एनडीए सरकार का 'बदलापुर', नामों में किए ये पांच बड़े बदलाव
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खबर है कि जल्द ही देश की सबसे प्रमुख सड़क और तमाम राजनीतिक बदलावों की गवाह रही सात रेसकोर्स रोड का नाम बदलकर एकात्म रोड किया जा सकता है। इस संबंध में नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी ने एनडीएमसी को पत्र लिखा है। जिसपर एनडीएमसी की बैठक में आज मुहर लग सकती है।
नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी ने बीते 7 सितंबर को ही इस संबंध में एनडीएमसी को पत्र लिखा था। निगम की बैठक में इस पर सर्वसम्मति से मुहर लगने की उम्मीद है। बदलाव के बाद इस रोड का नाम 7 एकात्म मार्ग हो जाएगा, जो भाजपा के शिखर पुरुष पंडित दीनदयाल के नाम से जुड़ा है।
हालांकि इस तरह का यह पहला बदलाव नहीं है मौजूदा एनडीए सरकार में इससे पहले कई प्रमुख सड़कों और योजनाओं का नाम बदला जा चुका है। विपक्षी दल इन बदलावों को सरकार की बदले की भावना से जोड़ते हैं तो सरकार समर्थक इसे एक सामान्य बात कहकर खारिज कर देते हैं। आइए डालते हैं ऐसे ही कुछ चुनिंदा बदलावों पर एक नजर।
गुडगांव का नाम बदलकर हुआ गुरुग्राम
बदलावों की इस फेहरिस्त में सबसे बड़ा बदलाव तब हुआ जब हरियाणा सरकार ने देश के सबसे विकसित शहरों में शुमार गुडगांव का नाम बदलकर गुरुग्राम कर दिया। नाम बदलने के लिए खट्टर सरकार ने महाभारत का संदर्भ देते हुए अपने इस फैसले का बचाव किया था। जिसमें कहा गया पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य को यह गांव दान में मिला था और पूर्व में भी इसका नाम गुरुग्राम ही था जो विकृत होकर गुडगांव पड़ गया। हालांकि इस पर जमकर विवाद हुआ और सरकार को
आलोचनाओं का भी सामना भी करना पड़ा।
औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे कलाम रोड
इससे कुछ दिन पहले ही दिल्ली की प्रमुख रोड औरंगजेब रोड का नाम बदलकर पूर्व दिवंगत राष्ट्रपति एपीजे कलाम के नाम पर रखा गया था। इस मुहिम को भाजपा सांसद महेश गिरी ने चलाया था जिसके बाद एनडीएमसी ने नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। विवाद उस दौरान भी हुआ लेकिन मामला पूर्व राष्ट्रपति कलाम से जुड़ा होने के कारण विरोध कुछ ज्यादा नहीं हो सका।
बदली गई राजीव गांधी के नाम वाली कई बड़ी योजनाएं
अपने दो साल के कार्यकाल में एनडीए सरकार ने दर्जनभर से ज्यादा पुरानी महत्वपूर्ण योजनाओं के नामों में भी बदलाव किया है। इसकी सबसे गाज गिरी है पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम वाली योजनाओं पर। जिनमें राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण योजना का नाम बदलकर उसे पंचायत सशक्तिकरण योजना और एससी एसटी छात्रों को दी जाने वाली राजीव गांधी स्कॉलरशिप का नाम प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप रख दिया गया। इसके अलावा राजीव गांधी राष्ट्रीय खेल योजना का
नाम भी बदल दिया गया।
इंदिरा गांधी के नाम पर भी गिरी गाज
राजीव गांधी के साथ ही उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी मौजूदा एनडीए सरकार के निशाने पर है। उनके नाम वाली कई योजनाओं पर भी गाज गिरी है। इनमें सबसे प्रमुख है इंदिरा आवास योजना जिसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया गया। इस योजना की गिनती केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में होती है। कुछ दिन पहले ही सरकार ने इसके नाम में बदलाव करने का निर्णय लिया था।
हैदराबाद टर्मिनल का नाम भी बदला गया
इसके अलावा केंद्र सरकार ने कांग्रेस के तमाम विरोध के बावजूद हैदराबाद एयरपोर्ट के टर्मिनरल का नाम बदलकर पूर्व दिग्गज नेता एनटीर रामाराव के नाम पर कर दिया। इस एयरपोर्ट का नाम पूर्व में राजीव गांधी के नाम पर ही था। लेकिन राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र ने मुहर लगाते हुए इसके नाम में बदलाव कर दिया। इसके अलावा एक विवाद तब भी हो गया था जब चंडीगढ़ में अरबों की लागत से बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम भगत सिंह के बजाय पूर्व आरएसएस
और भाजपा नेता मंगल सेन के नाम पर रखे जाने की चर्चा शुरू हुई थी। हरियाणा सरकार ने इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया था लेकिन मामले के तूल पकड़ने पर केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं की, नतीजतन मामला ठंडा पड़ गया।