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Bhupesh Baghel: क्या जोखिम में फंसने जा रहे हैं छत्तीसगढ़ के सीएम? इस लिंक के जुड़ते ही दबिश दे सकती है ED

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 04 Nov 2023 01:18 PM IST
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सार
Bhupesh Baghel: ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर सत्येंद्र सिंह के मुताबिक, अभी इस केस की जांच में यह देखना होगा कि इसमें और कौन-कौन शामिल हैं। उनके बीच किस तरह का लिंक है। क्या वह लिंक मुख्यमंत्री बघेल और उनके करीबियों तक सीधा एवं स्पष्ट जुड़ रहा है। वह लिंक किसी भी रूप में हो सकता है...
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Bhupesh Baghel: Is Chhattisgarh CM going to be in danger, ED can raid as soon as this link is established
Bhupesh Baghel - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच क्या मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जोखिम में फंसने जा रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा, महादेव सट्टेबाजी एप के प्रवर्तकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए हैं। ईडी की गिरफ्त में आए असीम दास ने यह बात स्वीकार की है। ईडी के इस दावे पर सीएम बघेल ने पलटवार करते हुए कहा, किसी की इज्जत उछालना आसान है। मुख्यमंत्री के खिलाफ किसी को मारपीट कर ऐसा बुलवा दो। इससे बड़ा मजाक क्या होगा। ईडी में तीन दशक से अधिक समय तक कार्यरत रहे पूर्व डिप्टी डायरेक्टर सत्येंद्र सिंह बताते हैं, इस केस का सारा दम सबूतों पर हैं। एक व्यक्ति ने जांच एजेंसी को बयान दे दिया है। उसमें उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लिया है। अब उस व्यक्ति का 'लिंक' पता करना होगा। अगर वह मुख्यमंत्री या उनके करीबियों के साथ पुख्ता तौर से जुड़ता हुआ नजर आता है तो सीएम बघेल जोखिम में फंस सकते हैं।   

लिंक का सीधा एवं स्पष्ट जुड़ाव होना चाहिए 

ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर सत्येंद्र सिंह के मुताबिक, अभी इस केस की जांच में यह देखना होगा कि इसमें और कौन-कौन शामिल हैं। उनके बीच किस तरह का लिंक है। क्या वह लिंक मुख्यमंत्री बघेल और उनके करीबियों तक सीधा एवं स्पष्ट जुड़ रहा है। वह लिंक किसी भी रूप में हो सकता है। मतलब, टेलीफोनिक बातचीत, मैसेज का आदान प्रदान, ईमेल या फेस टू फेस बातचीत, आदि शामिल है। अगर ऐसा कोई पुख्ता लिंक मिलता है तो जांच एजेंसी, मुख्यमंत्री तक आसानी से पहुंच सकती है। इसके बाद मुख्यमंत्री को समन भेजा सकता है। अगर जांच एजेंसी को लगता है कि केस से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज जुटाने हैं, तो रेड भी डाली जा सकती है। अगर सर्च होती है तो उसके बाद बयान लिया जाता है। हालांकि जांच एजेंसी की सारा कार्रवाई, सबूतों के आधार पर निर्भर करती है।

प्रवर्तन निदेशालय 'ईडी' ने किया है बड़ा दावा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को जारी एक प्रेस रिलीज में कहा था कि महादेव सट्टेबाजी एप के प्रमोटर्स ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए हैं। यह राशि कई चरणों में दी गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, ईडी की चालाकी देखिए कि उस व्यक्ति का बयान जाहिर करने के बाद एक छोटे से वाक्य में लिख दिया है कि यह बयान, जांच का विषय है। जब इस बाबत जांच ही नहीं हुई है तो एक व्यक्ति के बयान पर प्रेस रिलीज जारी करना ईडी की नीयत को बताता है। इसके पीछे केंद्र सरकार की बदनीयती भी जाहिर होती है। महादेव बेटिंग एप घोटाले को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, सत्ता में रहकर, सत्ता का खेल, छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेतृत्व का एक बहुत बड़ा चेहरा बन चुका है। उन्होंने कांग्रेस से कुछ सवाल पूछे हैं। क्या ये सत्य है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेताओं को शुभम सोनी के माध्यम से असीम दास पैसा पहुंचाते थे। क्या ये सत्य है कि शुभम सोनी के एक वॉयस मैसेज के माध्यम से असीम दास को ये आदेश दिया गया कि वो रायपुर जाएं और भूपेश बघेल को चुनाव के खर्चे के लिए पैसा दें।

क्या बोले, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बयान पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने कहा, ईडी के पास अगर कोई जानकारी और सबूत हैं तो उन्हें सामने क्यों नहीं लाती। आरोप क्यों लगा रही है। उनके पास जानकारी है और वे सामने नहीं रख रहे हैं, तो वे भी सहभागी हैं क्या। यह वही ईडी है जिसके अधिकारियों के घरों में भारी मात्रा में पैसा मिला है। हम उम्मीद कर रहे थे कि चुनाव से ठीक पहले ऐसा होगा। यह अप्रत्याशित नहीं है। जब वे चुनाव हारने वाले हैं तो ये बातें सामने ला रहे हैं। ईडी की प्रेस रिलीज में भी कोई तथ्य नहीं है। कौन से लोग देश में चुनी सरकारों को गिराते हैं और ऑपरेशन लोटस करते हैं, ये सभी जानते हैं। कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को अपने बयान में कहा, महादेव एप पूरे देश में मौजूद है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जिसने महादेव एप के खिलाफ जांच की है। इस मामले में 70 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। 450 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 191 लैपटॉप, 865 मोबाइल डिवाइस, 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति, 41 लाख रुपये से अधिक नकदी और 16 करोड़ रुपये के अनुमानित मूल्य के बैंक खातों को जब्त किया गया है।

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