फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bharat Jodo Yatra: Why North India leaders afraid to stand with congress leader Rahul gandhi

Bharat Jodo Yatra: राहुल के साथ खड़े होने में उत्तर भारत के नेताओं को क्यों लग रहा है डर, दक्षिण में मिला साथ

Fri, 06 Jan 2023 07:06 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Fri, 06 Jan 2023 07:06 PM IST
सार

Bharat Jodo Yatra: कांग्रेस के वोट बैंक के आधार पर ही उत्तर भारत के ज्यादातर राजनीतिक दल खड़े हुए हैं। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आरएलडी, जदयू और आरजेडी सबके मतदाता कभी कांग्रेस के ही पारंपरिक मतदाता रहे हैं...

विज्ञापन
Bharat Jodo Yatra: Why North India leaders afraid to stand with congress leader Rahul gandhi
Aditya Thackeray bharat jodo Yatra - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

राहुल गांधी ने जब कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) की शुरुआत की थी, तब पहले ही दिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके पार्टी के अध्यक्ष एमके स्टालिन उनके साथ नजर आए। उन्होंने राहुल गांधी को यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं और तिरंगा सौंपकर उनकी यात्रा के बड़े उद्देश्य को प्रतिबिंबित भी किया। इसके बाद से अब तक शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और प्रियंका चतुर्वेदी, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले, डीएमके नेता कनीमोझी और नेशनल कांफ्रेंस नेता फारुक अब्दुल्ला भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ खड़े दिखाई पड़े हैं।

विज्ञापन

लेकिन उत्तर भारत के राजनीतिक दलों ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से अब तक दूरी बनाए रखी है। समाजवादी पार्टी, बसपा, आरएलडी, आम आदमी पार्टी (AAP) और बिहार में बेहद प्रभावशाली जदयू ने यात्रा को नैतिक समर्थन तो दिया है, लेकिन उनके किसी नेता को अब तक यात्रा में राहुल गांधी के साथ खड़े नहीं देखा गया। इसका कारण क्या है? क्या केवल राहुल के साथ खड़े होने से इन राजनीतिक दलों को अपनी राजनीतिक जमीन कांग्रेस के हाथों गंवाने का डर है?

विज्ञापन

राहुल को नेता स्वीकार करने से बचना चाह रहे राजनीतिक दल

राजनीतिक विश्लेषक संजय कुमार ने अमर उजाला से कहा कि कांग्रेस आज की तारीख में उत्तर प्रदेश या बिहार में इतनी मजबूत नहीं है कि वह एक झटके में समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी का आधार छीन सके। लिहाजा यह नहीं कहा जा सकता कि इन राजनीतिक दलों ने केवल वोट बैंक खिसकने के डर से यात्रा से दूरी बनाए रखी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का असली उद्देश्य 2024 में पार्टी की बेहतर पोजिशनिंग के लिए है। इसके जरिए कांग्रेस राहुल गांधी की छवि मजबूत करना चाहती है। लेकिन विपक्ष के कई नेता स्वयं विपक्षी खेमे का नेतृत्व करना चाहते हैं, वे राहुल के साथ खड़े होकर अभी से उन्हें विपक्ष के सर्वमान्य नेता के तौर पर अपनी स्वीकृति नहीं देना चाहते। यही कारण है कि इन नेताओं ने भारत जोड़ो यात्रा को अपना नैतिक समर्थन तो दिया है, लेकिन वे राहुल के साथ खड़े होने से बच रहे हैं।

शिवसेना, एनसीपी, नेशनल कांफ्रेंस और डीएमके जैसी पार्टियां और इसके नेता स्वयं विपक्ष के नेतृत्वकर्ता की भूमिका में अपने आपको नहीं देख रही हैं, यही कारण है कि वे खुलकर राहुल गांधी के साथ खड़ी हो रही हैं। इनमें से कई दल पहले ही कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार चला चुके हैं, लिहाजा उनके कांग्रेस के साथ आने में कोई परेशानी भी नहीं है।

 

Bharat Jodo Yatra: Why North India leaders afraid to stand with congress leader Rahul gandhi
DMK MP Kanimozhi joins Rahul Gandhi Bharat Jodo Yatra - फोटो : Agency (File Photo)

वोट बैंक खिसकने का डर भी बड़ा कारण

सच्चाई यह भी है कि कांग्रेस के वोट बैंक के आधार पर ही उत्तर भारत के ज्यादातर राजनीतिक दल खड़े हुए हैं। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आरएलडी, जदयू और आरजेडी सबके मतदाता कभी कांग्रेस के ही पारंपरिक मतदाता रहे हैं। सबसे नजदीक में आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस के वोट बैंक को हथियाकर ही खड़ी हुई है। ऐसे में यदि कांग्रेस और राहुल गांधी मजबूत होते हैं तो इनका चिंतित होना स्वाभाविक है क्योंकि इससे उनका आधार वोट खिसकने का खतरा पैदा हो सकता है।

इस मामले में कांग्रेस से सबसे ज्यादा खतरा बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी को है। राहुल गांधी की यात्रा को जिस तरह दलितों और मुसलमान समुदाय के बीच समर्थन मिल रहा है, उससे इन राजनीतिक दलों की आशंका को बेसिर-पैर भी नहीं कहा जा सकता। हाल ही में दिल्ली नगर निगम के चुनाव परिणामों ने भी कुछ इसी तरह का इशारा किया था। यही कारण है कि ये राजनीतिक दल राहुल गांधी और भारत जोड़ो यात्रा से अपनी दूरी बनाए रखने के लिए 'मजबूर' हैं।

काम नहीं आया था साथ

इसके पहले समाजवादी पार्टी, आरएलडी और बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़कर देख लिया है। उत्तर प्रदेश में यह फॉर्मूला कारगर नहीं रहा और मतदाताओं ने इस गठबंधन की बजाय दूसरे दलों को वोट देना बेहतर समझा। शायद यह भी एक कारण है कि सपा-बसपा ने राहुल गांधी की यात्रा से दूरी बनाए रखी है।

 

Bharat Jodo Yatra: Why North India leaders afraid to stand with congress leader Rahul gandhi
Farooq Abdullah in Bharat Jodo Yatra - फोटो : Agency (File Photo)

हमारी अपनी नीति

राहुल गांधी की यात्रा में साथ न आने के सवाल पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने अमर उजाला से कहा कि हर बात को वोट बैंक की राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनकी पार्टी मानती है कि राहुल गांधी अच्छे मुद्दे उठा रहे हैं। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पत्र लिखकर राहुल गांधी की यात्रा का समर्थन भी किया है। लेकिन, जहां तक यात्रा में शामिल होने का प्रश्न है, हर पार्टी का अपना कार्यक्रम होता है। उनकी पार्टी पहले ही यूपी में अपने स्तर पर एक अभियान चला रही है। भविष्य में भी समाजवादी पार्टी अपने स्तर पर बड़ा अभियान चलाएगी।

यात्रा में सबका स्वागत

भारत जोड़ो यात्रा के लिए सोशल मीडिया प्रभारी रितु चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी ने यह यात्रा जनता के मुद्दों को उठाने के लिए निकाली है। उनके नेताओं ने पहले दिन ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यह गैर-राजनीतिक यात्रा है और जो भी जनता के मुद्दों के लिए साथ आना चाहता है, उन सबका इस यात्रा में स्वागत है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और उनके नेताओं का यह स्टैंड अभी भी कायम है। वे विपक्ष के सभी राजनीतिक दलों से अपील कर रही हैं कि वे जनता के मुद्दों के लिए साथ आएं और देश को जोड़ने की लड़ाई लड़ें। उन्होंने कहा कि जो कोई राजनीतिक दल इस यात्रा में उनके साथ आना चाहता है, उन सबका कांग्रेस स्वागत करेगी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed