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एफएसएसएआई का शिकंजा: अमेजन-फ्लिपकार्ट समेत छह कंपनियों को नोटिस, भ्रामक दावों पर मांगा जवाब; क्या होगा एक्शन?

Thu, 08 Oct 2026 11:09 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 08 Oct 2026 11:09 PM IST
सार

एफएसएसएआई ने हेल्थ सप्लीमेंट के कथित भ्रामक दावों को लेकर डॉ. रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस, अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत छह कंपनियों को नोटिस दिया है। क्या थे ये दावे और कंपनियों पर क्यों हुई कार्रवाई? जानिए...

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FSSAI Notice: Dr Reddys, Nestle, Amazon, Flipkart Face Action Over Misleading Health Claims
एफएसएसएआई - फोटो : amarujala.com

विस्तार

खाद्य नियामक एफएसएसएआई (एफएसएसएआई) ने हेल्थ सप्लीमेंट से जुड़े भ्रामक दावों को लेकर डॉ. रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस, तिरुपति वेलनेस, फ्लिपकार्ट, अमेजन और नेटमेड्स को नोटिस जारी किया है। नियामक ने कंपनियों से पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

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एफएसएसएआई ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। नियामक के मुताबिक, कंपनियों के उत्पादों के पैक पर मांसपेशियों की ताकत, इम्युनिटी सपोर्ट और ऊर्जा चयापचय से जुड़े दावों को इस तरह पेश किया गया था, जिससे उपभोक्ताओं को उत्पाद के स्वास्थ्य लाभ को लेकर भ्रम हो सकता है।
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दावों पर उठाए सवाल
एफएसएसएआई ने बताया कि डॉ. रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस, तिरुपति वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिपकार्ट इंडिया, अमेजन सेलर सर्विसेज और नेटमेड्स हेल्थकेयर को 'सेलेविडा जीएलपी+' से जुड़े विज्ञापन और दावों को लेकर नोटिस भेजे गए हैं।
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नियामक के अनुसार, इस उत्पाद का प्रचार 'जीएलपी-1/जीआईपी चिकित्सा के दौरान बली मांसपेशियों का संरक्षण के लिए उच्च प्रोटीन समर्थन' के तौर पर किया गया। इसमें उत्पाद के सेवन को GLP-1/GIP थेरेपी और शरीर की मांसपेशियों को बनाए रखने से जोड़ा गया था।

एफएसएसएआई ने कहा कि ऐसे दावे किसी खास शारीरिक स्थिति के लिए उत्पाद की उपयुक्तता का संकेत देते हैं। इसके अलावा, 'सेलेविडा जीएलपी+' नाम और GLP-1/GIP थेरेपी से जुड़े दावों से भी उत्पाद और इन थेरेपी के बीच भ्रामक संबंध बनता हुआ पाया गया।

'दुबली मांसपेशियां' से जुड़े दावों पर भी आपत्ति
नियामक के मुताबिक, 'लीन मसल्स को बनाए रखने में मदद करता है', 'मांसपेशियों की ताकत को सपोर्ट करता है' और 'लीन मास को बनाए रखता है' जैसे दावे भी सवालों के घेरे में हैं। एफएसएसएआई ने कहा कि इन दावों से यह संकेत मिल सकता है कि उत्पाद वजन घटाने या GLP-1/GIP थेरेपी के दौरान शरीर के लीन मसल्स में कमी को कम करने में मदद कर सकता है। एफएसएसएआई के अनुसार, उत्पाद को एक संपूर्ण पोषण उत्पाद के रूप में भी बाजार में पेश किया गया था।

'यूरोप से आयात' वाले दावे पर भी सवाल
एफएसएसएआई ने उत्पाद पर लिखे 'शुद्धता के लिए यूरोप से आयातित' दावे को भी भ्रामक बताया है। नियामक ने कहा कि उत्पाद की मार्केटिंग और विज्ञापन में किए गए दावों को लेकर कंपनियों से जवाब मांगा गया है।


ई-कॉमर्स कंपनियां भी नोटिस के दायरे में
इस मामले में केवल उत्पाद से जुड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी एफएसएसएआई की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। नोटिस पाने वालों में फ्लिपकार्ट इंडिया, अमेजन सेलर सर्विसेज और नेटमेड्स हेल्थकेयर शामिल हैं। एफएसएसएआई ने कहा कि पिछले छह महीनों में उसने खाद्य कारोबार से जुड़े ऑपरेटरों और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ अपने प्रवर्तन अभियान को तेज किया है।

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