{"_id":"5bf03ddbbdec221a020c5fe5","slug":"bhima-koregaon-violence-case-activist-varavara-rao-has-been-arrested-by-maharashtra-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीमा-कोरेगांव हिंसा मामला: महाराष्ट्र पुलिस ने वरवर राव को उनके घर से किया गिरफ्तार ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भीमा-कोरेगांव हिंसा मामला: महाराष्ट्र पुलिस ने वरवर राव को उनके घर से किया गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Updated Sat, 17 Nov 2018 09:42 PM IST
विज्ञापन
वरवरा राव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में नजरबंद रहे सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव को महाराष्ट्र पुलिस ने शनिवार देर शाम उनके हैदराबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पुलिस ने वरवर राव की नजरबंदी की अवधि आज समाप्त होने के बाद यह कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि गुरुवार को इस मामले में पुणे पुलिस ने पुणे सत्र न्यायालय में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए थे। जिनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था उनमें एडवोकेट सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, सुधीर ढवाले और रोना विल्सन शामिल हैं।
विज्ञापन
बता दें कि इससे पहले पुणे सेशंस कोर्ट ने भीमा कोरेगांव हिंसा में आरोपी सुधा भारद्वाज, अरुण फेरेरा और वर्नोन गॉन्जाल्विस को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। कोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज खारिज कर चुका है और तीनों को नजरबंद रखा गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान अरुण फेरेरा ने बताया था कि हिरासत के दौरान हुई पूछताछ में उन्हें काफी मारा-पीटा गया है। अरुण फरेरा ने कहा था कि 4 नवंबर को पूछताछ के दौरान 8 से 10 बार पुलिस अधिकारियों ने मारा जिसकी वजह से उनकी तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
बता दें कि इस साल जनवरी में हुई भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे पुलिस ने 28 अगस्त को देशभर के कई शहरों में एक साथ छापेमारी कर सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव को हैदराबाद से, फरीदाबाद से सुधा भारद्वाज और दिल्ली से गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया था। वहीं ठाणे से अरुण फरेरा और गोवा से वर्नोन गॉन्जाल्विस को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि गौतम नवलखा को दिल्ली हाई कोर्ट ने रिहा कर दिया था।
विज्ञापन
Bhima Koregaon violence case: Activist Varavara Rao has been arrested by Maharashtra Police from his residence in Hyderabad as his house arrest ended today. pic.twitter.com/fR8ndIHFEX
— ANI (@ANI) November 17, 2018विज्ञापन
गौरतलब है कि गुरुवार को इस मामले में पुणे पुलिस ने पुणे सत्र न्यायालय में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए थे। जिनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था उनमें एडवोकेट सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, सुधीर ढवाले और रोना विल्सन शामिल हैं।
विज्ञापन
बता दें कि इससे पहले पुणे सेशंस कोर्ट ने भीमा कोरेगांव हिंसा में आरोपी सुधा भारद्वाज, अरुण फेरेरा और वर्नोन गॉन्जाल्विस को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। कोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज खारिज कर चुका है और तीनों को नजरबंद रखा गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान अरुण फेरेरा ने बताया था कि हिरासत के दौरान हुई पूछताछ में उन्हें काफी मारा-पीटा गया है। अरुण फरेरा ने कहा था कि 4 नवंबर को पूछताछ के दौरान 8 से 10 बार पुलिस अधिकारियों ने मारा जिसकी वजह से उनकी तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
बता दें कि इस साल जनवरी में हुई भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे पुलिस ने 28 अगस्त को देशभर के कई शहरों में एक साथ छापेमारी कर सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव को हैदराबाद से, फरीदाबाद से सुधा भारद्वाज और दिल्ली से गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया था। वहीं ठाणे से अरुण फरेरा और गोवा से वर्नोन गॉन्जाल्विस को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि गौतम नवलखा को दिल्ली हाई कोर्ट ने रिहा कर दिया था।