फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bharat Jodo Yatra will be many times longer and bigger in phase 2 amid coronavirus alert

Bharat Jodo Yatra: वे 8 बातें, जिनमें राहुल नहीं फंसे, कोविड अलर्ट के बीच कई गुना लंबी होगी भारत जोड़ो यात्रा!

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 23 Dec 2022 05:56 PM IST
सार

Bharat Jodo Yatra: शुक्रवार को हरियाणा सरकार में कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा, राहुल को ठंड क्यों नहीं लगती। उन्होंने कहा, मैं जहां-जहां जाता हूं, वहां लोग एक सवाल जरूर पूछते हैं। सर्दी के मौसम में ऐसी कौन सी दवाई राहुल जी खाते हैं, जिससे एक टी-शर्ट में उन्हें ठंड नहीं लगती...

विज्ञापन
Bharat Jodo Yatra will be many times longer and bigger in phase 2 amid coronavirus alert
bharat Jodo Yatra- Rahul Gandhi - फोटो : Agency

विस्तार

'भारत जोड़ो यात्रा' (Bharat Jodo Yatra) ने दिल्ली एनसीआर में दस्तक दे दी है। 24 दिसंबर को राजघाट पर यात्रा के पहले चरण का समापन होगा। इसके बाद तीन दिसंबर से यात्रा, दोबारा शुरू होगी। शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने उन सभी बातों का जिक्र किया, जिन्हें आधार बनाकर 'भारत जोड़ो यात्रा' में बाधा पहुंचाने और राहुल गांधी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। बतौर, कन्हैया कुमार, राहुल गांधी भाजपा के आठ स्तरीय एजेंडे में नहीं फंसे। हालांकि उन्हें घेरने के लिए साम, दाम दंड भेद, सभी तरह की तकनीक इस्तेमाल में लाई गईं। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया है कि 'भारत जोड़ो यात्रा' बंद नहीं होगी। यह कश्मीर तक जाएगी और राहुल गांधी, वहां पर तिरंगा फहराएंगे। ऐसी संभावना है कि दूसरे चरण की शुरुआत में 'भारत जोड़ो यात्रा' का काफिला कई गुना लंबा हो सकता है। अगर कोरोना प्रोटोकॉल लागू होता है, तो भारत जोड़ो यात्रा में शामिल लोगों को एक तय दूरी बनाकर चलना होगा।

विज्ञापन

कांग्रेस ने जारी किया वीडियो तो शांत हुआ मामला

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और शक्ति सिंह गोहिल की मौजूदगी में कन्हैया कुमार ने कहा, केंद्र सरकार में एक महिला मंत्री ने यात्रा की शुरुआत में ही राहुल गांधी पर स्वामी विवेकानंद की अनदेखी करने का आरोप लगा दिया था। इसके बाद जब कांग्रेस पार्टी ने कन्याकुमारी में राहुल गांधी की विवेकानंद की मूर्ति के सामने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वीडियो जारी किया, तो मामला शांत हुआ। उस वक्त कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने अपने ट्वीट में लिखा, 'क्या मूर्खतापूर्ण बात है, भगवान मूर्ख आत्माओं को शांति दें। जयराम रमेश ने कहा था, भाजपा झूठ फैलाने में विश्वास रखती है। अगर स्मृति ईरानी को, चीजों को अधिक स्पष्टता से देखने में मदद करने के लिए एक नए चश्मे की जरूरत है, तो हम उन्हें वह दे सकते हैं। इसके बाद 'भारत जोड़ो यात्रा' को लेकर राहुल पर दूसरा हमला बोला गया। भाजपा ने कहा, भारत तो पहले से ही जुड़ा हुआ है, अब ऐसी क्या जरूरत आ गई कि भारत जोड़ने के लिए यात्रा निकालने की नौबत आ रही है। कन्हैया कुमार ने कहा, जब इस यात्रा की कोई प्रासंगिकता ही नहीं है तो भाजपा नेता इसकी चर्चा क्यों करते हैं। ये ध्यान रखना चाहिए कि देश जमीनी तौर पर जुड़ा है। अगर यहां लोगों को हटा दें तो देश नहीं जुड़ सकता। देश, लोगों की भावनाओं से जुड़ता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो बहुत देर तक आप जमीन से जुड़े नहीं रह सकते।

विज्ञापन

जूते और फीते की चर्चा शुरू कर दी गई

कन्हैया कुमार ने कहा, जब भाजपा के दूसरे एजेंडे फेल हो गए तो उन्होंने राहुल गांधी के जूतों को लेकर सवाल उठा दिया। उनकी कीमत क्या है, वे कहां से आए हैं। वे तो फलां ब्रांड के हैं। इसके बाद फीते की बात शुरू कर दी। हालांकि इससे पहले राहुल गांधी ने यात्रा में शामिल हुई अपनी मां सोनिया गांधी के जूतों के फीते बांधे थे। हाल ही में भाजपा नेता अमित मालवीय ने अपने एक ट्वीट में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान के अलवर से कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह पर राहुल गांधी के जूते का फीता बांधने का आरोप लगाया था। इसके बाद जितेंद्र सिंह ने अमित मालवीय के ट्वीट पर पलटवार करते हुए लिखा था, भाजपा के राष्ट्रीय सूचना विभाग के प्रभारी के रूप में आपका ट्वीट पूरी तरह झूठ और मानहानिकारक है। सच तो यह है कि मेरे कहने पर राहुल जी कुछ देर रुके ताकि मैं अपने जूतों के फीते खुद बांध सकूं। उन्होंने इसका वीडियो भी जारी किया। राहुल गांधी की टी-शर्ट को मुद्दा बनाने का प्रयास किया गया। जब इससे कोई बात नहीं बनी, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, आपका चेहरा सद्दाम हुसैन जैसा क्यों होता जा रहा है। आपका चेहरा ऐसा होना चाहिए, जिसमें लोगों को महात्मा गांधी दिखाई दें, सरदार पटेल दिखाई दें, ऐसा नहीं होना चाहिए जिसमें सद्दाम हुसैन दिखाई दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

यात्रा में शामिल महिलाओं पर सवाल उठा दिया गया

भारत जोड़ो यात्रा में अनेक महिला कार्यकर्ता, जिनमें सामान्य से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त महिलाएं भी शामिल थीं, जब वे यात्रा में राहुल गांधी के साथ चलीं, तो उस बाबत भी चर्चा शुरू हो गई। कई महिलाओं ने राहुल गांधी का हाथ पकड़ा तो भाजपा ने उसे मुद्दा बनाने का प्रयास किया। यात्रा के दौरान अनेक महिलाएं, राहुल के साथ गले मिलती हुई दिखाई दीं। जब इन सबसे कोई बात नहीं बनी तो शुक्रवार को हरियाणा सरकार में कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा, राहुल को ठंड क्यों नहीं लगती। उन्होंने कहा, मैं जहां-जहां जाता हूं, वहां लोग एक सवाल जरूर पूछते हैं। सर्दी के मौसम में ऐसी कौन सी दवाई राहुल जी खाते हैं, जिससे एक टी-शर्ट में उन्हें ठंड नहीं लगती। अगर यह फॉर्मूला हमारे सैनिकों, जो हिमालय पर रहते हैं, उन्हें भी मिल जाए, तो देश के प्रति उनका बड़ा अच्छा योगदान होगा। मैं देखता हूं कि बाकी लोग सब गर्म कपड़ों में रहते हैं और वह अकेले ऐसे नेता हैं, जो ठिठुरती हुई सर्दी में भी टीशर्ट में रहते हैं। ऐसे में जरुर उनके पास कोई फॉर्मूला होगा। उन्हें इसे देश की सेना को देना चाहिए।

यात्रा पर चौतरफा हमला कर रही भाजपा

कन्हैया कुमार ने कहा, भाजपा इस यात्रा पर चौतरफा हमला कर रही है। डर्टी ट्रिक डिपार्टमेंट, नकली वीडियो बना रहा है। कभी चेहरे इधर-उधर कर देता है, तो कभी खाली सड़क का वीडियो दिखा रहा है। उन्हें केवल राहुल गांधी को बदनाम करना है। राहुल गुरुद्वारा जाते हैं, चर्च जाते हैं, तो ठीक। अगर मजार पर जाएं तो भी ठीक, मगर जैसे ही वे मंदिर में जाते हैं तो भाजपा परेशान हो जाती है।

इस यात्रा के जरिए देश पूछ रहा है सवाल

यात्रा में शामिल लोगों के सवाल हैं। इन्हीं सवालों के जरिए देश, मोदी सरकार से अपने सपनों के बारे में बात कर रहा है। युवाओं और किसानों के सपने टूट रहे हैं। छोटे व्यापारियों का बुरा हाल है। महिलाओं को सुरक्षा नहीं मिल रही। अपने मुद्दों को लेकर सभी वर्ग, यात्रा में शामिल हो रहे हैं। अब ये यात्रा, दल की सीमा से परे जाकर देश की यात्रा बन चुकी है। कोरोना बहाना नहीं, एक बीमारी है। राहुल पहले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने सबसे पहले कोरोना को लेकर चिट्ठी लिखी थी। अब सरकार कुछ ऐसा कर रही है कि जिससे लगता है कि कोरोना दिन में हो जाता है, रात में नहीं। संसद में कोरोना का डर दिखता है, लेकिन शादी में नहीं। वैज्ञानिक प्रोटोकॉल तो सभी के लिए होगा। कांग्रेस पार्टी में उसे फॉलो किया जाएगा। नियमों का पालन करते हुए भारत जोड़ो यात्रा चलती रहेगी। बतौर कन्हैया कुमार, अब यह यात्रा कन्याकुमारी से दिल्ली पहुंच रही है। यात्रा का मकसद चुनाव नहीं है, भावना है। भीड़ जुटाना मकसद नहीं, लोग अपने सवालों को लेकर यात्रा में शामिल हो रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed