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एनआरसी भारत का अंदरूनी मामलाः बांग्लादेश
Fri, 03 Jan 2020 12:50 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 03 Jan 2020 12:50 AM IST
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एनआरसी
- फोटो : Amar Ujala
भारत में लागू हुए नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) को लेकर बांग्लादेश ने साफ किया है कि ये भारत का अंदरूनी मामला है।
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बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनका देश सही दस्तावेज़ों वाले बांग्लादेशियों को वापस लेने को तैयार है, वहीं अब बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के महानिदेशक सेजर जनरल शफीनुल इस्लाम ने भी साफ कह दिया है कि एनआरसी भारत का अंदरूनी मामला है और दोनों देशों के बीच सीमा की सुरक्षा के सवाल पर बेहद सहयोगात्मक रिश्ते हैं।
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हालांकि नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने इस बात पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि सीएए के बाद अब भारत में बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए गैर मुसलमानों को भारत की नागरिकता मिल जाएगी।
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बांग्लादेश और भारत के बीच सीमा सुरक्षा के सवाल पर बातचीत करने के लिए बीजीबी का प्रतिनिधिमंडल शफीनुल इस्लाम की अगुवाई में भारत आया था और भारत की बॉर्डर सेक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) के महानिदेशक के साथ मिलकर दोनों देशों की सीमा सुरक्षा का जायजा लिया था।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बेहद सौहार्दपूर्ण रिश्ते हैं। उन्होंने बताया कि बीजीबी ने इस साल 300 ऐसे बांगलादेशी नागरिकों को सीमा पर पकड़ा जौ गैर कानूनी तरीके से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने इस खबर का भी खंडन किया कि भारत जबरन बांग्लादेशियों को वापस भेज रहा है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश और भारत के बीच अवैध नागरिकों की वापसी के सवाल पर और सीमा से घुसपैठ को लेकर तनातनी बनी रहती है और पिछले दिनों इन्हीं कुछ वजहों से दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता रद्द भी हो गई थी।