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बाबा ढोकल की मजार पर मन्नत मांगने से खूब बरसता है पानी, मिलती है सूखे से राहत

Mon, 11 Jul 2016 11:42 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 11 Jul 2016 11:42 AM IST
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Baba Dhokal is like Indradev as his blessings bring rains
एक मजार जो सूखे से दिलाती है राहत - फोटो : TOI

'बाबा ढोकल, पानी मोकल'... गुजराती में कही इस बात का मतलब साफ है, कि बाबा ढोकल पानी बरसाइए। आपको जानकर हैरानी होगी कि अहमदाबाद स्थित बाबा ढोकल की मजार सूखे से राहत दिलाती है। 

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टाइम्म ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बाबा ढोकल की मजार पर आने वाले श्रद्धालु पानी बरसाने की अर्जी लेकर आते हैं। 
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बाबा को यहां का इंद्रदेव माना जाता है। लोगों की इस बात में गहरी आस्था है कि बाबा ढोकल के आशीर्वाद से जब चाहों बारिश होती है और सूखे से राहत मिलती है।

पानी बरसाने के कारण बाबा ढोकल अब का नाम दूर-दूर तक फैल रहा और दूसरी जगहों से भी लोग यहां पानी बरसाने की प्रार्थना करने पहुंचते हैं। 

मेहंदी कुआ इलाके में इस मजार पर गुरुवार के दिन तो श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। भीड़ इतनी होती है कि बमुश्किल पैर रखने की जगह मिलती है। 

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बाबा ढोकल के नाम पर बांटा जाता है ढोकला

Baba Dhokal is like Indradev as his blessings bring rains

बाबा की इस मजार को खास बनाता है इसका नाम भी। हलांकि कि स्थानीय लोगों में किसी के पास इस बाक का कोई तर्क नहीं कि बाबा का नाम ढोकल बाबा कैसे पड़ा। हर गुरुवार को बाबा के नाम पर इलाके में प्रसिद्ध गुजराती व्यंजन 'ढोकला' बतौर बाबा का प्रसाद खूब बांटा जाता है। 

लोग ढोकला लेकर बाबा की मजार पर पहुंचते हैं और उन्हें अर्पित करते हैं।

ढोकल बाबा की मजार की देखभाल करने वाले शोहरत अली बताते हैं कि एक बार लोगों का हुजूम बाबा के पास सूखे के दौरान पहुंचा। बाबा ने कहा कि बाबा ढोकल, पानी मोकल, इसके बाद शहर में खूब बारिश हुई।

हजरत निजामुद्दीन के शिष्य थे पानी बरसाने वाले बाबा ढोकल

Baba Dhokal is like Indradev as his blessings bring rains

अली के मुताबिक आज भी जह लोगों को सूखे का अंदेशा होता है तो वे बाबा ढोकल की मजार पर प्रार्थना करने आते हैं।

मजार प्रशासन के मुताबिक हजरत शेक मुहम्मद चिश्ती को बाबा डोकल के नाम से जाना जाता था। वह हजरत निजामुद्दीन के अनुयायी 12 खास शिष्यों में से एक थे। 

बाबा ढोकल से ढोकले का संबंध कैसे जुड़ा इस बारे में प्रशासन को कोई जानकारी नहीं, लेकिन हर गुरुवार को मुस्लिमों के अलावा भारी संख्या में हिंदू भी बाबा के नाम पर ढोकला बांटते देखे जाते हैं।

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