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Bengal: राज्यपाल ने राजभवन के परिसर में तैनात पुलिस कर्मियों को हटाया, उत्तरी गेट को जनमंच में बदलने की तैयारी
Mon, 17 Jun 2024 01:19 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 17 Jun 2024 01:19 PM IST
सार
पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के अंदर दाखिल होने से रोक दिया। इसे लेकर राज्यपाल आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखी।
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सीवी आनंद बोस
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने सोमवार की सुबह राजभवन में तैनात पुलिस कर्मियों को तुरंत परिसर खाली करने के आदेश दिए। दरअसल, सीवी आनंद बोस राजभवन के उत्तरी गेट को जनमंच में बदलने की योजना बना रहे हैं। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारी ने मीडिया से कहा, "राज्यपाल ने प्रभारी अधिकारी समेत राजभवन के अंदर तैनात पुलिस अधिकारियों को तुरंत परिसर खाली करने का निर्देश दिया।" बता दें कि राज्यपाल ने यह कदम पुलिस द्वारा भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और राज्य में चुनाव के बाद हिंसा के कथित पीड़ितों को बोस से मिलने के लिए राजभवन में प्रवेश करने से रोकने के बाद उठाया।
पुलिस ने शुभेंदु अधिकारी को राजभवन में जाने से रोका
दरअसल, पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के अंदर दाखिल होने से रोक दिया। राजभवन के बाहर धारा 144 लागू है, जिसके तहत बड़ी सभाओं पर रोक लगाई जाती है। राज्यपाल आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखी। उन्होंने सीएम से पूछा कि किस आधार पर पुलिस ने शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के परिसर के अंदर आने से रोका।
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शुभेंदु अधिकारी और अन्य लोगो ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि लिखित अनुमति के बावजूद पुलिस ने उन्हें राजभवन के परिसर में जाने से रोका। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर चुनाव के बाद हिंसा करने का आरोप लगाया था। इस आरोप को टीएमसी ने नकार दिया।
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अधिकारी ने मीडिया से कहा, "राज्यपाल ने प्रभारी अधिकारी समेत राजभवन के अंदर तैनात पुलिस अधिकारियों को तुरंत परिसर खाली करने का निर्देश दिया।" बता दें कि राज्यपाल ने यह कदम पुलिस द्वारा भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और राज्य में चुनाव के बाद हिंसा के कथित पीड़ितों को बोस से मिलने के लिए राजभवन में प्रवेश करने से रोकने के बाद उठाया।
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पुलिस ने शुभेंदु अधिकारी को राजभवन में जाने से रोका
दरअसल, पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के अंदर दाखिल होने से रोक दिया। राजभवन के बाहर धारा 144 लागू है, जिसके तहत बड़ी सभाओं पर रोक लगाई जाती है। राज्यपाल आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखी। उन्होंने सीएम से पूछा कि किस आधार पर पुलिस ने शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के परिसर के अंदर आने से रोका।
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शुभेंदु अधिकारी और अन्य लोगो ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि लिखित अनुमति के बावजूद पुलिस ने उन्हें राजभवन के परिसर में जाने से रोका। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर चुनाव के बाद हिंसा करने का आरोप लगाया था। इस आरोप को टीएमसी ने नकार दिया।