। इसमें से अब तक 1 फीसदी से भी कम को एहतियाती खुराक दी गई है। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि हालांकि, 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की अनुमानित 16 करोड़ पात्र आबादी के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं में से लगभग 26 फीसदी को बूस्टर खुराक लग चुकी है।
टीके के छह माह बाद कम हो जाता है एंटीबॉडी का स्तर
एक अधिकारी ने बताया कि देश के अधिकांश लोगों को करीब नौ महीने पहले कोविड टीकों की दूसरी खुराक लगी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और अन्य अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों के अध्ययनों में सुझाव दिया गया है कि दोनों खुराक लगने के लगभग छह महीने बाद व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडी का स्तर कम हो जाता है। ऐसे में बूस्टर या एहतियाती खुराक देने से प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है। इसलिए सरकार ने 75 दिन तक एक विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत सरकारी केंद्रों पर 18 से 59 साल के लोगों को निशुल्क एहतियाती खुराक दी जाएगी।
हाल ही में घटाया गया था अंतराल
बता दें, पिछले सप्ताह ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड टीकों की दूसरी एहतियाती खुराक के बीच के अंतर को 9 माह से घटाकर 6 माह कर दिया है। यानी दूसरी लगवाने के छह माह बाद बूस्टर खुराक ली जा सकती है। यह फैसला टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी परामर्श समूह (NTAGI) की सिफारिश के आधार पर किया गया।
अभी चल रहा हर घर दस्तक अभियान 2.0
टीकाकरण तेज करने और बूस्टर खुराक को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने 1 जून से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'हर घर दस्तक अभियान 2.0' के दूसरे दौर की शुरुआत की थी। दो महीने का यह अभियान अभी चल रहा है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की 96 फीसदी आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है जबकि 87 फीसदी लोगों ने दोनों खुराक ले ली है।