पश्चिम बंगाल: बुद्धदेव भट्टाचार्य की हालत में मामूली सुधार, लेकिन स्थिति अब भी नाजुक
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पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के स्वास्थ्य में गुरुवार को थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन उनकी स्थिति अब भी नाजुक है। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि 76 वर्षीय नेता अब भी वेंटिलेटर पर हैं।
अस्पताल में बुद्धदेव का उपचार कर रहे एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा, 'उनकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। उनका पीसीओटू स्तर भी स्थिर है और आज सुबह यह 42 रहा। सीओपीडी (फेफड़ों में रुकावट से श्वसन संबंधी परेशानी) के मरीजों के लिए यह स्तर सामान्य है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है और उनकी स्थिति नाजुक है।'
अस्पताल ने एक बयान में बताया कि उनके हृदय की स्थिति, धड़कन, रक्तचाप और ऑक्सीजन का स्तर इस समय स्थिर है। उसने बताया कि रक्त संबंधी जांच समेत प्राथमिक जांच में कोई विशेष असामान्यता नहीं दिखी। डॉक्टरों की सात सदस्यीय टीम ने उनकी स्थिति का आकलन किया।
बयान में बताया गया कि भट्टाचार्य को बृहस्पतिवार को भी वेंटिलेटर पर रखा जाएगा और वेंटिलेटर से उन्हें धीरे-धीरे हटाए जाने की योजना बनाई जा रही है। भट्टाचार्य को सांस संबंधी तकलीफ बढ़ने के बाद बुधवार दोपहर निजी अस्पताल की सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।
एक वरिष्ठ चिकित्सक ने आगे के उपचार की जानकारी देते हुए बताया कि भट्टाचार्य को पर्याप्त पोषक तत्व दिए जा रहे हैं और अन्य बातों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। चिकित्सक ने कहा, 'चिकित्सक उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं और उचित कदम उठा रहे हैं।' भट्टाचार्य के परिवार के सदस्यों को उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी दी गई और माकपा राज्य सचिव सूर्य कांत मिश्रा दिन में अस्पताल पहुंचे।
चिकित्सक ने बताया कि माकपा नेता की ऑक्सीजन का स्तर 90 से 95 प्रतिशत के आस-पास है और वह होश में आ गए हैं। भट्टाचार्य में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई थी लेकिन उनके मस्तिष्क के सीटी स्कैन में कुछ विकार का पता चला था।
वर्ष 2000 से 2011 तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे भट्टाचार्य पिछले कुछ समय से सांस संबंधी समस्याओं एवं उम्र बढ़ने के साथ हुई अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं। वह पिछले कुछ साल से सार्वजनिक जीवन से दूर रह रहे हैं। बुद्धदेव 2015 में माकपा के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय कमेटी से बाहर हो गए थे।