{"_id":"573ba0734f1c1b266dac760c","slug":"azam-khan-talks-on-amar-singh-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर सिंह की एंट्री पर बोले आजम, 'मालिक का फैसला मानना पड़ेगा'","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अमर सिंह की एंट्री पर बोले आजम, 'मालिक का फैसला मानना पड़ेगा'
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
Updated Wed, 18 May 2016 02:15 PM IST
विज्ञापन
अमर आजम
- फोटो : getty
देर रात रामपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे आजम खां ने अमर सिंह को राज्यसभा में भेजने के पार्टी के फैसले पर ऐतराज जताया है।
वरिष्ठ सपा नेता और कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कहा कि मेरी नजर में यह दुखद प्रकरण है। नेताजी (मुलायम सिंह) पार्टी के मालिक हैं और मालिक के फैसले को चुनौती देना मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। पार्टी में अब जयाप्रदा की वापसी के सवाल पर पर आजम बोले जो किस्मत में लिखा होगा वह माना जाएगा।
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा के सात और विधान परिषद के आठ उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी के संसदीय बोर्ड की मंगलवार की सुबह यहां हुई बैठक में प्रत्याशियों के चयन के लिए अधिकृत किए गए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने आजम खां और रामगोपाल यादव के विरोध के बावजूद अमर सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला किया।
सपा सुप्रीमो ने अपने पुराने मित्र और अभी हाल में ही सपा में लौटे बेनी प्रसाद वर्मा और राजभवन से ठुकराए गए बिल्डर संजय सेठ की भी राज्यसभा की उम्मीदवारी पर अपनी स्वीकृति की मुहर लगा दी। सेठ की तरह राज्यपाल के ऐतराज के चलते एमएलसी न बन पाने वाले पुराने साथी कमलेश पाठक और रणविजय को भी विधान परिषद भेजने का फैसला किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वरिष्ठ सपा नेता और कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कहा कि मेरी नजर में यह दुखद प्रकरण है। नेताजी (मुलायम सिंह) पार्टी के मालिक हैं और मालिक के फैसले को चुनौती देना मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। पार्टी में अब जयाप्रदा की वापसी के सवाल पर पर आजम बोले जो किस्मत में लिखा होगा वह माना जाएगा।
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा के सात और विधान परिषद के आठ उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी के संसदीय बोर्ड की मंगलवार की सुबह यहां हुई बैठक में प्रत्याशियों के चयन के लिए अधिकृत किए गए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने आजम खां और रामगोपाल यादव के विरोध के बावजूद अमर सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला किया।
विज्ञापन
सपा सुप्रीमो ने अपने पुराने मित्र और अभी हाल में ही सपा में लौटे बेनी प्रसाद वर्मा और राजभवन से ठुकराए गए बिल्डर संजय सेठ की भी राज्यसभा की उम्मीदवारी पर अपनी स्वीकृति की मुहर लगा दी। सेठ की तरह राज्यपाल के ऐतराज के चलते एमएलसी न बन पाने वाले पुराने साथी कमलेश पाठक और रणविजय को भी विधान परिषद भेजने का फैसला किया गया है।
विज्ञापन