बाल शक्ति पुरस्कार 2020 : सूझबूझ ने ईशान को दिलवाया सम्मान, रूसी युवती के लिए बने फरिश्ता
- हरियाणा के ईशान सहित ऐसे 49 बहादुर बच्चों को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
- मुश्किल में फंसी रूसी युवती की स्मार्टफोन ट्रांसलेटर से बात कर की मदद
- बाल शक्ति पुरस्कार 2020 : देश के कोने कोने से बच्चों को मिले पुरस्कार
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हरियाणा के यमुनानगर में 15 साल के ईशान शर्मा को परेशान हाल घूम रही रूसी नागरिक तितोवा एलिना जगधारी क्षेत्र में नजर आईं। ईशान ने उनसे मोबाइल ट्रांसलेशन एप्लीकेशन के जरिए बातचीत की तो मालूम हुआ कि दीपक नामक युवक ने उन्हें विवाह के नाम पर धोखा देकर 14 हजार डॉलर, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज ठग लिए हैं। ईशान उन्हें अपने घर लेकर आए और पुलिस को सूचित कर उनकी मदद की।
ईशान की तरह ही 10 वर्षीय लालकंसुग को मणिपुर में तीन लड़कियों को झील में डूबने से बचाने और पेमा को बारिश के दौरान स्कूल की दीवार ढहने पर दो लड़कियों को बचाने के लिए बुधवार को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया। देश को आगे बढ़ाने में बच्चे पूरे जोश और जी-जान से योगदान दे रहे हैं।
कला, खेल, संगीत, इनोवेशन, समाज सेवा और सबसे प्रमुख वीरता जैसे क्षेत्रों में शानदार काम करने वाले ईशान जैसे देश के 49 बच्चों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को बाल शक्ति पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया। केवल पांच से 18 साल के इन बच्चों को मेडल, सर्टिफिकेट, स्मृति चिह्न और एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
प्रमुख राज्यों में इन्हें मिले सम्मान
हरियाणा : वीरता - ईशान शर्मा, इनोवेशन - पारितोष दहिया, सामाजिक सेवा - शौर्य सिन्हा, खेल - खुशी हुडा, नेहा, पृथु गुप्ता।
उत्तर प्रदेश : कला एवं संस्कृति - गौरी मिश्रा, इनोवेशन - हर्षिता अरोड़ा, पार्थ बंसल, समाज सेवा - पार्थ सारथी, खेल - आरुषि शर्मा, रुशिल खोसला।
दिल्ली के सात बच्चों को सम्मान
- 18 वर्षीय संचिता तिवारी ने तीरंदाजी में तीन अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं। उन्हें खेलों के लिए सम्मानित किया गया।
- 15 साल की परिकुल भारद्वाज को सामाजिक सेवा क्षेत्र में सम्मानित किया गया। उन्होंने केदारनाथ यात्रा के दौरान विकट हालात में मरीजों को चिकित्सा में सहयोग दिया था।
- चिराग फलोर ने हंगरी में आयोजित खगोल विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में हिस्सा लिया था। उन्हें अकादमिक क्षेत्र में काम के लिए सम्मान मिला।
- 17 साल के अर्जुन पांडेय को भारत के पहले स्काउटिंग मोबाइल पोर्टल ‘स्काउट मी’ के लिए सम्मानित किया गया। इस पोर्टल को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन अपना चुकी है।
- 18 साल के राघव पुरी को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) आधारित प्रोजेक्ट रिकवरिंग हिस्ट्री के लिए सम्मानित किया गया। इसके जरिए उन्होंने इतिहास और सांस्कृतिक अध्ययन के लिए प्राचीन वस्तुओं के टूटे हिस्सों को फिर से रचने की विधि तैयार की है।
- सागनिक अनुपम को अगुरा एप्लीकेशन के लिए पुरस्कार दिया गया। यह एप्लीकेशन एआई के जरिए नदियों में बाढ़ का अनुमान देता है।
- 19 साल के तनिष्क गोयल ने मशीन लर्निंग आधारित स्मार्ट ड्रोन निगरानी कार्यक्रम तैयार किया है। इसे नासा द्वारा भी पुरस्कार के लिए चुना गया था।
उभरती हुई शूटर के पिता ने चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
ओलंपिक के लिए चयनित शूटर मानु भाकर के पिता रामकिशन ने बाल पुरस्कार अवार्ड चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। 17 साल की मानु ने 2018 में मैक्सिको वर्ल्ड कप में कई पदक जीतते हुए पिछले वर्ष देश की सबसे युवा स्वर्ण पदक विजेता का रुतबा भी हासिल किया था।
वे 2020 में होने वाले ओलंपिक के 15 सदस्यीय शूटिंग दल का हिस्सा हैं। उनके पिता ने कहा कि अगर इतने पदक जीतने पर भी मानु को अनदेखा किया जाता है तो यह निराशाजनक है। वे पूछना चाहेंगे कि विजेताओं के चयन की प्रक्रिया क्या है? क्या उसने चयन के लिए काफी उपलब्धि नहीं हासिल की?
रामकिशन ने बताया कि उन्होंने समय पर पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, जब मालूम हुआ कि मानु के नाम पर पुरस्कार के लिए विचार नहीं होगा तो उन्होंने महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
25 मेल किए : रामकिशन ने बताया उन्होंने अधिकारियों को 25 ई-मेल किए। कई फोन कॉल भी किए। हर बार निजी सचिव द्वारा जवाब में कहा गया कि अधिकारी व्यस्त हैं।