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सरपंच हत्या केस: क्या इस्तीफा पीड़ित को न्याय दिलाने से ज्यादा जरूरी? विपक्ष की मांग पर धनंजय मुंडे का पलटवार
Fri, 31 Jan 2025 02:50 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 31 Jan 2025 02:50 PM IST
सार
कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कहा कि वह नामदेव शास्त्री को धनंजय मुंडे के खिलाफ सबूत भेजेगी। उन्होंने कहा कि लड़ाई मुंडे के खिलाफ नहीं, बल्कि उनकी आतंक मानसिकता के खिलाफ है।
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धनंजय मुंडे
- फोटो : PTI
विस्तार
महाराष्ट्र के बीड में सरपंच हत्या मामले को लेकर विवादों में घिरे राज्य मंत्री और राकांपा नेता धनंजय मुंडे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने से ज्यादा जरूरी उनका इस्तीफा देना है। उनका बयान वंजारी समुदाय के आध्यात्मिक नेता नामदेव शास्त्री द्वारा राकांपा नेता के समर्थन में आवाज उठाने के बाद आया। नामदेव शास्त्री ने कहा कि मुंडे कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जो जबरन वसूली के पैसों से जीवन जीता हो।
धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों के नेता लगातार मंत्री (धनंजय मुंडे) से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। महाराष्ट्र में बीड के मासाजोग के सरपंच संतोष देशमुख को 9 दिसंबर को अपहरण कर प्रताड़ित किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई, क्योंकि वे बीड जिले में एक पवनचक्की परियोजना का संचालन करने वाली एक ऊर्जा कंपनी पर जबरन वसूली की कोशिश को रोकने का प्रयास कर रहे थे।
धनंजय मुंडे के समर्थन में नामदेव शास्त्री
धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मिक कराड को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल में धनंजय मुंडे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय संभाल रहे हैं। वीड में सरपंच की हत्या मामले में आध्यात्मिक नेता नामदेव शास्त्री ने कहा था, हत्या गांव का मुद्दा है, लेकिन इसने सामाजिक माहौल को बिगाड़ दिया है। मुंडे कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जो जबरन वसूली के पैसों से जीवन जीता हो। पिछले 53 दिनों से उनके खिलाफ मीडिया ट्रायल चल रहा है।
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पत्रकारों से बात करते हुए धनंजय मुंडे ने कहा, "हत्या के बाद से ही मीडिया मुझ पर निशाना साध रही है, लेकिन मैंने इसे लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। मैंने नामदेव शासंत्री से राजनीति को लेकर कोई बात नहीं की, लेकिन धार्मिक मुद्दों को लेकर मैंने उनसे बात की।" बाद में मंत्री ने सवाल किया कि क्या उनका इस्तीफा और राजनीतिक लाभ के लिए एक विशिष्ट समुदाय को निशाना बनाना पीड़ित के परिवार को न्याय दिलाने से ज्यादा जरूरी है? उन्होंने आगे कहा, "हत्या 53 दिन पहले हुई और हत्या के पहले दिन से ही मैं यह कह रहा हूं कि इसमें शामिल लोगों को मौत की सजा मिले। मेरे इस रुख के बावजूद, इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया गया।"
नामदेव शास्त्री को धनंजय मुंडे के खिलाफ सबूत भेजेगी अंजलि दमानिया
इस बीच कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कहा कि वह नामदेव शास्त्री को धनंजय मुंडे के खिलाफ सबूत भेजेगी। उन्होंने कहा कि लड़ाई मुंडे के खिलाफ नहीं, बल्कि उनकी आतंक मानसिकता के खिलाफ है। अंजलि दमानिया ने कहा, "हमारे पास सबूत है। जब मैं इन सबूतों के साथ उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास गई, तब वे बहुत गंभीर हो गए थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने सबूत पेश करने के बाद अब वे धनंजय मुंडे के इस्तीफे का फैसला एक दूसरे पर थोप रहे हैं।" बता दें कि बीड सरपंच हत्या मामले में पुलिस अबतक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, आरोपी कृष्णा अंधाले अभी भी फरार है।
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धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों के नेता लगातार मंत्री (धनंजय मुंडे) से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। महाराष्ट्र में बीड के मासाजोग के सरपंच संतोष देशमुख को 9 दिसंबर को अपहरण कर प्रताड़ित किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई, क्योंकि वे बीड जिले में एक पवनचक्की परियोजना का संचालन करने वाली एक ऊर्जा कंपनी पर जबरन वसूली की कोशिश को रोकने का प्रयास कर रहे थे।
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धनंजय मुंडे के समर्थन में नामदेव शास्त्री
धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मिक कराड को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल में धनंजय मुंडे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय संभाल रहे हैं। वीड में सरपंच की हत्या मामले में आध्यात्मिक नेता नामदेव शास्त्री ने कहा था, हत्या गांव का मुद्दा है, लेकिन इसने सामाजिक माहौल को बिगाड़ दिया है। मुंडे कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जो जबरन वसूली के पैसों से जीवन जीता हो। पिछले 53 दिनों से उनके खिलाफ मीडिया ट्रायल चल रहा है।
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पत्रकारों से बात करते हुए धनंजय मुंडे ने कहा, "हत्या के बाद से ही मीडिया मुझ पर निशाना साध रही है, लेकिन मैंने इसे लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। मैंने नामदेव शासंत्री से राजनीति को लेकर कोई बात नहीं की, लेकिन धार्मिक मुद्दों को लेकर मैंने उनसे बात की।" बाद में मंत्री ने सवाल किया कि क्या उनका इस्तीफा और राजनीतिक लाभ के लिए एक विशिष्ट समुदाय को निशाना बनाना पीड़ित के परिवार को न्याय दिलाने से ज्यादा जरूरी है? उन्होंने आगे कहा, "हत्या 53 दिन पहले हुई और हत्या के पहले दिन से ही मैं यह कह रहा हूं कि इसमें शामिल लोगों को मौत की सजा मिले। मेरे इस रुख के बावजूद, इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया गया।"
नामदेव शास्त्री को धनंजय मुंडे के खिलाफ सबूत भेजेगी अंजलि दमानिया
इस बीच कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कहा कि वह नामदेव शास्त्री को धनंजय मुंडे के खिलाफ सबूत भेजेगी। उन्होंने कहा कि लड़ाई मुंडे के खिलाफ नहीं, बल्कि उनकी आतंक मानसिकता के खिलाफ है। अंजलि दमानिया ने कहा, "हमारे पास सबूत है। जब मैं इन सबूतों के साथ उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास गई, तब वे बहुत गंभीर हो गए थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने सबूत पेश करने के बाद अब वे धनंजय मुंडे के इस्तीफे का फैसला एक दूसरे पर थोप रहे हैं।" बता दें कि बीड सरपंच हत्या मामले में पुलिस अबतक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, आरोपी कृष्णा अंधाले अभी भी फरार है।