फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bengaluru Man Slams Son Against Wall Kills Him murder case investigation news in hindi

Karnataka: 'तुम जियो या मरो, मुझे फर्क नहीं पड़ता', बेटे की मोबाइल की लत से परेशान पिता ने उतारा मौत के घाट

Sun, 17 Nov 2024 08:35 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: श्वेता महतो Updated Sun, 17 Nov 2024 08:35 AM IST
सार

सुबह के आठ बजे से लेकर दोपहर के दो बजे तक उसकी हालत बिगड़ती चली गई, लेकिन सांसे रुक जाने के बाद ही उसे अस्पताल ले जाया गया। जांच में बताया गया कि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विज्ञापन
Bengaluru Man Slams Son Against Wall Kills Him murder case investigation news in hindi
पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

'तुम जियो या मरो इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता', शायद ही कोई पिता अपने बेटे को ऐसा कहेगा। बंगलूरू में एक पिता अपने बेटे से परेशान होकर उसे मौत के घाट उतार दिया। दरअसल, अपने 14 वर्षीय बेटे की मोबाइल की लत को लेकर हुई बहस के बाद पिता ने उसे पहले क्रिकेट बैट से पीटा और फिर दीवार से सिर पटक पटक पर उसे मार डाला। आरोपी रवि कुमार ने हत्या से पहले न केवल अपने बेटे को प्रताड़ित किया, बल्कि हत्या को छिपाने की भी कोशिश की। मामला तब सामने आया जब पुलिस को कुमारस्वामी लेआउट इलाके में एक स्कूली छात्र की संदिग्ध तरीके से मौत की जानकारी मिली।
विज्ञापन


मृतक के शरीर पर घाव के निशान
घटना की जानकारी पाकर पुलिस जब मृतक के घर पहुंची, तो वहां का दृश्य देखकर दंग रह गई। वहां मृतक की अर्थी तैयार थी और परिवारवाले अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने तुरंत शव को हिरासत में लेकर पोस्ट मॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि मृतक के सिर पर कई आंतरिक चोटें थीं और उसके शरीर पर घाव के निशान थे। पुलिस जांच में मालूम चला कि मृतक को पढ़ाई में रुचि नहीं थी, जिससे उसका पिता नाराज था। इस घटना के दिन, मोबाइल फोन की मरम्मत को लेकर हुई बहस में रवि कुमार को धक्का लगा। इसके बाद उसने क्रिकेट बैट उठाया और अपने बेटे तेजस को पीटने लगा। इतना ही नहीं उसने पीड़ित का सिर दीवार से पटकते हुए कहा, "तुम जियो या मरो इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।"
विज्ञापन


सांसे रुकने के बाद ले जाया गया अस्पताल
लड़का जमीन पर गिर गया और दर्द से कराहने लगा। सुबह के आठ बजे से लेकर दोपहर के दो बजे तक उसकी हालत बिगड़ती चली गई, लेकिन सांसे रुक जाने के बाद ही उसे अस्पताल ले जाया गया। जांच में बताया गया कि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस उपायुक्त लोकेश बी ने कहा, "बच्चे और माता-पिता के बीच अक्सर तीखी बहस होती रहती थी। घरवाले उसके पढ़ाई में प्रदर्शन और मोबाइल फोन की लत से खुश नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि लड़का बुरी संगत में था और यही उसकी हत्या का कारण बना।"
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपी ने की सबूत मिटाने की कोशिश
आरोपी ने बच्चे को मौत के घाट उतारने के बाद हत्या को छिपाने की कोशिश करने लगा। उसने खून के धब्बे साफ किए और जिस बैट से मृतक की पिटाई की थी, उसे भी छिपा दिया। पुलिस ने बताया कि यह सबूत मिटाने और मामले को सामान्य मौत जैसा दिखाने की कोशिश थी। बता दें कि मृतक अपने माता-पिता और दो छोटे भाई-बहनों के साथ रहता था। आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed