फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Banking Law Amendment Bill passed in LS, FM said - Administration will be strengthened in the banking sector

संसद: बैकिंग कानून संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित, वित्त मंत्री बोलीं- बैंक क्षेत्र में मजबूत होगा प्रशासन

Tue, 03 Dec 2024 07:44 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Tue, 03 Dec 2024 07:44 PM IST
सार

वित्त मंत्री ने कहा कि विधेयक पास हो जाने के बाद बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत एक खाताधारक अपने खाते में चार नॉमिनी जोड़ सकेगा। इसके अलावा सहकारी बैंकों के अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशकों के अलावा अन्य निदेशकों का कार्यकाल आठ से 10 वर्ष हो जाएगा। विधेयक में 19 संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं।

विज्ञापन
Banking Law Amendment Bill passed in LS, FM said - Administration will be strengthened in the banking sector
निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI

विस्तार

लोकसभा में मंगलवार को बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पारित हो गया। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विधेयक में किए गए संशोधनों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संशोधनों से भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में प्रशासन मजबूत होगा। इसके अलावा निवेशकों की सुरक्षा और नॉमिनी के सम्मान के साथ ही ग्राहकों की सुविधा को बढ़ाएगा। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य प्रशासन मानकों को बेहतर करना और रिजर्व बैंक को बैंकों की ओर से की जाने वाली रिपोर्टिंग में स्थिरता देना है। संशोधन में यह साफ किया गया है कि जमाकर्ताओं और निवेशकों को बेहतर सुरक्षा मिले। साथ ही निजी क्षेत्र की बैंकों में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो। 
विज्ञापन


वित्त मंत्री ने कहा कि विधेयक पास हो जाने के बाद बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत एक खाताधारक अपने खाते में चार नॉमिनी जोड़ सकेगा। इसके अलावा सहकारी बैंकों के अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशकों के अलावा अन्य निदेशकों का कार्यकाल आठ से 10 वर्ष हो जाएगा। विधेयक में 19 संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विधेयक पारित होने के बाद बैंक अपनी रिपोर्ट रिजर्व बैंक को हर शुक्रवार की जगह हर पखवाड़े के अंतिम दिन सौंपेंगे। इसके साथ ही गैर अधिसूचित बैंकों को शेष नकदी भंडार को व्यवस्थित रखना होगा। विधेयक में केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक को राज्य सहकारी बैंक के बोर्ड में सेवा करने की  अनुमति देने का भी प्रावधान किया गया है। 

वित्त मंत्री ने कहा कि विधेयक में एक और अहम बदलाव किया गया। अब तक अगर किसी खाते में सात वर्ष तक कोई लेन-देन नहीं होता था तो उसे निवेशक शिक्षा और सुरक्षा फंड में भेज दिया जाता था। इस संशोधन के बाद खाताधारक निवेशक शिक्षा और सुरक्षा फंड से राशि की वापसी का दावा कर सकता है। 


विधेयक में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949, भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955, बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 और बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम, 1980 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed