बंदरों से शादी समारोह की सुरक्षा कर रहे लंगूर
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शादी समारोह की सुरक्षा लंगूरों के सहारे। भले ही सुनने में आपको अटपटा लगे, मगर यह सच है। मोदीनगर के लोग बंदरों से इस कदर परेशान हैं कि विवाह समारोह में बंदरों के हमले से बचने के लिए किराए पर लंगूर बुला रहे हैं। इससे शादी समारोह में लंगूरों का खर्च भी जुड़ रहा है। बता दें कि शादी वाले घरों में खाने-पीने का सामान मिलने से बंदर हमला कर देते हैं।
पॉश कालोनी सतीश पार्क में सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक सोमदत्त त्यागी की पोती की शादी का संगीत कार्यक्रम 11 फरवरी को था लेकिन एक दिन पहले और फिर सुबह बंदरों के हमले ने भय का माहौल बना दिया।
बड़ी संख्या में आए बंदर जहां सामान उठाकर ले गए वहीं, रसोई का सारा सामान इधर-उधर फेंक दिया। खुशी के माहौल में बंदरों के आतंक से परिवार के सदस्यों और मेहमानों में डर बैठ गया। ऐसे में, बंदरों को भागने के लिए सोमदत्त त्यागी को लंगूरों का सहारा लेना पड़ा। तीन दिन तक शादी समारोह के लिए प्रतिदिन 2200 रुपये में लंगूर किराए पर बुलाए गए।
लंगूरों से बंदर भगाने का धंधा अब नहीं मंदा
लंगूरों के जरिए बंदर भगाने का धंधा ज्यादा मुनाफे वाला नहीं था लेकिन इस वक्त ये धंधा अब मंदा नहीं है। मुलतानीपुरा पड़ाव निवासी कर्ण ने बताया कि शादी समारोह के दौरान लंगूरों की तैनाती जरूरत बन गई है। इनकी मांग भी बढ़ गई है। दो से तीन सौ लोगों के समारोह के दौरान बंदरों के भगाने के लिए एक लंगूर काफी होता है लेकिन लोगों की संख्या बढ़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।
लंगूर पालना प्रतिबंधित
लंगूर पालना प्रतिबंधित है लेकिन कई लोग लंगूर पालकर उनके जरिए अपना जीवन यापन कर रहे हैं। लंगूर वाले उसे परिवार के सदस्य की तरह रखते हैं। उनके लिए घर में एक अलग कमरा होता है, उनके खाने-पीने का भी पूरा ख्याल रखा जाता है।
लंगूर पूरी तरह से शाकाहारी होता है और उसकी तबीयत बिगड़ने पर वेटनरी डॉक्टर से इलाज कराया जाता है। उधर, मुरादनगर वन रेंजर आरएच सिद्दीकी ने बताया कि लंगूर पालना प्रतिबंधित है, शादी समारोह में लंगूरों की तैनाती की जानकारी नहीं, मामले की जांच कर लंगूर पालने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।