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Bengaluru Stampede: 'बंगलूरू भगदड़ जांच रिपोर्ट पर अगली बैठक में होगी चर्चा', सीएम सिद्धारमैया का बड़ा बयान
Fri, 18 Jul 2025 03:22 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 18 Jul 2025 03:22 PM IST
सार
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि बंगलूरू भगदड़ की जांच रिपोर्ट अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा के लिए लाई जाएगी। यह रिपोर्ट जस्टिस जॉन माइकल कुन्हा की एक सदस्यीय समिति ने सौंपी थी।
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कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बंगलूरू में जून में हुई भगदड़ की घटना पर बनी एक सदस्यीय जांच आयोग की रिपोर्ट पर अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा की बात कही है। इस घटना में 11 लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जॉन माइकल कुन्हा की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट 11 जुलाई को सरकार को सौंप दी थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच रिपोर्ट का सारांश सभी मंत्रियों को पढ़ने के लिए दे दिया गया है। अगली कैबिनेट बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा होगी। सिद्धारमैया ने मीडिया को बताया कि रिपोर्ट कैबिनेट के सामने पेश की गई है, लेकिन इस पर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है। रिपोर्ट में क्या कहा गया है, यह मैं बाद में बताऊंगा।
भगदड़ में गई थीं 11 जानें
यह घटना 4 जून को बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई थी। इस दिन आईपीएल टीम आरसीबी की जीत का जश्न था, जिसमें भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अव्यवस्था के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
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ये भी पढ़ें- लोकसभा में जस्टिस शेखर यादव का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगा विपक्ष; सरकार के समर्थन पर कही यह बात
एसआईटी गठन पर खुला रुख
सिद्धारमैया ने धर्मस्थल इलाके में कथित सामूहिक हत्याओं, दुष्कर्म और दफन की घटनाओं को लेकर उठी एसआईटी गठन की मांग पर कहा कि यह निर्णय पुलिस रिपोर्ट पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गवाह के तौर पर सामने आया है, वह 10 साल से फरार था और अब पुलिस के सामने बयान देकर दावा कर रहा है कि उसने खुद शवों को दफन किया है।
ये भी पढ़ें- पश्चिम महाराष्ट्र के सांगली का 'इस्लामपुर' अब कहा जाएगा 'ईश्वरपुर', फडणवीस सरकार ने किया एलान
कानून के अनुसार ही होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार इस मामले में किसी दबाव में नहीं है और पूरी कार्रवाई कानून के मुताबिक की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर एसआईटी जरूरी हुई, तो उसे बनाया जाएगा। लेकिन सरकार बिना ठोस आधार के कोई कदम नहीं उठाएगी।
विकास कार्यों को लेकर विपक्ष को घेरा
सिद्धारमैया ने विपक्ष द्वारा शनिवार को मैसूर में होने वाले साधना समावेश सम्मेलन की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि इस दौरान 2,658 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है कि वह कोई काम नहीं कर रही।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच रिपोर्ट का सारांश सभी मंत्रियों को पढ़ने के लिए दे दिया गया है। अगली कैबिनेट बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा होगी। सिद्धारमैया ने मीडिया को बताया कि रिपोर्ट कैबिनेट के सामने पेश की गई है, लेकिन इस पर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है। रिपोर्ट में क्या कहा गया है, यह मैं बाद में बताऊंगा।
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भगदड़ में गई थीं 11 जानें
यह घटना 4 जून को बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई थी। इस दिन आईपीएल टीम आरसीबी की जीत का जश्न था, जिसमें भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अव्यवस्था के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
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एसआईटी गठन पर खुला रुख
सिद्धारमैया ने धर्मस्थल इलाके में कथित सामूहिक हत्याओं, दुष्कर्म और दफन की घटनाओं को लेकर उठी एसआईटी गठन की मांग पर कहा कि यह निर्णय पुलिस रिपोर्ट पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गवाह के तौर पर सामने आया है, वह 10 साल से फरार था और अब पुलिस के सामने बयान देकर दावा कर रहा है कि उसने खुद शवों को दफन किया है।
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कानून के अनुसार ही होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार इस मामले में किसी दबाव में नहीं है और पूरी कार्रवाई कानून के मुताबिक की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर एसआईटी जरूरी हुई, तो उसे बनाया जाएगा। लेकिन सरकार बिना ठोस आधार के कोई कदम नहीं उठाएगी।
विकास कार्यों को लेकर विपक्ष को घेरा
सिद्धारमैया ने विपक्ष द्वारा शनिवार को मैसूर में होने वाले साधना समावेश सम्मेलन की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि इस दौरान 2,658 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है कि वह कोई काम नहीं कर रही।