सर्जिकल स्ट्राइक पर भगवा कुनबा एकजुट, भागवत करेंगे पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना
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सर्जिकल ऑपरेशन पर देश का सियासी आरोप प्रत्यारोप भले चल रहा हो, भगवा परिवार मामले को लेकर पूरी तरह से एकजूट है। सेना के सर्जिकल कार्रवाई का खुला समर्थन कर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मैदान में पहले ही कूद चूका है। तो अब सर्जिकल स्ट्राईक से उपजे माहौल को भूनाने की कवायद में भी वह सरकार के साथ है।
चुनावी राज्यों में संघ के कार्यकर्ता भी जमीन पर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएंगे। संघ और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मामले पर सधी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी सर्जिकल ऑपरेशन पर खुद से सीधा बोलने के बजाय संकेतों में बात करेंगे। तो संघ प्रमुख मोहन राव भागवत सर्जिकल ऑपरेशन के लिए खुलकर सेना के शौर्य की प्रसंसा के साथ पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ करेंगे।
मंगलवार को विजयदशमी के वार्षिक संबोधन में भागवत, पाक आतंकियों के खिलाफ सेना के सर्जिकल ऑपरेशन की जमकर तारीफ करेंगे। ताकि स्वयं सेवकों के बीच संघ प्रमुख का सीधा संकेत जा सके। वैसे संघ के दोनों ही मुखपत्र पांचजन्य और आर्गनाईजर ने सर्जिकल ऑपरेशन के लिए सेना के साहस की तारीफ करने के साथ मोदी के राजनीतिक साहस का भी गुणगान किया है।
पार्टी की रणनीति सही दिशा में चल रही है
पांचन्य ने अपने संपादकीय में लिखा है कि भारत ने एक नई निर्भय विश्व व्यवस्था के आह्वान का बिगुल फूंक दिया है। तो दूसरी ओर लखनऊ की रामलीला में मोदी महज संकेतों में ही बात करेंगे। मोदी के जरिए इस बार के दशहरे को खास बताने के बाद देश-दुनिया की नजरें लखनऊ में उनके रामलीला संबोधन पर है। मगर सूत्र बताते हैं कि रामलीला में मोदी का संबोधन महज 10 से 13 मिनट का ही होगा।
वे संकेतों में ही बात करेंगे। बल्कि राम-लक्ष्मण की वंदना करने के बाद वे रावण दहन से पहले ही रामलीला स्थल छोड़ देंगे। पार्टी की रणनीति से जुड़े एक नेता का कहना है कि बसपा प्रमुख मायावती और सपा नेता आजम खां ने मोदी के रामलीला में शामिल होने पर सवाल उठाकर भाजपा के मकसद को पूरा कर दिया है। अब मोदी रामलीला में कुछ बोलें या न बोलें लेकिन भगवा समर्थकों के बीच उनका संदेश चला गया है।
सूत्र बताते हैं कि मामले पर पार्टी की रणनीति सही दिशा में चल रही है। सर्जिकल ऑपरेशन के सियासी लाभ पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के एलान पर मोदी ने भी मुहर लगा दी है। पीएम के जरिए इस वर्ष की दशहरा को विशेष करार दिया जाना ही समर्थकों को संदे3श है। तो रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का बीते दिनों आगरा और लखनऊ में हुआ नागरिक सम्मान भी पीएम के इशारे पर ही था। अब भागवत नागपुर से सरकार के कदमों का खुलेआम समर्थन कर भगवा समर्थकों को भविष्य की दिशा बताएंगे। संघ प्रमुख के विजयदशमी संबोधन को स्वयंसेवकों के लिए बेहद अहम माना जाता है।