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Karnataka: 'घटिया रिंगर लैक्टेट घोल हो सकता है कारण', बल्लार में मातृ मृत्यु की दरों में वृद्धि पर राज्य सरकार
Sat, 30 Nov 2024 03:06 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 30 Nov 2024 03:06 AM IST
सार
कर्नाटक के बल्लार में मातृ मृत्यु की दरों में बढ़ोतरी को लेकर कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने बयान जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि बल्लारी में घटिया रिंगर लैक्टेट का घोल मातृ मृत्यु की दरों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण हो सकता है।
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कर्नाटक मुख्यमंत्री, सिद्धारमैया
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक के बल्लारी में इन दिनों मातृ मृत्यु की दरों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बना हुआ है। इसी सिलसिले में कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को कहा कि बल्लारी में हाल ही में हुई मातृ मृत्यु का कारण घटिया रिंगर लैक्टेट घोल हो सकता है, जिसे शरीर में जल संतुलन बहाल करने के लिए नसों में दिया जाता है। बता दें कि यह घोल पश्चिम बंगा फार्मास्युटिकल लिमिटेड द्वारा कर्नाटक राज्य चिकित्सा आपूर्ति निगम लिमिटेड (KSMSCL) को आपूर्ति किया गया था।
स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 9 से 11 नवंबर के बीच बल्लारी जिला अस्पताल में मातृ मृत्यु की संख्या में अचानक वृद्धि हुई थी। यह सभी मौतें सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हुईं। इन तीन दिनों में किए गए 34 सिजेरियन ऑपरेशनों में से सात में जटिलताएं आईं।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सात मामलों में से चार में गंभीर जटिलताएं जैसे कि तीव्र किडनी की चोट और मल्टी-ऑर्गन डिसफंक्शन की समस्या आई, जिनकी मृत्यु हो गई। बता दें कि इस मामले में दो को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और एक मरीज अब भी इलाज के लिए विजयनगर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बल्लारी में भर्ती है।
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समीक्षा के बाद विभाग ने जारी किया बयान
मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव के आदेश पर राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा एक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मातृ मृत्यु की समीक्षा की। समीक्षा के बाद विभाग ने एक बयान में कहा कि बल्लारी जिला अस्पताल की टीम द्वारा कोई लापरवाही नहीं की गई और सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था।
हालांकि, सिजेरियन ऑपरेशन के बाद जटिलताओं के कारण मौतों का कारण रिंगर लैक्टेट घोल को बताया गया है, जो पश्चिम बंगा फार्मास्युटिकल लिमिटेड से आया था। इस कंपनी द्वारा आपूर्ति किए गए 192 बैचों को कर्नाटक राज्य चिकित्सा आपूर्ति निगम ने अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया था, क्योंकि कुछ बैचों को मानक गुणवत्ता का नहीं माना गया था।
गुणवत्ता के मिले प्रमाण- विभाग
बयान में कहा गया है कि केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं से मानक गुणवत्ता प्रमाण पत्र मिलने के बाद, अगस्त 2024 में 84 बैचों के रिंगर लैक्टेट को उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। फिलहाल, राज्य भर में रिंगर लैक्टेट बैच को वापस लिया गया है और बल्लारी जिला अस्पताल से भेजे गए तरल पदार्थ का परीक्षण किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 9 से 11 नवंबर के बीच बल्लारी जिला अस्पताल में मातृ मृत्यु की संख्या में अचानक वृद्धि हुई थी। यह सभी मौतें सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हुईं। इन तीन दिनों में किए गए 34 सिजेरियन ऑपरेशनों में से सात में जटिलताएं आईं।
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इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सात मामलों में से चार में गंभीर जटिलताएं जैसे कि तीव्र किडनी की चोट और मल्टी-ऑर्गन डिसफंक्शन की समस्या आई, जिनकी मृत्यु हो गई। बता दें कि इस मामले में दो को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और एक मरीज अब भी इलाज के लिए विजयनगर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बल्लारी में भर्ती है।
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समीक्षा के बाद विभाग ने जारी किया बयान
मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव के आदेश पर राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा एक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मातृ मृत्यु की समीक्षा की। समीक्षा के बाद विभाग ने एक बयान में कहा कि बल्लारी जिला अस्पताल की टीम द्वारा कोई लापरवाही नहीं की गई और सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था।
हालांकि, सिजेरियन ऑपरेशन के बाद जटिलताओं के कारण मौतों का कारण रिंगर लैक्टेट घोल को बताया गया है, जो पश्चिम बंगा फार्मास्युटिकल लिमिटेड से आया था। इस कंपनी द्वारा आपूर्ति किए गए 192 बैचों को कर्नाटक राज्य चिकित्सा आपूर्ति निगम ने अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया था, क्योंकि कुछ बैचों को मानक गुणवत्ता का नहीं माना गया था।
गुणवत्ता के मिले प्रमाण- विभाग
बयान में कहा गया है कि केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं से मानक गुणवत्ता प्रमाण पत्र मिलने के बाद, अगस्त 2024 में 84 बैचों के रिंगर लैक्टेट को उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। फिलहाल, राज्य भर में रिंगर लैक्टेट बैच को वापस लिया गया है और बल्लारी जिला अस्पताल से भेजे गए तरल पदार्थ का परीक्षण किया जा रहा है।