भूटान ने नहीं रोका असम जाने वाला पानी, बांध मरम्मत का दिया हवाला
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Bhutan issues clarification, states that media reports alleging that they (Bhutan) have stopped the supply of irrigation water to areas in Assam "are totally baseless" & "deliberate attempt by vested interests to cause misunderstanding between friendly people of Bhutan & Assam." pic.twitter.com/PQ4F2hcH40
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 26, 2020
वहीं, असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने कहा कि असम में सिंचाई का पानी भूटान की पहाड़ियों से आता है। कई बार बड़े पत्थरों की वजह से पानी का बहाव रुक जाता है। हमने भूटान से बात की और उसने तुरंत इसे ठीक कर दिया। कोई विवाद नहीं है।
#WATCH: Assam Chief Secy Kumar Sanjay Krishna says, "Irrigation water comes to Assam from hills of Bhutan, but there was boulder which stopped the flow. We talked to Bhutan & they immediately cleared it. There's no dispute & to say that they stopped the water to Assam is wrong." pic.twitter.com/aNPNxclgJO
— ANI (@ANI) June 26, 2020
दरअसल, बताया जा रहा था कि भूटान ने असम के बक्सा जिले के किसानों का पानी रोक दिया है। बक्सा जिले के 26 से ज्यादा गांवों के करीब 6000 किसान सिंचाई के लिए डोंग परियोजना पर निर्भर हैं। वर्ष 1953 के बाद से किसान धान की सिंचाई भूटान की नदियों के पानी से करते रहे हैं।
दो-तीन दिनों से बक्सा के किसान खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने रोंगिया-भूटान सड़क जाम की थी। किसान चाहते हैं कि केंद्र सरकार भूटान के सामने इस मुद्दे को उठाए। दरअसल, धान के मौसम में हर साल बक्सा के किसान भारत-भूटान सीमा पर समद्रूप जोंगखार इलाके में जाते हैं और काला नदी का पानी सिंचाई के लिए लाते हैं।