बंगाल पंचायत चुनाव: हिंसा के चलते कलकत्ता हाईकोर्ट का निर्देश, नतीजों के 10 दिन बाद भी तैनात रखें केंद्रीय बल
बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा पंचायत चुनाव से पहले जारी हिंसा को रोकने में विफल रहे हैं। राजभवन में राज्यपाल ने चुनाव आयोग से राजधर्म का पालन करने की नसीहत देते हुए चुनाव में हिंसा न हो, ऐसी व्यवस्था करने को कहा है।
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों को तैनात रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने बृहस्पतिवार को कहा कि नतीजों की घोषणा के बाद 10 दिनों तक केंद्रीय बलों को बंगाल में रखा जाना चाहिए, ताकि निर्वाचित प्रतिनिधियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। राज्य में 8 जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को भी कई जगहों से हिंसा की खबरें आई हैं।
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने अदालत की अवमानना मामले में याचिका दायर की थी। उनके वकील गुरुकृष्ण कुमार ने अदालत से अनुरोध किया था कि चुनाव बाद हिंसा को रोकने के लिए नतीजों के बाद कम से कम दो सप्ताह के लिए राज्य में केंद्रीय बल तैनात रखे जाएं।
सड़क पर पड़ी लाशों के लिए राज्य चुनाव आयोग जिम्मेदार : राज्यपाल
बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा पंचायत चुनाव से पहले जारी हिंसा को रोकने में विफल रहे हैं। राजभवन में राज्यपाल ने चुनाव आयोग से राजधर्म का पालन करने की नसीहत देते हुए चुनाव में हिंसा न हो, ऐसी व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने कहा, सड़क पर पड़ी लाशों के लिए राज्य चुनाव आयोग जिम्मेदार है। राज्यपाल ने राज्य चुनाव पर प्रश्नों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा, चुनाव के दौरान आप लोगों की जान के संरक्षक हैं। आपके पास स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने की सभी शक्तियां हैं। चुनाव के दौरान पुलिस, मजिस्ट्रेट और राज्य तंत्र आपके अधीन हैं। फिर यह भीषण हिंसा क्यों?