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India-Germany: 'भारत-जर्मनी संबंध अत्यधिक विश्वास और मित्रता पर आधारित', चांसलर शोल्ज की यात्रा से पहले गेहलेन
Fri, 06 Sep 2024 11:50 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Fri, 06 Sep 2024 11:50 PM IST
सार
जर्मन चांसलर स्कोल्ज और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2022 में जर्मन-भारतीय हरित और सतत विकास साझेदारी (जीएसडीपी) पर हस्ताक्षर किए थे, जो सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा और पेरिस समझौते के उद्देश्यों की दिशा में विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
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जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज अक्तूबर में आएंगे भारत
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
जर्मनी के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि भारत-जर्मनी संबंध अत्यधिक विश्वास, मित्रता और साझा जिम्मेदारी पर आधारित हैं, जो दोनों देशों को दुनिया के लिए योगदान देने के साथ-साथ आगे लाता है। चांसलर ओलाफ शोल्ज की आगामी यात्रा भी इसी कड़ी में है।
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भारत में जर्मन दूतावास के विकास सहयोग के प्रमुख उवे गेहलेन ने एक साक्षात्कार में कहा, अक्तूबर की शुरुआत में जर्मनी में हैम्बर्ग स्थिरता सम्मेलन आयोजित होने वाला है, जिसमें भारत सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों से भाग लेगा। उन्होंने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सौर महोत्सव के मौके पर यह बात कही।
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गेहलेन ने महोत्सव में एक पैनल चर्चा 'फाइनेंसिंग द रिन्यूएबल एनर्जी रिवोल्यूशन' में भी हिस्सा लिया और 2030 तक भारत को अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को साकार करने में मदद करने में जर्मनी की भूमिका के बारे में बात की। बाद में उन्होंने दोनों देशों के बीच हरित और सतत विकास साझेदारी (जीएसडीपी) में हुई प्रगति और अक्तूबर के अंत में चांसलर ओलाफ शोल्ज की आगामी यात्रा के महत्व के बारे में बात की।
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जर्मन चांसलर स्कोल्ज और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2022 में जर्मन-भारतीय हरित और सतत विकास साझेदारी (जीएसडीपी) पर हस्ताक्षर किए थे, जो सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा और पेरिस समझौते के उद्देश्यों की दिशा में विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
उन्होंने आगे कहा, 'जर्मन कैबिनेट के कुछ हिस्सों के साथ हमारे चांसलर की आगामी यात्रा हमें आगे बढ़ाएगी। मैं इसके लिए बहुत उत्सुक हूं।' गेहलेन ने कहा, 'मुझे लगता है, हमारा रिश्ता जबरदस्त विश्वास, दोस्ती और साझा जिम्मेदारी पर आधारित है। दोनों देशों को आगे लाने के साथ-साथ दुनिया के लिए योगदान भी दे रहा है। सबसे चुनौतीपूर्ण सवाल। तो, मैं वास्तव में इसे देखता हूं... (यात्रा) उसी के अनुरूप है, इसमें कोई संदेह नहीं है।'
शोल्ज द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए मोदी के साथ व्यापक वार्ता करने के लिए अक्तूबर में भारत का दौरा करने वाले हैं। गेहलेन ने कहा, आगामी यात्रा के अलावा, जर्मन विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज आगामी आरई इन्वेस्ट 2024 कार्यक्रम के लिए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ गांधीनगर आ रहे हैं। उन्होंने अक्टूबर के अंत में नई दिल्ली में होने वाले जर्मन बिजनेस के 18वें एशिया-प्रशांत सम्मेलन का भी उल्लेख किया।