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भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ वारंट जारी, भोपाल की अदालत में नहीं हुए पेश
Fri, 28 Dec 2018 09:06 AM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 28 Dec 2018 09:06 AM IST
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संबित पात्रा
- फोटो : Twitter
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में भाजपा नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया है। पात्रा ने चुनाव प्रचार के दौरान भोपाल में सड़क पर पत्रकार वार्ता आयोजित की थी। इस मामले में भोपाल की एक अदालत ने वारंट जारी किया है।
संबित पात्रा और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एसएस उप्पल के खिलाफ इस सिलसिले में एक परिवाद भुवनेश्वर प्रसाद मिश्र की ओर से अधिवक्ता यावर खान ने अदालत में दायर किया था।
इस मामले में मजिस्ट्रेट प्रकाश कुमार उइके ने पात्रा के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
परिवाद पत्र के अनुसार 27 अक्टूबर को भोपाल के एमपी नगर में विशाल मेगा मार्ट के पास रास्ता रोक कर और टेंट - कुर्सियां लगाकर आवागमन के मार्ग का बाधित कर दिया गया था और बिना अनुमति के पत्रकार वार्ता का आयोजन कर चुनाव आचार संहिंता का उल्लंघन किया गया था। इस संबंध में चुनाव आयुक्त कार्यालय और पुलिस अधीक्षक को शिकायत की गई थी।
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मजिस्ट्रेट ने थाना एमपी नगर को संबित पात्रा और एसएस उप्पल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
एसएस उप्पल ने अदालत में हाजिर होकर 26 दिसंबर को जमानत अर्जी दी थी, जिसे मजिस्ट्रेट ने मंजूर कर उन्हें पांच हजार रुपए की जमानत पर रिहा कर दिया। वहीं, अदालत में हाजिर नहीं होने पर मजिस्ट्रेट ने संबित पात्रा के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
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संबित पात्रा और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एसएस उप्पल के खिलाफ इस सिलसिले में एक परिवाद भुवनेश्वर प्रसाद मिश्र की ओर से अधिवक्ता यावर खान ने अदालत में दायर किया था।
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इस मामले में मजिस्ट्रेट प्रकाश कुमार उइके ने पात्रा के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
परिवाद पत्र के अनुसार 27 अक्टूबर को भोपाल के एमपी नगर में विशाल मेगा मार्ट के पास रास्ता रोक कर और टेंट - कुर्सियां लगाकर आवागमन के मार्ग का बाधित कर दिया गया था और बिना अनुमति के पत्रकार वार्ता का आयोजन कर चुनाव आचार संहिंता का उल्लंघन किया गया था। इस संबंध में चुनाव आयुक्त कार्यालय और पुलिस अधीक्षक को शिकायत की गई थी।
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मजिस्ट्रेट ने थाना एमपी नगर को संबित पात्रा और एसएस उप्पल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
एसएस उप्पल ने अदालत में हाजिर होकर 26 दिसंबर को जमानत अर्जी दी थी, जिसे मजिस्ट्रेट ने मंजूर कर उन्हें पांच हजार रुपए की जमानत पर रिहा कर दिया। वहीं, अदालत में हाजिर नहीं होने पर मजिस्ट्रेट ने संबित पात्रा के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।