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Hindi News ›   India News ›   Bhima Korgaon Supreme Court provides interim protection arrest of Gautam Navlakha till October 15

भीमा कोरेगांव: गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, गिरफ्तारी पर 15 अक्तूबर तक रोक

Fri, 04 Oct 2019 03:05 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 04 Oct 2019 03:05 PM IST
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Bhima Korgaon Supreme Court provides interim protection arrest of Gautam Navlakha till October 15
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव मामले में गौतम नवलखा की गिरफ्तारी से 15 अक्तूबर तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान किया है। न्यायालय ने महाराष्ट्र को सुनवाई की अगली तारीख को उनके पास गौतम नवलखा के खिलाफ जो भी सबूत हैं, उसे लेकर आने के लिए कहा है।

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इससे पहले गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई करने से उच्चतम न्यायालय के जस्टिस एस रविंद्र भट्ट ने खुद को अलग कर लिया। भीमा कोरेगांव मामले में नवलखा को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने अदालत में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की हुई है। 
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सबसे पहले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सामाजिक कार्यकर्ता नवलखा की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को उनकी याचिका जस्टिस एन.वी. रमण, जस्टिस बी.आर. सुभाष रेड्डी और जस्टिस बी.आर.गवई की पीठ के समक्ष आई थी। मगर जस्टिस गवई ने भी खुद को सुनवाई से अलग कर दिया। फिर उनकी याचिका जस्टिस एस रविंद्र भट्ट की पीठ के समक्ष आई। जिन्होंने इसपर सुनवाई से किनारा कर लिया है। 

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गौतम नवलखा ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर रद्द करने से मना कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि इस मामले को उस पीठ के पास भेजा जाए, जिसमें वह पार्टी न हों। 


पिछले महीने हाईकोर्ट ने रद्द की थी याचिका 

13 सितंबर को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने नवलखा की एफआईआर रद्द करने की अपील खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि पहली नजर में इस मामले में सच्चाई दिखाई देती है। इसमें गहनता से और पूरी जांच की जरूरत है। 31 दिसंबर 2017 को भीमा-कोरेगांव में एल्गर परिषद आयोजित की गई थी। इसके अगले ही दिन हिंसा शुरू हो गई थी। इसके बाद नवलखा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उन पर नक्सलियों से संपर्क रखने का आरोप भी लगा था। 



 

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