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बंगाल विधानसभा चुनाव 2021: प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा प्रभारी बोलीं, मानसिक रूप से बीमार हैं ममता बनर्जी

Fri, 05 Mar 2021 07:56 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 05 Mar 2021 07:56 PM IST
सार

गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव के बाद किसी मातृपुत्र को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की है। ममता बनर्जी की जगह कोई मातृपुत्र या मातृकन्या (बंगाली मूल का) ही जगह लेगी...

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bengal election 2021: Mamta Banerjee is contesting this election in the name of Bengali asmita, but BJP fighting for the survival and development of Bengal
BJP Mahila Morcha president Agnimitra Paul - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

22 दिन बाद पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान होना है। तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने 291 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करके नंदीग्राम से खुद मैदान में उतरने की चुनौती दे दी है। इसे लेकर राज्य में राजनीति तेज हो गई है। राज्य की भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी को मानसिक रूप से बीमार बताया है। नए भाजपाई जितेन्द्र तिवारी कहते हैं कि उनके बर्दवान क्षेत्र में इस बार तृणमूल का सूपड़ा साफ होगा।

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अग्निमित्रा ने अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में कहा कि चुनाव बाद दो मई को भाजपा के चुनाव जीतने की घोषणा होगी। इसके बाद भाजपा ममता को कालीघाट में उनके घर में रखेगी और पश्चिम बंगाल का अस्तित्व बचाने तथा राज्य के विकास का काम करेगी। अग्निमित्रा का कहना है कि पूरे बंगाल के गांव-गांव में लोग भाजपा के साथ खड़े हो रहे हैं। भाजपा के उपाध्यक्ष राजकमल पाठक कहते हैं कि चुनाव की घोषणा होने के बाद से तेजी से तस्वीर बदल रही है। पहले फिल्म इंडस्ट्री ममता बनर्जी के साथ थी, अब धीरे-धीरे भाजपा के पक्ष में प्रचार में उतर रही है। लोग ममता को बदलने की मंशा खुल कर जाहिर करना शुरू कर चुके हैं।

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लोग चुन लें, उन्हें बंगाल की अस्मिता चाहिए या अस्तित्व और विकास

भाजपा में शामिल हुए तृणमूल के जितेन्द्र तिवारी बर्दवान क्षेत्र से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। वह अमर उजाला से कहते हैं कि क्षेत्र में नौ विधानसभा सीटें हैं। हम सभी जीतेंगे। जितेन्द्र कहते हैं कि ममता बनर्जी इस चुनाव को बंगाल की अस्मिता के नाम पर लड़ रही हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुआई में भाजपा बंगाल का अस्तित्व बचाने और विकास के लिए लड़ रही है। अब यह बंगाल के लोगों को तय करना है कि वह अस्मिता चाहते हैं, या फिर बंगाल में रोजगार, निवेश, विकास, बंगाली लोक, कला, साहित्य समेत सभी विधाओं का संरक्षण।

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जितेन्द्र तिवारी कहते हैं कि तृणमूल कांग्रेस नहीं चाहती थी कि वह उस पार्टी को छोड़ें। अग्निमित्रा कहती हैं कि सुवेंदु अधिकारी को मनाने के लिए तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने न जाने कितनी बैठकें की, लेकिन इन सभी नेताओं ने बंगाल के भले और जमीन के बदलाव को देखकर भाजपा के साथ आना अच्छा समझा। हालांकि भाजपा के रणनीतिकारों के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि सुवेंदु अधिकारी से बड़ा कोई नेता भाजपा में नहीं आ सका।  

मातृकन्या या मातृपुत्र होगा बंगाल का मुख्यमंत्री

अग्निमित्रा पॉल कहती हैं कि गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव के बाद किसी मातृपुत्र को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की है। चुनाव बाद यही होने वाला है। ममता बनर्जी की जगह कोई मातृपुत्र या मातृकन्या (बंगाली मूल का) ही जगह लेगी। इस बारे में अब मुझे कोई संदेह नहीं हैं। महिला मोर्चा की प्रभारी कहती हैं कि यदि ममता बंगाल की बेटी हैं तो उनके जैसी तमाम नेता भी बंगाल की ही बेटी हैं।

अग्निमित्रा से इस आत्मविश्वास का आधार पूछने पर वह साफ कहती हैं कि तृणमूल के साथ गया वाम दलों का कैडर अब भाजपा के साथ आ गया है। हालांकि नारदा-शारदा के आरोपियों को भाजपा में शामिल करने के सवाल पर वह कहती हैं कि जब यह लोग तृणमूल में थे तो साफ सुथरे थे। तब कोई कुछ नहीं कह रहा था। भाजपा में आते ही इन पर मुकदमे होने लगे।

अग्निमित्रा कहती हैं कि बैरकपुर में प्रभाव रखने वाले अर्जुन सिंह को ही लीजिए। पहले सब ठीक था। भाजपा में आते ही 99 मामले दर्ज हो गए हैं। अग्निमित्रा कहती हैं कि इन मुकदमों, आरोपों का भाजपा में आने से कोई मतलब नहीं है। जिनके ऊपर जो भी आरोप हैं, उनपर कानूनी मामले चलेंगे। इस मामले में देश की न्याय व्यवस्था ही निर्णय करेगी।

बंगाल बदलेगा: हम गांव-गांव समझा रहे हैं

भाजपा के रणनीतिकार पिछले तीन साल से बंगाल को केंद्र की राह पर चलने की सलाह दे रहे हैं। बताते हैं गृहमंत्री अमित शाह ने पहले ही इसे युद्ध करार दिया है। हम इसे बंगाल में अस्तिव बचाने की लड़ाई मानकर लड़ रहे हैं। अग्निमित्रा पॉल कहती हैं कि वह गांव-गांव जाकर इसे लोगों को बता रही हैं। हालांकि अग्निमित्रा का कहना है कि गांव में ज्यादातर माता-पिता, अशिक्षित हैं, बच्चे बाहर नौकरी करते हैं। राज्य में मुस्लिमों का पोषण जमकर हो रहा है।



सीमावर्ती क्षेत्र में बंगाली हिन्दू अब अल्पसंखयक हो गया है। पॉल का कहना है कि पिछले कई दशकों से बंगाल में जिसकी सरकार रही है, वह पार्टी केन्द्र में नहीं थी। इसका बंगाल को नुकसान हुआ है। इसलिए लोगों को बता रहे हैं कि इस बार विकास और बदलाव के लिए भाजपा को वोट दें। केन्द्र और राज्य में एक पार्टी की सरकार बनाएं, ताकि मिलकर विकास हो सके।

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