Babri Masjid Case Verdict: ढांचा विध्वंस पर फैसले का आडवाणी ने किया स्वागत, बोले- जय श्रीराम
Babri Masjid Case Verdict: सीबीआई की विशेष अदालत ने अयोध्या में ढांचा विध्वंस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। विशेष अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने कहा कि यह घटना पूर्वनियोजित नहीं थी। अदालत के फैसले पर अधिकतर नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। भाजपा के वरिष्ठ नेता व देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने जय श्री राम का नारा लगाया और अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय उन्हीं अन्य फैसलों के अनुरूप हैं जिसने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के उनके सपने का मार्ग प्रशस्त किया। इस मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस फैसले से सत्य की जीत हुई है।
इस निर्णय का तहे दिल से स्वागत करता हूं: लालकृष्ण आडवाणी
इस फैसले को लेकर पूर्व उप प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, 'ढांचा विध्वंस मामले में विशेष अदालत के फैसले का मैं तहे दिल से स्वागत करता हूं। यह निर्णय राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रति मेरे व्यक्तिगत और भाजपा के विश्वास और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'उन्होंने कहा, 'मुझे यह भी अच्छा लगता है कि यह निर्णय नवंबर 2019 में दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के एक और ऐतिहासिक फैसले के नक्शेकदम पर आया है, जिसने अयोध्या में एक भव्य श्री राम मंदिर को देखने के मेरे लंबे समय के सपने को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त किया है, जिसकी नींव रखने का कार्यक्रम 5 अगस्त, 2020 को आयोजित किया गया था।'
भाजपा नेता ने कहा, 'मैं अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं, संतों और उन सभी का आभारी हूं, जिन्होंने अपनी निस्वार्थ भागीदारी और बलिदान के माध्यम से मुझे अयोध्या आंदोलन के दौरान ताकत और समर्थन दिया।'
उन्होंने कहा, 'मैं श्री महिपाल अहलूवालिया की अध्यक्षता वाली अपनी कानूनी टीम के योगदान को बहुत महत्व देता हूं। इन सभी वर्षों के दौरान, महिपाल जी, उनके बेटे अनुराग अहलूवालिया और उनकी टीम ने इस मामले के हर पहलू पर पूरी निष्ठा से ध्यान दिया।'
आडवाणी ने कहा, 'मेरे लाखों देशवासियों के साथ, मैं अब अयोध्या में सुंदर श्री राम मंदिर के पूरा होने की आशा करता हूं। श्री राम हमें हमेशा आशीर्वाद देते रहें। जय श्री राम।'
साबित हुआ छह दिसंबर को घटना के लिए नहीं रची गई थी साजिश: मुरली मनोहर जोशी
ढांचा विध्वंस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, 'यह अदालत का ऐतिहासिक फैसला है। इससे साबित होता है कि अयोध्या में छह दिसंबर की घटना के लिए कोई साजिश नहीं रची गई थी। हमारा कार्यक्रम और रैलियां किसी साजिश का हिस्सा नहीं थीं। हम खुश हैं, सभी को अब राम मंदिर निर्माण को लेकर उत्साहित होना चाहिए।'It's a historic decision by the court. This proves that no conspiracy was hatched for December 6 incident in Ayodhya. Our program and rallies were not part of any conspiracy. We are happy, everyone should now be excited about Ram Mandir's construction: Murli Manohar Joshi, BJP https://t.co/dwpyHkDM6X pic.twitter.com/2Uf5WrINZp
— ANI (@ANI) September 30, 2020
सीएम योगी ने फैसले पर कांग्रेस को माफी मांगने को कहा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अदालत के फैसले को लेकर कहा, 'सत्यमेव जयते! सीबीआई की विशेष अदालत के निर्णय का स्वागत है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित हो पूज्य संतों, भाजपा नेताओं, विहिप पदाधिकारियों, समाजसेवियों को झूठे मुकदमों में फंसाकर बदनाम किया गया। इस षड्यंत्र के लिए इन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।'
सत्यमेव जयते!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 30, 2020
CBI की विशेष अदालत के निर्णय का स्वागत है।
तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित हो पूज्य संतों,@BJP4India नेताओं,विहिप पदाधिकारियों,समाजसेवियों को झूठे मुकदमों में फँसाकर बदनाम किया गया।
इस षड्यंत्र के लिए इन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।
देरी से ही सही, लेकिन न्याय की जीत हुई: रक्षा मंत्री राजनाथ
ढांचा विध्वंस मामले में अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'लखनऊ की विशेष अदालत द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में श्री लालकृष्ण आडवाणी, श्री कल्याण सिंह, डा. मुरली मनोहर जोशी, उमाजी समेत 32 लोगों के किसी भी षड्यंत्र में शामिल न होने के निर्णय का मैं स्वागत करता हूं। इस निर्णय से यह साबित हुआ है कि देर से ही सही मगर न्याय की जीत हुई है।'लखनऊ की विशेष अदालत द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में श्री लालकृष्ण आडवाणी, श्री कल्याण सिंह, डा. मुरली मनोहर जोशी, उमाजी समेत ३२ लोगों के किसी भी षड्यंत्र में शामिल न होने के निर्णय का मैं स्वागत करता हूँ। इस निर्णय से यह साबित हुआ है कि देर से ही सही मगर न्याय की जीत हुई है।
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) September 30, 2020
हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं: इकबाल अंसारी
अयोध्या मुद्दे पर बाबरी के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में जो हुआ था वो पूरी दुनिया ने देखा। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। अंसारी ने कहा, 'हम संविधान को मानते हैं। हिंदू-मुस्लिम विवाद पूरी तरह खत्म होना चाहिए। अयोध्या में विकास होना चाहिए। कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया है ये अच्छी बात है, हम इसका सम्मान करते हैं।'कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया है ये अच्छी बात है, हम इसका सम्मान करते हैं: इकबाल अंसारी, बाबरी मस्जिद के पक्षकार pic.twitter.com/tU2uHhCB9Y
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 30, 2020
रविशंकर प्रसाद आडवाणी के घर पहुंचे
कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर पहुंचे, जिन्हें 31 अन्य आरोपियों के साथ आज लखनऊ में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में बरी कर दिया गया है।Delhi: Law & Justice Minister Ravi Shankar Prasad arrives at the residence of senior BJP leader Lal Krishna Advani who, along with 31 other accused, was acquitted in #BabriMasjid demolition case by Special CBI Court in Lucknow today. pic.twitter.com/oNHImAWP7i
— ANI (@ANI) September 30, 2020
भाजपा ने फैसले को सत्य की जीत करार दिया
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बुधवार को सुनाए गए फैसले में सभी आरोपियों को बरी करने का स्वागत करते हुए इसे सत्य की जीत करार दिया। अदालत के फैसले के तत्काल बाद भाजपा के संगठन महासचिव बी एल संतोष ने ट्वीट किया, 'ढांचा विध्वंस मामले में आरोपी सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। अदालत ने विध्वंस के पीछ किसी प्रकार के षडयंत्र होने की बात को खारिज किया है। अदालत ने माना है कि विध्वंस उकसावे की तात्कालिक प्रतिक्रिया का परिणाम था। सत्य की जीत होती है।'संघ ने किया फैसले का स्वागत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। संघ सरकार्यवाह सुरेश (भैयाजी) जोशी ने कहा, 'सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा विवादास्पद ढांचे के विध्वंस मामले में आरोपित सभी दोषियों को ससम्मान बरी करने के निर्णय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वागत करता है।'उन्होंने कहा, 'इस निर्णय के उपरांत समाज के सभी वर्गों को परस्पर विश्वास और सौहार्द के साथ एकत्र आकर देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए देश को प्रगति की दिशा में ले जाने के कार्य में जुट जाना चाहिए।'