बेलगाम विवाद: राउत बोले- अमित शाह ने अनुच्छेद 370 सुलझा दिया, अब इस पर भी ध्यान दें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवसेना सांसद संजय राउत ने बेलगाम विवाद को लेकर कहा है कि बेलगाम और आस-पास के इलाकों में मराठी लोग 70 साल से लड़ रहे हैं, जिन्हें महाराष्ट्र में शामिल किया जाना है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं, इस पर जो भी निर्णय आएगा उसे स्वीकार किया जाएगा।
राउत ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि बेलगाम और आस-पास के इलाकों में मराठी लोग 70 साल से महाराष्ट्र में शामिल होने के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन यह मामला 14 सालों से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि इस पर सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्णय देगा, उसे स्वीकार किया जाएगा।
Sanjay Raut: Lakhs of Marathi people live here,they'll follow their language&culture. I'd like to appeal to K'taka CM,that set aside the border dispute,but don't get into language dispute. I'll also speak to CM Thackeray that both CMs should discuss urgent remedies in this matter https://t.co/L4qszgLLfD
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 19, 2020
शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि लाखों मराठी लोग यहां रहते हैं, वे अपनी भाषा और संस्कृति का पालन करते हैं। मैं कर्नाटक के मुख्यमंत्री से अपील करना चाहता हूं कि सीमा विवाद को एक तरफ रख दीजिए, पर भाषा विवाद में नहीं पड़ें। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को लेकर सीएम ठाकरे से भी बात करूंगा कि दोनों प्रदेशों के सीएम इस मामले में तत्काल उपायों पर चर्चा करें।
संजय राउत ने कहा कि यदि गृह मंत्रालय कश्मीर मुद्दे और अनुच्छेद 370 को सुलझा सकता है तो मेरा मानना हैं कि अगर अमित शाह चाहे तो बेलगाम सीमा विवाद को सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह मामला गृह मंत्रलाय के अंदर आता है और एक ताकतवर गृह मंत्री जिसने लंबे समय से लंबित मुद्दे अनुच्छेद 370 को सुलझा दिया, उन्हें इस विवाद पर भी ध्यान देना चाहिए।
गौरतलब हो कि शनिवार को शिवसेना सांसद संजय राउत को कर्नाटक के बेलगाम जाने से रोका गया था। कर्नाटक पुलिस ने राउत को अपने कब्जे में ले लिया था। शिवसेना सांसद ने कहा था कि मुझे बेलगाम हवाई अड्डे पर रोका गया है। साथ ही किसी अनजान जगह पर ले जाया जा रहा है।
साल 1980 में भाषा को लेकर विवाद हिंसात्मक हो गया था। इस दौरान हुए दंगों में कई मराठी लोग मारे गए थे। उन्हीं की याद में बेलगाम के मराठी लोग शहीदी दिवस कार्यक्रम कर रहे थे। राउत इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
क्या है बेलगाम विवाद
महाराष्ट्र बेलगाम पर अपना दावा करता रहा है क्योंकि यहां मराठी भाषी लोगों की बड़ी आबादी रहती है लेकिन यह जिला अभी कर्नाटक में आता है। हाल ही में एक कन्नड़ संगठन की ओर से महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) पर की गई टिप्पणी के बाद बेलगाम को लेकर जारी दशकों पुराना यह विवाद फिर से गरमा गया। महाराष्ट्र एकीकरण समिति कर्नाटक के मराठी भाषी आबादी वाले इलाकों को महाराष्ट्र में सम्मिलित करने के लिए संघर्ष कर रही है।
महाराष्ट्र के नए सीएम उद्धव ठाकरे ने इस महीने की शुरुआत में दो मंत्रियों ठगन भुजबल और एकनाथ शिंदे को कर्नाटक सरकार के साथ सीमा विवाद से संबंधित मामलों पर बातचीत तेज करने के सरकार के प्रयासों को देखने के लिए समन्वयक बनाया है। फिलहाल यह मामला लंबे वक्त से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।