Bharat Nyay Yatra: राम मंदिर शुभारंभ से पहले इसलिए शुरू हो रही राहुल की न्याय यात्रा! ये हैं इसके सियासी मायने
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विस्तार
14 राज्यों से गुजरने वाली राहुल गांधी की न्याय यात्रा 14 जनवरी से शुरू हो रही है। इस यात्रा को अमली जामा पहनाने के लिए बुधवार को कांग्रेस पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। कांग्रेस से लेकर अन्य राजनैतिक गलियारों में चर्चा इस बात की शुरू हुई कि आखिर राम मंदिर के शुभारंभ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी की न्याय यात्रा क्यों शुरू हो रही है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी की इस यात्रा को पहले 22 जनवरी के बाद शुरू किए जाने की योजना बन रही थी। बाद में इसको 14 जनवरी से ही शुरू करने का प्लान बना। कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि राम मंदिर के शुभारंभ से पहले राहुल गांधी की यात्रा को शुरू करके उनकी पार्टी न सिर्फ अपनी मजबूती दिखाएगी, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के राम मंदिर जैसे बड़े और भव्य कार्यक्रम के प्रभाव में न होने का भी एक बड़ा संदेश जाएगा।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी की 14 राज्यों के 85 जिलों से गुजरने वाली यात्रा को लेकर बुधवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में फिलहाल इन राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं, जिसमें आगे की रणनीति पर काम करने की योजना बनाई जाएगी। दरअसल राहुल गांधी की अभी इस यात्रा का खाका तो तैयार कर लिया गया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर उसे किस तरीके से क्रियान्वित किया जाना है, इस पर चर्चा होनी बाकी है। राहुल गांधी की इस न्याय यात्रा से जुड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि पूरब से शुरू होकर पश्चिम में खत्म होने वाली यह यात्रा इन राज्यों के तकरीबन 85 जिलों से गुजरेगी। 55 से 67 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा मार्च में होली से कुछ दिन पहले मुंबई में समाप्त होगी। वह कहते हैं कि वैसे तो यात्रा की पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है लेकिन बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होगी। इसी बैठक में आधिकारिक रूप से तय होगा कि यात्रा कितने दिनों तक होगी और कितने जिलों से होकर गुजरेगी
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी की जो न्याय यात्रा 14 जनवरी से शुरू हो रही है, उसे लेकर पहले कुछ अन्य तारीखों पर भी विचार किया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के ही कुछ नेता राहुल गांधी की यात्रा को राम मंदिर के शुभारंभ के बाद करने के इच्छुक थे। लेकिन तय यही हुआ कि राहुल गांधी की यात्रा किसी भी कार्यक्रम के चलते आगे नहीं बढ़ सकती। इसके पीछे कांग्रेस पार्टी के नेताओं का तर्क है कि पार्टी के नेता नहीं चाहते थे कि किसी तरह का यह संदेश जाए कि राहुल की यात्रा राम मंदिर के शुभारंभ के चलते आगे बढ़ी है। पार्टी से जुड़े नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी की यात्रा जब राम मंदिर के शुभारंभ से पहले ही शुरू हो जाएगी, तो यह संदेश स्पष्ट होगा कि पार्टी अपने मजबूती इरादों के साथ लोगों से बिना किसी दूसरी पार्टी के बड़े आयोजन के दबाव में आगे बढ़ रही है।
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीएल पुनिया कहते हैं कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा और राम मंदिर के शुभारंभ का आपस में कोई लेना देना ही नहीं है। वह कहते हैं कि राहुल गांधी की यात्रा आपसी समरसता के साथ सामाजिक और आर्थिक स्तर पर देश को मजबूत करने और लोगों को आगे बढ़ाने के लिहाज से शुरू हो रही है। रही बात किसी तरह के दबाव की, तो वह न कांग्रेस पार्टी लेती है और ना ही राहुल गांधी और न ही उनकी न्याय यात्रा लेगी। राष्ट्रीय प्रवक्ता पीएल पुनिया कहते हैं कि नॉर्थ ईस्ट से शुरू होने वाली राहुल गांधी की यात्रा होली से पहले मुंबई में जाकर समाप्त होगी।
कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि बुधवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में सभी राज्यों के प्रभारी समेत उन 14 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता भी शामिल होंगे, जहां से राहुल गांधी की न्याय यात्रा गुजरने वाली है। पार्टी नेताओं के मुताबिक 8 जनवरी को रूट की जानकारी साझा करने के साथ ही लोगो व टैगलाइन भी जारी किया जाएगा। जबकि 12 जनवरी को यात्रा का थीम सॉन्ग लॉन्च होगा। इस थीम सॉन्ग को हिंदी-अंग्रेजी के अलावा अलग-अलग राज्यों की स्थानीय भाषाओं में भी लॉन्च किया जाएगा।