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तेलंगाना चुनाव: कांग्रेस ने मो. अजहरुद्दीन को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, बनाया प्रदेश अध्यक्ष
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 30 Nov 2018 02:28 PM IST
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मोहम्मद अजहरुद्दीन
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तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर आज कांग्रेस ने आज एक बड़ा एलान किया। कांग्रेस ने पूर्व सांसद और पूर्व क्रिकेटर मो. अजहरुद्दीन को तेलंगाना कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे पहले अजहरुद्दीन कांग्रेस के टिकट पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इसी के साथ कांग्रेस ने संदीप दीक्षित को एआईसीसी का सचिव भी नियुक्त किया।
बता दें कि अजहरुद्दीन ने 2019 का चुनाव अपने गृह प्रदेश तेलंगाना से लड़ने की इच्छा जताई थी। अजहरुद्दीन ने 2009 में यूपी के मुरादाबाद से चुनाव लड़ा था और संसद पहुंचे थे। 2014 में राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन हार गए।
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पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि हालांकि पार्टी आलाकमान तय करेगा कि उन्हें टिकट कहां से दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने सिकंदराबाद से लड़ने की अपनी इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि मैंने पहले मुरादाबाद से चुनाव लड़ा और उसके बाद टोंक चला गया। पर मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो हमेशा सुरक्षित खेलना पसंद करूं।
कांग्रेस का महागठबंधन
बता दें कि इस बार तेलंगाना में दिलचस्प मुकाबला होता नजर आ रहा है। कांग्रेस, टीडीपी, तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) और भाकपा ने टीआरएस से मुकाबला करने के लिये ‘प्रजाकुटामी’ (जनता का गठबंधन) बनाया है। क्या घटक दल अपना-अपना वोट एक-दूसरे को दिला पाएंगे, इस पर सबकी नजर है। राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों को मिले मतों का हिस्सा टीआरएस के मत प्रतिशत से अधिक था।
सत्तारुढ़ टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) को 2014 के विधानसभा चुनाव में 34.3 फीसदी वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 25.2 और टीडीपी को 14.7 फीसदी वोट मिले थे। टीडीपी का पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन था। भाजपा सात दिसंबर को होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में है। टीआरएस भी अकेले ही चुनाव लड़ रही है।
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Mohammad Azharuddin appointed as the working president of Telangana Congress Committee. pic.twitter.com/THwFQWE4bO
— ANI (@ANI) November 30, 2018
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बता दें कि अजहरुद्दीन ने 2019 का चुनाव अपने गृह प्रदेश तेलंगाना से लड़ने की इच्छा जताई थी। अजहरुद्दीन ने 2009 में यूपी के मुरादाबाद से चुनाव लड़ा था और संसद पहुंचे थे। 2014 में राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन हार गए।
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पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि हालांकि पार्टी आलाकमान तय करेगा कि उन्हें टिकट कहां से दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने सिकंदराबाद से लड़ने की अपनी इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि मैंने पहले मुरादाबाद से चुनाव लड़ा और उसके बाद टोंक चला गया। पर मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो हमेशा सुरक्षित खेलना पसंद करूं।
कांग्रेस का महागठबंधन
बता दें कि इस बार तेलंगाना में दिलचस्प मुकाबला होता नजर आ रहा है। कांग्रेस, टीडीपी, तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) और भाकपा ने टीआरएस से मुकाबला करने के लिये ‘प्रजाकुटामी’ (जनता का गठबंधन) बनाया है। क्या घटक दल अपना-अपना वोट एक-दूसरे को दिला पाएंगे, इस पर सबकी नजर है। राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों को मिले मतों का हिस्सा टीआरएस के मत प्रतिशत से अधिक था।
सत्तारुढ़ टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) को 2014 के विधानसभा चुनाव में 34.3 फीसदी वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 25.2 और टीडीपी को 14.7 फीसदी वोट मिले थे। टीडीपी का पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन था। भाजपा सात दिसंबर को होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में है। टीआरएस भी अकेले ही चुनाव लड़ रही है।