शूट आउट एट पुलिस लाइन: ‘मेरे मरने के बाद जहर खाकर सो जाना’
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पुलिस लाइन में एक की हत्या और दो को मौत के मुहाने तक पहुंचाने के बाद सौरभ ने मरने से पहले अपनी मां को फोन मिलाकर वाकया सुनाया तो वह दंग रह गई। मां ने जब सौरभ को पत्नी-बच्चों का वास्ता दिया तो झल्लाकर मां से बोला कि मेरे मरने के बाद उन्हें जहर दे देना और खुद भी जहर खाकर सो जाना।
इसके बाद उसने पत्नी और पिता से बात की और फिर जबड़े के नीचे रायफल की नाल सटाकर गोली चला दी। पुलिस लाइन में अपने साथियों का खून बहाने वाला सौरभ बेहद डिप्रेशन में था। उसने पहले गणना मुंशी मनोज यादव को गोली मारी।
इसके बाद चंदरपाल और मनवीर को भी गोली मारकर घायल कर दिया। खुद पुलिस लाइन के ग्राउंड में गेस्ट हाउस के पास बाउंड्र्री वॉल के पास खड़े पेड़ के नीचे बैठ गया। हाथ में राइफल और 50 कारतूस लिए सौरभ जोर-जोर से रोने लगा।
डिप्रेशन का हो रहा इलाज, समय से नहीं लेता था दवा
उसने जेब से मोबाइल निकालकर अपने घर मुजफ्फरनगर कॉल की। मां ने फोन उठाया तो सौरभ ने कहा कि मां मैंने दो लोगों की हत्या कर दी है। अब मैं भी मरने वाला हूं। यह सुनकर सौरभ की मां चौंक गई। उसने फौरन ही सौरभ को पत्नी और बच्चों का वास्ता दिया। सौरभ ने अपनी मां से कहा कि उन्हें जहर देकर सुला देना और खुद भी जहर खाकर सो जाना।
फौरन ही मां ने मोबाइल सौरभ की पत्नी को दे दिया। पत्नी ने सौरभ को काफी समझाया, लेकिन उसने अपने इरादों से हटने से इंकार कर दिया। इसके बाद पिता मुनेश त्यागी ने सौरभ को समझाने की कोशिश की और कहा कि सौरभ तूने सब बर्बाद कर दिया। इतना कहकर मुनेश त्यागी ने पुलिस अफसरों से बात कीं। अफसरों ने भी सौरभ को लाख समझाने की कोशिश की। लेकिन वह आगे बढ़ने पर बार-बार गोली मारने की धमकी दे रहा था।
पोस्टमार्टम हाउस पर आए सौरभ के छोटे भाई जितेंद्र ने बताया कि सौरभ पिछले कई सालों से डिप्रेशन का मरीज था। उसका कई जगह इलाज भी चल रहा था लेकिन वह समय से दवाई नहीं लेता था। इसके चलते उसकी हालत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी।
मैंने दो को मार दिया है मैं भी मर जाऊंगा
सौरभ त्यागी ने फोन पर परिजनों को बताया कि उसने दो की हत्या कर दी है। अब वह खुद को भी गोली से उड़ा लेगा। दूर से सुन रहे नगर कोतवाल राजवर्धन गौड़ ने कहा कि सभी लोग मामूली घायल हैं। अभी कुछ नहीं हुआ है। हथियार डालकर खुद को सरेंडर कर दे। सभी लोग ठीक हो जाएंगे। अभी कुछ नहीं बिगड़ा है लेकिन सौरभ के सिर पर खून सवार था।
अफसरों से बोला, मैं आपका बेटा, लेकिन आगे मत आना
मनोज यादव की हत्या और दो पुलिसकर्मियों को मौत के मुहाने तक पहुंचाने के बाद एकांत में बैठे सौरभ के दिमाग में काफी कुछ चल रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने जब आगे बढ़कर सौरभ से कहा कि तू तो हमारा पड़ौसी है। ऐसा काम मत करना, हथियार डाल दे तो सौरभ ने कहा कि मैं आपका बेटा, लेकिन आगे मत बढ़ना। आगे बढ़े तो मैं भूल जाऊंगा कि आप कौन हैं।
मौके से पांच कारतूस के खोखे और 45 कारतूस बरामद
दिल दहला देने वाली घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस को मौके से पांच कारतूस के खोखे और 45 कारतूस बरामद किए। नगर कोतवाल राजवर्धन गौड़ ने बताया कि सौरभ ने क्वार्टर गार्द के झरोखे से गणना कार्यालय के बाहर खड़े मनोज पर गोली चलाईं तो दो गोली मनोज को लगीं। तीसरी गोली मनोज को छूती हुई निकल गई और पीछे खड़े चंदरपाल के पेट में लग गई। इसके बाद एक गोली पकड़ने आए एचसीपी मनवीर के ऊपर चलाई। चार गोली चलाने के बाद पांचवीं गोली से खुद को उड़ा लिया। उन्होंने बताया कि मौके से पांच कारतूस के खोखे और 45 कारतूस बरामद किए हैं।
सौरभ ने छह राउंड किए थे फायर
सोमवार रात प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सौरभ ने छह राउंड फायर किए थे। सौरभ ने तीन गोली मनोज व चंदरपाल को मारीं। एक गोली मनवीर को मारी। इसके बाद पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस के पास जाकर एक हवाई फायर भी किया। इधर-उधर भागने के बाद वह पेड़ के नीचे जाकर बैठ गया और छठी गोली से खुद को उड़ा लिया।