गुजरात चुनाव की गहमागहमी के बीच 29 अक्टूबर को कर्नाटक चुनाव का बिगुल फूकेंगे पीएम मोदी
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भाजपा अपने धुर विरोधी दल कांग्रेस के लिए कहीं से भी राजनीतिक सांस लेने की जगह नहीं छोड़ना चाहती है। पार्टी ने कर्नाटक की सत्ता से भी कांग्रेस को बेदखल करने की पुख्ता रणनीति तैयार कर ली है। एकओर जहां कांग्रेस का पूरा ध्यान गुजरात में टिका है वहीं भाजपा ने कांग्रेस के कर्नाटक के किले को ध्वस्त करने की रणनीति जमीन पर उतारनी शुरू कर दी है।
गुजरात की चुनावी गहमागहमी के बीच ही भाजपा ने कर्नाटक में अपने चुनाव अभियान को शुरू करने का निर्णय लिया है। 29 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी कर्नाटक के बिदर से पार्टी के अभियान का श्रीगणेश करेंगे तो वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 2 नवंबर को बंगलुरू में कांग्रेस सरकार के खिलाफ होने वाली पार्टी की परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे।
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वैसे पीएम मोदी सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए 29 को बंगलुरू भी जाएंगे। मगर इस दिन वे उत्तर कर्नाटक के तहत आने वाले बिदर में पार्टी की रैली को भी संबोधित करेंगे। राज्यभाजपा प्रभारी एवं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव ने कर्नाटक के कार्यक्रमों की जानकारी अमर उजाला को देते हुए बताया कि बिदर की रैली के जरिए पीएम मोदी भाजपा की चुनावी तैयारियों का संदेश देंगे और अमित शाह 2 नवंबर को परिर्वतन यात्रा लॉन्च करेंगे। पार्टी का दावा है कि गुजरात चुनाव संपन्न होते-होते कर्नाटक में भाजपा की लहर दिखने लगेगी।
सभी विधानसभा सीटों से गुजरेगी परिवर्तन यात्रा
मुरलीधर राव ने बताया कि 2 नवंबर को बंगलुरू से शुरू हो रही भाजपा की परिवर्तन यात्रा पूरे 75 दिन तक चलेगी। इन 75 दिनों में यह यात्रा सूबे के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए यात्रा को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहली यात्रा बंगलुरू से 2 नवंबर को शुरू होगी तो दूसरी यात्रा ठीक एक माह बाद हुबली से शुरू होगी। यात्रा का समापन 15 जनवरी को होगा। परिवर्तन यात्रा के समापन में खुद पीएम मोदी उपस्थित रहेंगे।
पीएम मोदी की रैलियों पर रहेगा जोर
कर्नाटक को भाजपामय बनाने की कवायद में पार्टी ने चुनाव के ऐलान से पहले सूबे के सभी क्षेत्रों में पीएम मोदी की रैलियां आयोजित कराने का खाका खींचा है। सूत्र बताते हैं कि 15 जनवरी से पहले भाजपा कर्नाटक के सभी प्रमुख 7 क्षेत्रों में पीएम मोदी की रैलियां कराएगी। बिदर की रैली भी पार्टी की उसी रणनीति का हिस्सा है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदयूरप्पा को चेहरे के रूप में आगे रखने के बावजूद भी पीएम मोदी भाजपा के मुख्य स्टार प्रचारक हैं।
ये रहेंगे भाजपा के चुनावी अस्त्र
कर्नाटक की सिद्दरमैय्या सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए सूबे में हुआ भ्रष्टाचार और किसानों की दुर्दशा का मुद्दा भाजपा का मुख्य चुनावी औजार बनेगा। मुरलीधर राव के अनुसार चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी का मुख्य फोकस सिद्दरमैय्या शासन के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मामलों को जनता के सामने रखने पर होगा। इसके अलावा किसानों की दुर्दशा, कानून व्यवस्था-खासतौर से महिलाओं के खिलाफ बढ़े मामले, रेडिकलाइजेशन और राजधानी बंगलुरू की बदहाली का मामला बतौर मुद्दे के रूप में प्रमुखता से रहेगा।
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प्रचार के लिए हर बार की तरह कुछ नया
चुनाव प्रचार में हमेशा नया कुछ करने वाली भाजपा कर्नाटक में भी अभिनव प्रयोग की शुरुआत करने जा रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य राज्यों में भी दल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पार्टी इस प्रयोग को आजमाएगी। पार्टी ने तय किया है कि हर बूथ से तीन मोटरसाइकिलें पार्टी के परिवर्तन यात्रा के दिन बंगलुरू पहुंचेगी।
एक मोटरसाइकिल पर दो व्यक्ति सवार होंगे। बूथ से चलकर ये बाइक सवार अपने मंडल और जिले में एकत्रित होकर प्रदेश की राजधानी की ओर एक साथ कूच करेंगे। इन बाइक सवारों के हाथ में पार्टी का झंडा और प्ले कार्ड रहेगा। पार्टी का आंकलन है कि इससे प्रदेश में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। बताया जा रहा है कि कर्नाटक में कुल 54 हजार पोलिंग बूथ हैं, इसलिए पार्टी ने इसे दो हिस्सों में बांट दिया है।
राव के अनुसार बंगलुरू में परिवर्तन यात्रा की शुरुआत के दिन 2 नवंबर को आधे पोलिंग बूथों यानी की 27 हजार बूथों के कार्यकर्ता बंगलुरू पहुंचेंगे और शेष 27 हजार बूथ के कार्यकर्ता एक माह बाद हुबली से शुरू होने वाली यात्रा में शामिल होंगे। पार्टी ने यह निर्णय बंगलुरू के लोगों को परेशानियों से निजात दिलाने के प्रयास में लिया है। वरना पार्टी की रणनीति पहले एक ही जगह 54 हजार बूथों से कार्यकर्ताओं को बुलाने की थी।
पार्टी का आंकलन है कि 81 हजार बाइकों से 1 लाख 62 हजार कार्यकर्ता बंगलुरू पहुंचेंगे। बाइकों का रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए पार्टी ने इन सभी को एक जगह पार्क कराने का निर्णय लिया है। पार्टी का मानना है कि एक साथ 81 हजार बाइकों की पार्किंग अपने आप में अनोखी मिसाल बनेगी। बाइक से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए हर तरह की जरूरी सुविधाओं का ख्याल रखा गया है।
यात्रा के माहौल को भुनाने के लिए होंगे नवशक्ति सम्मेलन
बूथ स्तर पर सामाजिक गणित साधने के मद्देनजर इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है। राव के अनुसार बूथ समिति के इतर यह कवायद है। इसमें हर बूथ पर 9 लोगों की कमेटी बनेगी। इसमें बूथ अध्यक्ष, सचिव और बीएलए के अलावा 1 महिला, 1दलित, 1 ओबीसी और संभावना वाले इलाकों में 1 अनुसूचित जनजाति को भी स्थान दिया जाएगा। अमित शाह ने खुद इस नवशक्ति की संरचना को हरी झंडी दी है।
किसानों की मौतों को भुनाएगी भाजपा
भाजपा ने कर्नाटक के किसानों के मौत के मामलों को जमकर भुनाने का निर्णय लिया है। बीते 3 से 4 वर्षों में करीब 4001 किसानों ने आत्महत्या की है। पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदयूरप्पा की छवि वैसे किसान हितैषी है, लेकिन उस छवि में चार चांद लगाने के मकसद से भाजपा ने कांग्रेस शासन में हुई किसानों की मौतों को मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है। इस कवायद में पार्टी उन गांवों में ग्राम सभा बैठक करेगी, जिन गांवों में किसानों की मौत हुई हैं।