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SC: सुप्रीम कोर्ट पर विवादित टिप्पणी मामले प्रशांत भूषण को चेतावनी, BCI ने कहा- हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे

Sat, 13 Aug 2022 09:25 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sat, 13 Aug 2022 09:25 PM IST
सार

बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल द्वारा आयोजित एक वेबिनार में बोलते हुए सारी हदें पार कर दी थीं। उन्होंने कहा कि वकील प्रशांत भूषण जैसे लोग भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। 

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BCI raps Prashant Bhushan says no one has authority to ridicule Supreme Court its judges and judiciary
प्रशांत भूषण - फोटो : social media

विस्तार

एक वेबिनार में न्यायपालिका के खिलाफ हाल ही में कथित टिप्पणी के लिए वकील प्रशांत भूषण को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने लताड़ लगाई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने फटकार लगाते हुए कहा कि किसी को भी सुप्रीम कोर्ट और उसके न्यायाधीशों का उपहास करने का अधिकार नहीं है। बीसीआई ने यह भी कहा कि लक्ष्मण रेखा को वकीलों द्वारा पार नहीं किया जाना चाहिए।

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प्रेस कांफ्रेंस में बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि वकील प्रशांत भूषण जैसे लोग भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करके उन्होंने पूरी दुनिया को बताया कि वे भारत विरोधी अभियान में शामिल हैं।
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क्या था मामला
दरअसल, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने 10 अगस्त को इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (आईएएमसी) द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए जाकिया जाफरी और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) जैसे मामलों में शीर्ष अदालत के हालिया फैसलों की आलोचना की थी। 
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किसी को भी सुप्रीम कोर्ट के उपहास का अधिकार नहीं
बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बयान में कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय के हमारे न्यायाधीशों के लिए न केवल गंदे और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि  सर्वोच्च न्यायालय के कुछ न्यायाधीशों की आलोचना करके उन्होंने अपने भारत विरोधी होने का प्रमाण दे दिया। बीसीआई ने बयान में कहा कि किसी को भी भारत के सुप्रीम कोर्ट या उसके न्यायाधीशों या न्यायपालिका का उपहास करने का अधिकार नहीं है।

बीसीआई ने प्रशांत भूषण को दी चेतावनी
बीसीआई ने बयान में प्रशांत भूषण को कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि आप भारत के नागरिकों के रूप में व्यवस्था का मजाक नहीं बना सकते, खासकर तब जब आप एक वकील हैं। ऐसे में आप परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। बयान में कहा गया है कि आप किसी की भी आलोचना कर सकते हैं, लेकिन आप लक्ष्मण रेखा को पार नहीं कर सकते। आपकी भाषा अभ्यास का लाइसेंस आपको वकील के रूप में अपनी स्थिति का दुरुपयोग करने का अधिकार नहीं देता है। 

भारत विरोधी होने का दिया प्रमाण
बीसीआई ने बयान में कहा कि प्रशांत भूषण जैसे व्यक्ति कभी भी नागरिक स्वतंत्रता के चैंपियन नहीं रहे हैं, बल्कि, इस तरह के बकवास कार्य करके, वे दुनिया को यह संदेश देने में सफल होते हैं कि वे भारत विरोधी हैं। वास्तव में, ऐसे लोग भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। हम चीन और रूस जैसे देशों में प्रशांत भूषण जैसे लोगों के अस्तित्व की कल्पना नहीं कर सकते।

बीसीआई ने न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद की नौकरियों के मुद्दे पर भूषण के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि विभिन्न कानूनों के तहत कुछ पद ऐसे हैं जो केवल सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को ही सौंपे जा सकते हैं। इसलिए, इस तरह की नियुक्तियों की इतने अभद्र तरीके से आलोचना नहीं की जा सकती है। बार काउंसिल भी इन मुद्दों को उचित मंचों के समक्ष सम्मानजनक तरीके से उठाती रही हैं। इन मामलों के लिए हमारे न्यायाधीशों या संस्था की छवि खराब करना काफी अनुचित है।


बार काउंसिल इस तरह की हरकतों को नहीं करेगा बर्दाश्त
बयान में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट किसी न किसी कारण से अवमानना की कार्यवाही शुरू करने में हिचकिचा सकता है, लेकिन बार काउंसिल इस तरह के उपद्रव को बर्दाश्त नहीं करेगी। बीसीआई अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि बयान देने में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि ऐसे संदेश पूरी दुनिया में जल्दी जाते हैं। उन्होंने कहा कि वकीलों के आचरण और शिष्टाचार के लिए, बीसीआई और राज्य परिषदों ने मानदंड और दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं।

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