फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bhaiyya joshi said-Sanskrit is required to be taught in all schools, DMK created uproar in Lok Sabha

संघ ने की देश के सभी स्कूलों में संस्कृत पढ़ाने की वकालत, लोकसभा में द्रमुक ने किया हंगामा 

Mon, 10 Feb 2020 06:55 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Mon, 10 Feb 2020 06:55 PM IST
विज्ञापन
Bhaiyya joshi said-Sanskrit is required to be taught in all schools, DMK created uproar in Lok Sabha
bhaiya ji joshi - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर कार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा है कि गुरुकुल शिक्षा पद्धति को देश में फिर से शुरू किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि संस्कृत को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, चाहे किसी को अच्छा लगे या बुरा। 

विज्ञापन


यहां डोना पाउला के पास एक कार्यक्रम में जोशी ने कहा, केंद्र सरकार को ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए, जो शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक प्रयोग करते हैं। संस्कृत को प्रत्येक स्कूल में पढ़ाया जाना चाहिए और सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है और यदि आपको भारत को समझना है तो आप इसके बिना नहीं समझ सकते।
विज्ञापन


गुरुकुल परंपरा पर जोर देते हुए जोशी ने कहा कि मौजूदा समय में हम आश्रम जैसी व्यवस्था के बारे में तो नहीं सोच सकते, लेकिन जब हम गुरुकुल शिक्षा पद्धति (वैदिक सिद्धांतों पर आधारित गुरु के इर्दगिर्द आवासीय स्कूल पद्धति) की बात करते हैं, तब हम संस्थान को शिक्षा पर फोकस करने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि आज वक्त की मांग है कि जो संस्थान हैं वह शिक्षा को एक मिशन की तरह लें, न कि उसे व्यापार की तरह देखें।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

मारन के संस्कृत के लिए हुए खर्चे  का सवाल उठाने पर हंगामा 

डीएमके नेता दयानिधि मारन के संस्कृत पर किए गए खर्च पर सवाल उठाने पर लोकसभा में सोमवार को हंगामा हो गया। मारन ने संस्कृत की उपयोगिता पर भी सवाल उठाया था। इस पर भाजपा सांसदों ने कहा, मारन को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। वहीं आसन पर मौजूद भाजपा सांसद रमा देवी ने मारन के बयान को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया। 


बजट पर बहस के दौरान मारन ने कहा, संस्कृत को लेकर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन सरकार ने तमिल के लिए क्या किया। इस दौरान मारन ने संस्कृत के लिए विवादित टिप्पणी भी की जिसका वित्त राज्यमंत्री अनुरागठ ठाकुर ने विरोध किया।


ठाकुर ने कहा, सदस्य बजट या वित्त मंत्री की आलोचना कर सकते हैं लेकिन संस्कृत के लिए इस तरह के बयान देने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं और संस्कृत को लेकर की गई टिप्पणी निंदनीय है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed