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भीमा-कोरेगांव हिंसा: सरकार के खिलाफ दलितों को लामबंद कर रहे थे माओवादी
Thu, 14 Mar 2019 05:59 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 14 Mar 2019 05:59 AM IST
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फाइल फोटो
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महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार और माओवादियों से जुड़े लोग दलितों को लामबंद करने की कोशिश में जुटे थे, ताकि भाजपानीत महाराष्ट्र सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का भाकपा (माओ) का मकसद पूरा किया जा सके। महाराष्ट्र पुलिस ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है।
पुणे के पुलिस उपायुक्त शिवाजी पवार ने बुधवार को कहा कि इस संबंध में कोर्ट के समक्ष हलफनामा दायर किया गया है। इसमें आरोपितों में से एक अरुण फरेरा की जमानत अर्जी का विरोध किया गया है। पुलिस ने फरेरा के अलावा आठ अन्य माओवादियों को पहले ही गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद फरेरा और गोंजाल्विस ने जमानत याचिका दायर की थी। इस पर बुधवार को ही न्यायमूर्ति पी.एन. देशमुख की अदालत में मामला पांच अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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पुणे के पुलिस उपायुक्त शिवाजी पवार ने बुधवार को कहा कि इस संबंध में कोर्ट के समक्ष हलफनामा दायर किया गया है। इसमें आरोपितों में से एक अरुण फरेरा की जमानत अर्जी का विरोध किया गया है। पुलिस ने फरेरा के अलावा आठ अन्य माओवादियों को पहले ही गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद फरेरा और गोंजाल्विस ने जमानत याचिका दायर की थी। इस पर बुधवार को ही न्यायमूर्ति पी.एन. देशमुख की अदालत में मामला पांच अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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