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बालाकोट एयर स्ट्राइक: मदरसा छात्र ने बताई उस रात की कहानी
Tue, 05 Mar 2019 12:43 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Tue, 05 Mar 2019 12:43 PM IST
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भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक की गई थी। इसके कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तानी सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के मदरसों से छात्रों को बाहर निकाला और उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर ले गए। इसके कुछ दिनों बाद उन्हें घर वापस भेज दिया गया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बचाए गए छात्र के रिश्तेदार ने बताया कि पाकिस्तानी सेना जैश के कैंप को हमले से एक हफ्ते या उससे पहले से सुरक्षा प्रदान कर रहा था।
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छात्र ने अपने परिवार वालों को बताया कि वह 26 फरवरी की काली सुबह थी जब वह और उसके साथी सो रहे थे। तभी बड़े धमाके की आवाज से सभी उठ गए। रिश्तेदार ने बताया, 'यह आवाज ज्यादा दूर नहीं थी, काफी पास थी।' वह घबराकर उठ गए लेकिन उन्हें जब दोबारा कुछ सुनाई नहीं दिया तो वह दोबारा सो गए। रिश्तेदार ने कहा, 'उन्हें लगा कि यह उनका वहम होगा। या हो सकता है भूकंप आया होगा। उन्हें कुछ और सुनाई नहीं दिया और वह वापस बिस्तर पर चले गए।'
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रिश्तेदार का कहना है कि यह समय सुबह की नमाज का था। जब बच्चे दोबारा उठे तो जवानों ने उन्हें उस जगह को खाली करने के लिए कहा। उन्होंने बताया, 'फौजी उनको किसी और जगह ले गए। वहां उन्हें दो-तीन दिन रखा गया।' हालांकि उन्हें उस स्थान के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, 'उसने बताया कि मदरसे में बहुत से लोग मौजूद थे लेकिन सभी को सुरक्षित स्थान में नहीं ले जाया गया। उसे और उसकी उम्र के कुछ अन्य को ले जाया गया। उसे नहीं पता कि अन्य के साथ क्या हुआ या विस्फोट कहां हुआ था।'
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छात्र ने अपने परिवार के सदस्य को बताया कि घटना से कुछ दिनों पहले मदरसों पर जवानों की तैनाती थी। रिश्तेदार ने बताया, 'उन्होंने कहा कि फौजी मदरसे को सुरक्षा देने के लिए आए हैं क्योंकि इसकी तस्वीर लीक हो गई है। सुरक्षित स्थान पर दो या तीन दिन रहने के बाद लड़कों को अपने घर जाने के लिए कहा गया। वह मदरसे में लौटना चाहता है। हर कोई उसे शादी करके घर बसाने के लिए बोल रहा है लेकिन वह मदरसा वापस जाना चाहता है।'