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UNLF: समझौते के बावजूद इस उग्रवादी संगठन ने अब तक नहीं किया सरेंडर, मणिपुर में कई हिंसक गतिविधियों में शामिल

Sun, 31 Mar 2024 04:39 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/इंफाल Published by: आदर्श शर्मा Updated Sun, 31 Mar 2024 04:39 PM IST
सार

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूएनएलएफ (पी) चार महीने पहले केंद्र के साथ युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर करने के बावजूद हथियार सौंपने या अपने सदस्यों की सूची देने में विफल रहा है।  यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पी) की कुकी आबादी वाले इलाकों के पास शिविर बनाने करने की मांग का सुरक्षा एजेंसियों ने विरोध किया, क्योंकि उन्हें जातीय संघर्षों में संभावित बढ़ोतरी का डर था, जिसके चलते राज्य में पहले ही 200 से अधिक लोग हताहत हो चुके हैं।

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Banned UNLF(P) delaying surrender of cadre, weapons despite ceasefire agreement, say officials
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूएनएलएफ (पी) चार महीने पहले केंद्र के साथ युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर करने के बावजूद हथियार सौंपने या अपने सदस्यों की सूची देने में विफल रहा है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। साथ ही दावा किया गया कि मणिपुर हिंसा में  यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट का हाथ हो सकता है।
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सुरक्षा एजेंसियों ने जताई चिंता
राज्य अधिकारियों के साथ तीन दौर की बातचीत के बाद भी  यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जो युद्धविराम पर सहमत होने वाला पहला मैतेई आतंकवादी संगठन है) ने पिछले 29 नवंबर को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से सहमत शर्तों का पालन नहीं किया है। संघर्ष विराम के बावजूद यूएनएलएफ (पी) के सदस्यों के कारण मणिपुर में जारी हिंसा पर सुरक्षा एजेंसियों ने चिंता जताई है। अधिकारियों ने कहा कि संघर्ष विराम समझौते के बावजूद, हाल की घटनाओं से पता चलता है कि यूएनएलएफ (पी) के सदस्य बेखौफ होकर हिंसक गतिविधियां कर रहे हैं, यहां तक कि सुरक्षा बलों से हथियार भी लूट रहे हैं।
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उल्फा की कुछ मांगों पर आपत्ति
 यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पी) की कुकी बादी वाले इलाकों के पास शिविर बनाने की मांग का सुरक्षा एजेंसियों ने विरोध किया, क्योंकि उन्हें जातीय संघर्षों में संभावित बढ़ोतरी का डर था, जिसके चलते राज्य में पहले ही 200 से अधिक लोग हताहत हो चुके हैं। 
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सुरक्षा बलों ने इन मांगों को किया खारिज
सुरक्षा एजेंसियों ने शिविरों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी और तलहटी पर शिविर स्थापित करने पर  यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट की आपत्ति को खारिज कर दिया। अधिकारियों ने यूएनएलएफ से हथियार सौंपने और स्थानांतरण के लिए सदस्यों की एक सूची प्रदान करने का आग्रह किया है। हाल की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि यूएनएलएफ के सदस्य आदिवासी आबादी को निशाना बनाने के लिए कुकी बस्तियों के पास शिविर स्थापित कर रहे हैं, जिससे तनाव बढ़ रहा है।
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